ePaper

तुर्की में कोचिंग कॉम्पलेक्स बनाने की कवायद तेज, जल्द ग्राउंड पर शुरू होगा काम

Updated at : 01 Dec 2025 8:08 PM (IST)
विज्ञापन
तुर्की में कोचिंग कॉम्पलेक्स बनाने की कवायद तेज, जल्द ग्राउंड पर शुरू होगा काम

<P><H2>सोनपुर मंडल की विशेष प्लानिंग, रामदयालु के साथ तुर्की स्टेशन होंगे विकसित, लंबी दूरी की ट्रेनों का बढ़ेगा संचालन</H2></P><H2>वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर </H2><P> तुर्की स्टेशन पर कोचिंग कॉम्पलेक्स बनाने की कवायद

विज्ञापन

सोनपुर मंडल की विशेष प्लानिंग, रामदयालु के साथ तुर्की स्टेशन होंगे विकसित, लंबी दूरी की ट्रेनों का बढ़ेगा संचालन

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

तुर्की स्टेशन पर कोचिंग कॉम्पलेक्स बनाने की कवायद तेज हो गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोनपुर मंडल से भेजी गयी रिपोर्ट के बाद पूर्व मध्य रेल (इसीआर) की ओर से प्रोजेक्ट पर लगभग स्वीकृति मिल गयी है. पूर्व में लिए गए जमीन के मापी के अनुसार तुर्की में दो वाशिंग पिट और दो प्लेटफॉर्म बनाएं जायेंगे. उसके बाद डिजाइन के साथ एरिया में भी विस्तार किया जायेगा. बता दें कि इसी वर्ष एक सितंबर से मुजफ्फरपुर जंक्शन आधिकारिक तौर पर सोनपुर मंडल से अलग हो कर समस्तीपुर मंडल में शामिल हो गया. अब रामदयालु स्टेशन सोनपुर और समस्तीपुर मंडल का सीमा बन गया है. वहीं रामदयालु स्टेशन सोनपुर मंडल में है. ऐसे में सोनपुर मंडल ने रामदयालु नगर और तुर्की स्टेशन को विकसित करने को लेकर विशेष प्लानिंग पर काम कर रही है. आने वाले दिनों में रामदयालु स्टेशन से दिल्ली, मुंबई सहित लंबी दूरी की गाड़ियों को चलाने की योजना है. ऐसे में हाजीपुर और रामदयालु के बीच में कोचिंग कॉम्पलेक्स की रफ्तार तेज हो गयी है. हाल में अधिकारियों की टीम ने तुर्की स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद जमीन की मापी ली और डिजाइन भी तैयार किया.

कोचिंग कॉम्पलेक्स से होगी सुविधा

कोचिंग कॉम्पलेक्स रेलवे के लिए एक ऐसी सुविधा होती है, जहां ट्रेन के डिब्बों का व्यापक रख-रखाव, धुलाई, मरम्मत और और तकनीकी जांच होगी. यह परिसर एक साथ कई ट्रेन को संभालने की क्षमता रखता है, जिससे उन्हें संचालन के लिए तैयार करने में लगने वाला समय कम हो जाता है. इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलता है, क्योंकि इससे ट्रेन की उपलब्धता बढ़ती है. उनकी साफ-सफाई सुरक्षा सुनिश्चित होती है.

परिचालन में आएगी तेजी

वर्तमान में ट्रेनों के रख-रखाव के लिए कई बार दूर डिपो में भेजना पड़ता है, जिससे समय और संसाधन दोनों लगता है. कोचिंग कॉम्पलेक्स बनने से काफी हद तक यह समस्या कम हो जाएगी. इससे ट्रेनों का टर्नअराउंड टाइम (एक यात्रा पूरी करने के बाद अगली यात्रा के लिए तैयार होने का समय ) कम होगा. जिससे ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को पटरी पर उतारा जा सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
LALITANSOO

लेखक के बारे में

By LALITANSOO

LALITANSOO is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola