कंचनजंघा टूरिस्ट फेस्टिवल में शामिल हुए विधायक, साहिबगंज के पर्यटन स्थलों की दी जानकारी

साहिबगंज (फाइल फोटो)
मुख्य पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को उजागर
राजमहल. साहिबगंज जिला झारखंड समेत मुख्य पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को उजागर करते हुए पहली बार कंचनजंघा टूरिस्ट फेस्टिवल में शामिल हुआ. इस पहल की शुरुआत राजमहल विधायक मो ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने की. उन्होंने बताया कि नॉर्थ ईस्ट का प्रमुख केंद्र सिलीगुड़ी में आयोजित फेस्टिवल में झारखंड और विशेष रूप से साहिबगंज जिले को जोड़ने का प्रयास किया गया है. इसका उद्देश्य क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करना और यहां बड़े पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित करना है. सरकार द्वारा सुविधाओं और सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जायेगी. राजमहल विधायक ने कहा कि उनका क्षेत्र पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाका होने के साथ नॉर्थ ईस्ट को भी जोड़ता है. राजमहल की पहाड़ियां, गंगा की अविरल धारा और इसका ऐतिहासिक तथा अध्यात्मिक महत्व पर्यटकों को आकर्षित करता है. यहां विदेशी पर्यटक समय-समय पर आते हैं. झारखंड की संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों का अनुभव करते हैं.
साहिबगंज जिले में प्रमुख पर्यटन स्थल हैं :
बर्ड सेंचुरी (उधवा), मोती झरना जलप्रपात, अमर शहीद सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह, पंचकठिया बरहेट क्रांति स्थल, इस्कॉन मंदिर, जामी मस्जिद, बाराद्वारी, सिंघी दलान, अकबरी मस्जिद, फांसी घर, फॉसिल्स पार्क और फूड ग्रैंड फॉसिल्स. गंगा तट पर माघी पूर्णिमा मेला भी आयोजित होता है, जिसमें झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और नेपाल के आदिवासी श्रद्धालु सात दिनों तक पूजा-अर्चना करते हैं. इसे आदिवासी महाकुंभ भी कहा जाता है.राज्य के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल हैं : रांची के हुंडरू फॉल्स, जोन्हा फॉल्स, दसम फॉल्स, टाइगर हिल, रॉक गार्डन, बिरसा जूलॉजिकल पार्क, जगन्नाथ और दिउड़ी मंदिर, रामगढ़ के रजरप्पा मंदिर, गिरिडीह के पारसनाथ मंदिर, दुमका का मसानजोर डैम और बाबा बासुकीनाथ मंदिर, धनबाद का मैथन डैम और पंचैत डैम, देवघर का बाबा बैजनाथ धाम मंदिर और त्रिकूट पर्वत, पर्यटक झारखंड आसानी से ट्रेन और एयरपोर्ट के माध्यम से पहुंच सकते हैं. टूरिस्ट फेस्टिवल में साहिबगंज के पर्यटन स्थलों के वीडियो फुटेज और जानकारी साझा की गयी. फ्लेक्स और हैंडबिल भी वितरित किये गये. स्थानीय लोग और व्यवसायियों ने इस पहल की सराहना की. नॉर्थ ईस्ट पर्यटन विशेषज्ञ राज बसु, पूर्व भारतीय फुटबॉलर और भारतीय टीम के कप्तान बाईचुंग भूटिया, भूटान के मेयर और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. यह फेस्टिवल तीन दिनों तक आयोजित किया गया.
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