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विश्वविद्यालय के खाता संचालन पर रोक हटने से अधिकारियों व कर्मियों में खुशी

Updated at : 04 May 2024 6:44 PM (IST)
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विश्वविद्यालय के खाता संचालन पर रोक हटने से अधिकारियों व कर्मियों में खुशी

<P><H2>प्रतिनिधि, </H2><H2>मधेपुरा</H2></P>पटना उच्च न्यायालय के राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय खाता संचालन पर रोक हटाने के आदेश के बाद बीएनएमयू के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों व पेंशनधारियों में खुशी का है. जानकारी

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प्रतिनिधि,

मधेपुरा

पटना उच्च न्यायालय के राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय खाता संचालन पर रोक हटाने के आदेश के बाद बीएनएमयू के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों व पेंशनधारियों में खुशी का है. जानकारी के अनुसार अब राज्य सरकार द्वारा बीएनएमयू को राशि निर्गत होते ही बीएनएमयू के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों व पेंशनधारियों के वेतन व पेंशन का त्वरित भुगतान होने की उम्मीद बढ़ गयी है. विश्वविद्यालय के खाता संचालन पर रोक लगने से जो स्नातक व स्नातकोत्तर के परीक्षाओं का संचालन पर भी संकट के काले बादल मंडराने लगा था, अब वह भी छंटता हुआ दिख रहा है. लोगों की मानें तो विश्वविद्यालय के खाता संचालन पर रोक लगने के कारण संबंधित अधिकारी अपने जेब या घर से लाखों रुपये लगाकर या फिर उधार लेकर छात्रहित में विभिन्न परीक्षाओं का संचालन करने में लगे थे और राजभवन का निर्देश मानने को विवश थे. अब तो उनका भी धैर्य जवाब देने लगा था. यह संकट शिक्षा विभाग द्वारा मार्च महीने से ही विश्वविद्यालय के सभी प्रकार के बैंक खातों का संचालन पर रोक लगाने से हुआ था. बीएनएमयू के बैंक खातों के संचालन पर रोक के कारण वेतन व पेंशन, इनकम टैक्स, बिजली बिल, भविष्य निधि, एनपीएस व दैनिक कार्यों के लिए व्यय भुगतान के साथ साथ उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन जैसे कार्य भी बाधित हो रहे थे. शिक्षा विभाग ने उन खातों पर भी रोक लगा दी थी, जिनमें सिर्फ छात्रों के पैसे होते हैं. दरअसल ऐसे खातों में वोकेशनल कोर्स के शुल्क शामिल होते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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