शिक्षा: विद्यार्थियों के हित में अकादमिक सत्रों को समय पर पूरा करें विश्वविद्यालय- शिक्षा मंत्री

Updated at : 11 Feb 2025 7:15 PM (IST)
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शिक्षा: विद्यार्थियों के हित में अकादमिक सत्रों को समय पर पूरा करें विश्वविद्यालय- शिक्षा मंत्री

<P>शिक्षा: विद्यार्थियों के हित में अकादमिक सत्रों को समय पर पूरा करें विश्वविद्यालय- शिक्षा मंत्री-एसीएस ने वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन पर दिया जोर </P>-कुलपतियों के साथ बैठक ---<P>संवाददाता,पटना </P>शिक्षा मंत्री

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शिक्षा: विद्यार्थियों के हित में अकादमिक सत्रों को समय पर पूरा करें विश्वविद्यालय- शिक्षा मंत्री-एसीएस ने वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन पर दिया जोर

-कुलपतियों के साथ बैठक —

संवाददाता,पटना

शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता और अपर मुख्य सचिव की मौजूदगी में राज्य के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ मंगलवार को हुई बैठक में विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को दो टूक बताया गया कि वह अपने अकादमिक सत्र को नियमित करें. परीक्षा समय पर करायी जाये. खासतौर पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विश्वविद्यालयों से कहा कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अकादमिक सत्र समय पर पूरा करें. ताकि विद्यार्थियों को समय पर डिग्री मिले. उनके कैरियर में किसी तरह की बाधा न आये. उन्होंने विश्वविद्यालयों में उद्यमिता, इन्यूबेशन और कौशल विकास पर ध्यान देने के लिए कहा. प्लेसमेंट कराने पर भी जोर दिया.

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन में सुधार की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी हो. अंक सूची/डिग्री समय पर दिया जाये. साथ ही समय पर परीक्षा आयोजित हो. अपर मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों में नामांकन समर्थ पोर्टल को अपडेट कराने को कहा. एसीएस ने कहा कि वित्तीय पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन जरूरी है. विश्वविद्यालयों से कहा कि विभाग की तरफ से नियुक्त कनकरेंट ऑडिटर का सहयोग लें. बैठक में कुलपतियों ने भी अकादमिक सत्र और आधारभूत संरचना की बेहतरी के लिए जरूरी सुझाव दिये. शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी. बैठक में पीएम ऊषा योजना के बारे में व्यापक चर्चा की गयी. इस योजना में 382.2 करोड़ की राशि दी गयी है. इसमें 100 करोड़ की निविदा निकाली जा चुकी हैं. बैठक में विश्वविद्यालय डीजी लॉकर ,एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट एवं समर्थ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कहा. बैठक में विश्वविद्यालय कर्मियों के पेंशन भुगतान में आ रही बाधा दूर करने के लिए कहा है.

इन विश्वविद्यालयों के सत्र चल रहे लेट —

–तीन वर्षीय स्नातक कोर्स के सत्र की स्थिति—-

– सत्र 2021-2024 में में जेपीयू का दूसरा सत्र 24 माह देरी से है.

-सत्र 2022-2025 के सत्र की दूसरे वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं ब्राबु ,जेपीयू,केएसडीएसयू, एलएनएमयू, मगध और मुंगेर विवि का सत्र छह-छह माह विलंब से

-इसी सत्र में वीकेएसयू की तीसरे साल की वार्षिक परीक्षाएं देरी से हैं.

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चार वर्षीय स्नातक कोर्स सत्र की स्थिति

सत्र 2023-2027 में जेपीयू का प्रथम सेमेस्टर 12 महीने देरी से-

-इसी सत्र में एकेयू, केएसडीएसयू, एलएनएमयू, मगध, एमएमएचएपीयू, मुंगेर और वीकेएसयू के दूसरा सेमेस्टर छह-छह माह दूरी से हैं.

-सत्र 2024-2028 में ब्राबु, एलएनएमयू ओर मगध का पहला सेमेस्टर दो-दो माह, जेपीयू और केएसडीएसयू में यह देरी तीन माह की एवं और मुंगेर विवि का और टीएमबीयू का पहला सेमेस्टर का एक माह लेट है.

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स्नातकोत्तर सेशन की स्थिति

– सत्र 2020 -2022 में जेपीयू का चौथा सेमस्टर करीब 30 माह देरी से चल रहा है.

– सत्र 2021-2023 में जेपीयू का तीसरा सेमेस्टर और कामेश्वर सिंह संस्कृत विवि का चौथा सेमेस्टर 18 माह देरी से चल रहा है.

– 2022-2024 में जेपीयू और मगध विवि का पहला सेमेस्टर क्रमश: 30 और 24 माह, केएसडीएसयू तीसरा सेमेस्टर 18 माह , और एकेयू, बीआरए बिहार विवि और एलएनएमयू का चौथा सेमेस्टर देरी से चल रहा है.

-2023-2025 में केएसडीएसयू और मगध विवि का पहला सेमेस्टर, एकेयू,एलएनएमयू ,वीकेएसयू और मुंगेर विवि का दूसरा सेमेस्टर और बीआरए बिहार विवि का पहला सेमेस्टर देरी से चल रहा है. जेपीयू में सत्र 2023-25 के लिए अभी एडमिशन चल रहे हैं

सत्र 2024-2026 में बीआरए बिहार विवि, जेपीयू , केएसडीएसयू ,एलएनएमयू, मगध विवि और मुंगेर विवि, पूर्णिया और वीकेएसयू का पहला सत्र ही लेट चल रहा है.

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