New Parliament Inauguration Live: भूपेश बघेल बोले, नेहरू की आलोचना करने वाले आज उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे
**EDS: IMAGE VIA PMO** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi prostrates before the ‘Sengol’ at the inauguration of the new Parliament building, in New Delhi, Sunday, May 28, 2023. (PTI Photo)(PTI05_28_2023_000009B)
New Parliament Building Controversy LIVE Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नये संसद भवन का उद्घाटन कर दिया है. इस दौरान भव्य समारोह का आयोजन किया गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा कक्ष में ‘सेंगोल’ (राजदंड) स्थापित किया. इससे पहले तमिलनाडु के अधीनम के पुजारियों ने ‘राजदंड’ पर पुष्प अर्पित किये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नये संसद भवन के उद्घाटन के हवन में हुए शामिल. नये संसद भवन के उद्घाटन को लेकर आ रहे हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ
नेहरू की आलोचना करने वाले आज उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे
नये संसद भवन को लेकर जारी बवाल पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा, नेहरू की अब तक आलोचना करने वाले आज उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं. लेकिन जब नेहरू को सेंगोल मिला तो अंग्रेज भारत छोड़ रहे थे और सत्ता का हस्तांतरण हो रहा था लेकिन आज सत्ता का कैसा हस्तांतरण हुआ?…क्या हम जा रहे हैं? लोकतंत्र से राजशाही ?
कानून मंत्री बोले- पुराने संसद भवन में उतनी सीटें नहीं, इसलिए नये की जरूरत थी
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, पुराने संसद भवन में उतनी सीटें नहीं हैं, नए संसद भवन की जरूरत थी और विपक्ष इसे अच्छी तरह जानता है. उन्हें यह बात पसंद नहीं आ रही है कि पीएम मोदी ने इतना अच्छा किया किया है.
कांग्रेस देश में हो रही अच्छी चीजों को बर्दाश्त नहीं कर सकती
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस देश में हो रही अच्छी चीजों को बर्दाश्त नहीं कर सकती, वे ‘सेंगोल’ के बारे में झूठ बोल रही हैं. संसद लोकतंत्र का मंदिर है, और राजद जिस तरह से नई संसद के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जनता उन्हें करारा जवाब देगी.
New Parliament Inauguration Live: महान चोल साम्राज्य में सेंगोल को कर्तव्य पथ का प्रतीक माना जाता था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज इस ऐतिहासिक अवसर पर कुछ देर पहले संसद की नई इमारत में पवित्र सेंगोल की भी स्थापना हुई है. महान चोल साम्राज्य में सेंगोल को कर्तव्य पथ का, सेवा पथ का, राष्ट्र पथ का प्रतीक माना जाता था. राजा जी और अधिनम के संतों के मार्ग दर्शन में यही सेंगोल सत्ता के हस्तातंरण का प्रतीक बना था. तमिलनाडु से विशेष तौर पर अधिनम के संत भवन में हमें आशीर्वाद देने के लिए उपस्थित हुए थे. उन्होंने कहा कि यह नया भवन हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपने को साकार करने का साधन बनेगा. यह नया भवन आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा. यह नया भवन विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धी होते हुए देखेगा.
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By अमिताभ कुमार
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