seraikela kharsawan news: जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए शिक्षा सर्वश्रेष्ठ माध्यम : प्राचार्या

Edited by PRATAP MISHRA
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<P><H2>सरायकेला. </H2>सरायकेला महिला महाविद्यालय में शनिवार को इतिहास विभाग की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार सामाजिक सुधार के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान विषय पर आधारित

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सरायकेला.

सरायकेला महिला महाविद्यालय में शनिवार को इतिहास विभाग की ओर से सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार सामाजिक सुधार के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान विषय पर आधारित था. कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर स्पार्कलीन देई ने कहा कि समाज सुधार के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का अहम योगदान रहा है. उन्होंने समाज में चल रहे छुआछूत, बाल विवाह और महिलाओं के साथ भेद-भाव के खिलाफ समाज को जागरूक किया. प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने का मार्ग प्रशस्त करता है.

समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता सावित्रीबाई फुले की देन

कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालय के इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ चंद्रशेखर राय ने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं. कार्यक्रम में उपस्थित अंग्रेजी विभाग के शिक्षक डॉ राजेश कुमार मंडल एवं राजनीतिक विभाग की शिक्षिका चंपा पॉल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्रा सोमावरी सोय, संध्यावती सरदार, प्रीति गुंदुआ, सानिया हेंब्रम, पुष्पा दिग्गी एवं प्रतिमा परिहारी ने भी अपने विचार साझा किया.

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