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सत्याग्रह रद्द, सप्तक्रांति समेत कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट, आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनें रद्द

Updated at : 26 Sep 2025 6:14 PM (IST)
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सत्याग्रह रद्द, सप्तक्रांति समेत कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट, आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनें रद्द

गोरखपुर-डोमिनगढ़ तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण कार्य के कारण 22 से 26 सितंबर तक कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है.

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नरकटियागंज. गोरखपुर-डोमिनगढ़ तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण कार्य के कारण 22 से 26 सितंबर तक कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर शुक्रवार यानि 26 सितंबर को देखने को मिला. नरकटियागंज से गोरखपुर के लिए एक भी ट्रेन नहीं खुली सत्याग्रह, सप्तक्रांति और अवध एक्सप्रेस समेत अन्य गाड़ियों का रूट डायवर्ट रहा तो सभी पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने से गोरखपुर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. नॉन इंटरलॉकिंग को ले गोरखपुर जंक्शन से विभिन्न रूटों पर चलने वाली 46 ट्रेनें रद्द की गई हैं और 32 ट्रेनें वैकल्पिक मार्ग से चलाई जा रही है. इससे पर्व त्यौहार पर घर आने वाले या फिर दूसरे प्रदेशों खासकर साउथ इंडिया, गुजरात, दिल्ली आदि जगहों पर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही है. 12557 मुज़फ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस 26 सितंबर को डायवर्ट होकर निर्धारित मार्ग की बजाय छपरा-औदिहार-वाराणसी-अयोध्या केंट-बाराबंकी मार्ग से चलाई गयी. जबकि 55095 नरकटियागंज गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन 20 से 28 सितंबर तक रद्द कर दी गयी है. वहीं 55098 गोरखपुर से नरकटियागंज 21 से 29 सितंबर तक, 55096 गोरखपुर से नरकटियागंज 23 सिंबतर से एक अक्तूबर, 55097 नरकटियागंज से गोरखपुर 22 से 30 सितंबर, 55047 नरकटियागंज से गोरखपुर 21 से 29 सितंबर और 55039 नरकटियागंज से बढ़नी पैसेजर ट्रेन 23 सितंबर से एक अक्तूबर तक रद्द रहेगी. यात्री बोले छावनी तक तो चला ही सकते थे ट्रेनें नरकटियागंज जंक्शन पर पहुंचे रेल यात्रियों में रेलवे के प्रति जहां आक्रोश दिख रहा था. वहीं मन में ये टीस भी थी कि ऐसा पहले नहीं होता था. शिवगंज के कृष्णा प्रसाद, रूपेश कुमार, गीता देवी ने बताया कि उन्हें गोरखपुर जाना था. स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि गोरखपुर के लिए एक भी ट्रेन नहीं है. रूपेश के पिता रामप्रीत पड़ित की तबियत खराब है, उन्हें गोरखपुर ले जाना था, रूपेश ने बताया कि पहले जब रेलवे में काम होता था तो कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक रूप से चलाया जाता था. डायवर्सन बनता था, लेकिन अब सीधे ट्रेने रद्द की जा रही है. वो भी स्टेशन पहुंचने पर पता चलता है कि ट्रेनें रद्द हैं. वहीं सिकटा के मो. कासिम ने बताया कि उन्हें गुजरात जाना है, लेकिन ट्रेनों की जिस प्रकार स्थिति है, उससे वो समय पर नहीं पहुंच सकते. गोरखपुर पहुंचना ही मुश्किल बात है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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