मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से की ब्रह्मांड की रचना : आचार्य राजेंद्र महाराज

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मां दरबार प्रांगण कचहरी स्टेशन परिसर में गुरुवार को आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा का चौथा दिन संपन्न हुआ.

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सहरसा. मां दरबार प्रांगण कचहरी स्टेशन परिसर में गुरुवार को आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा का चौथा दिन संपन्न हुआ. प्रतिदिन की भांति कथा का आयोजन दोपहर तीन बजे से संध्या छह बजे तक किया गया. जिसे सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य राजेंद्र महाराज ने प्रस्तुत किया. कथा के आरंभ से ही भक्तों की भारी उपस्थिति रही एवं पूरे परिसर में श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत वातावरण व्याप्त रहा. कथा में महाराज ने दुर्गा माता के चौथे स्वरूप देवी कुष्मांडा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी. इस दिन उनकी पूजा-अर्चना से रोग, शोक एवं कष्ट दूर होते हैं व धन, यश,आय में वृद्धि होती है. जिससे घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है. महाराज ने कहा कि मां कुष्मांडा ने ही सूर्य की उत्पत्ति की थी एवं अपने भक्तों को सूर्य के समान तेज प्रदान कर अंधकार रूपी कष्टों से मुक्ति का आशीर्वाद दिया.

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