बर्मन कॉलोनी में बंगाली रीति-रिवाज से रही है दुर्गापूजा

दशमी को महिलाओं के द्वारा सिंदूर खेला जाता है
राजमहल. शहर के वार्ड-छह स्थित बर्मन कॉलोनी में 18 वर्षों से दुर्गापूजा होते आ रही है. मंदिर के अध्यक्ष किशन बर्मन ने बताया कि 2008 में मैंने पहली बार अपने घर के बगल में मिट्टी की वेदी बनाकर पूजा शुरू की. उस वक्त दुर्गा मंदिर नहीं बना था. अब समाज के सहयोग से पक्के का भाव्य दुर्गा मंदिर बनाया गया है. 2009 में समाज के सहयोग से दुर्गापूजा समिति का नाम दिया गया. अब सार्वजनिक सहयोग से पूजा की जाती है. यहां बंगाली समुदाय के लोग अधिक रहते हैं. इस कारण बंगाली परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार पूजा की जाती है. पूजा करने के लिए नदिया जिला से पुरोहित अमोल चक्रवर्ती आते हैं. अष्टमी एवं नवमी को यहां महाभोग का वितरण किया जाता है. नवमी की रात्रि बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किये जाते हैं. दशमी को महिलाओं के द्वारा सिंदूर खेला जाता है. मंदिर के सदस्य सचिव राजीव रंजन, सुकुमार विश्वास, रवि बर्मन, विष्णु पोद्दार, अमित विश्वास, राजू बरई, विजय बर्मन, जय बर्मन, शेखर बर्मन, विशाल बर्मन, अरूप बर्मन आदि पूजा की तैयारी में जुटे हैं.
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