रसिया बांसबाड़ी में निर्माणाधीन स्कूल भवन में घटिया सामग्री का उपयोग करने का आरोप

Updated at : 19 May 2024 7:17 PM (IST)
विज्ञापन
रसिया बांसबाड़ी में निर्माणाधीन स्कूल भवन में घटिया सामग्री का उपयोग करने का आरोप

प्रतिनिधि, पौआखाली सर्व शिक्षा अभियान के तहत करीब तीस लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन स्कूल भवन में संवेदक पर अनियमितता बरतने का आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाया जा रहा

विज्ञापन

प्रतिनिधि, पौआखाली सर्व शिक्षा अभियान के तहत करीब तीस लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन स्कूल भवन में संवेदक पर अनियमितता बरतने का आरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाया जा रहा है. मामला ठाकुरगंज प्रखंड के ग्राम पंचायत रसिया का है जहां वार्ड संख्या दो स्थित बांसबाड़ी टोला में निर्माण कराये जा रहे चार कमरों वाले स्कूल भवन में स्थानीय ग्रामीण गिरजानंद सिंह ने एस्टीमेट प्रावधान में शामिल बालू के साथ साथ लोकल बालू से भी कार्य करवाने का आरोप लगाया है. गिरजानन्द सिंह के मुताबिक स्कूल के भवन निर्माण में शुरुआती दौर से ही गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य को अंजाम दिया जाने लगा था मगर उनके तथा अन्य स्थानीय ग्रामीणों के विरोध किये जाने के बाद गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य के लिए संवेदक को बाध्य होना पड़ा. किंतु इतना सब होने के बाद भी निर्माण स्थल पर चपाती नहर का बालू डंप कराकर एकबार पुनः गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य करवाया जा रहा है जिसकी जांच होनी चाहिए. गिरजानन्द ने कहा कि निर्माण स्थल पर संवेदक के द्वारा योजना की जानकारी से संबंधित सूचनापट तक नहीं लगाया गया है ना ही प्राक्कलन बोर्ड ही लगाया गया है. वहीं इस कार्य में लगे मजदूरों ने इतना जरूर कहा है कि संवेदक जैसा भी रॉ मटीरियल उपलब्ध कराया है वे लोग उन्ही से कार्य को अंजाम दे रहे हैं. वहीं इस संबंध में संवेदक के पति मो मुज्तर ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए कहा है कि आरोप बेबुनियाद है. चेंगा नदी के बालू का एस्टीमेट में प्रावधान है बावजूद पूरे भवन का सिलीगुड़ी बालू से ही निर्माण कार्य करवाया गया है. हां दो ट्रैक्टर लोकल बालू पबना नदी से निर्माण स्थल में गिरवाया गया तो था जिसे हटा लिया गया है. छत ढलाई के वक्त भी पाकुड़ गिट्टी की कमी की संभावना को देखते हुए कुछ मात्रा में सिलीगुड़ी से गिट्टियां मंगवाई गई थी जिनपर आपत्ति जताया गया था और जिसका उपयोग छत ढलाई में नही बल्कि बाथरूम में किया गया है. वहीं खबर प्रेषण के दौरान पक्ष जानने के लिए विभागीय कनीय अभियंता से संपर्क करने पर उनका मोबाइल फोन बंद मिला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola