रिश्तों में माफ़ी भी है जरुरी

Updated at : 23 Oct 2015 11:42 PM (IST)
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रिश्तों में माफ़ी भी है जरुरी

रिश्तों में गलतियों को माफ कर देने से विश्वास बढ़ता है. माफ़ी दुनिया का सबसे खुबसूरत लफ्ज है जिससे किसी को भी खुश किया जा सकता है. न सिर्फ दिल बल्कि माफ़ी सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है. हम सभी से गलतियां होती हैं और हम सभी को एक दूसरे की जरुरत भी है […]

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रिश्तों में गलतियों को माफ कर देने से विश्वास बढ़ता है. माफ़ी दुनिया का सबसे खुबसूरत लफ्ज है जिससे किसी को भी खुश किया जा सकता है. न सिर्फ दिल बल्कि माफ़ी सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है.

हम सभी से गलतियां होती हैं और हम सभी को एक दूसरे की जरुरत भी है लेकिन रिश्तों में एक गलती लम्बी दूरी ला देती है. जिसके बाद मन में खट्टास और दिल में अनकहा दर्द बस के रह जाता है. इस तकलीफ से छुटकारा पाने के लिए माफ़ी सबसे अच्छा इलाज है. आइए जाने क्यों है माफ़ी जरुरी…

माफ़ करने के बड़े फायदे…

एक कहावत है क्षमा बड़न को चाहिए, छोटन को उत्पात, जो रिश्तों के मामले में बिलकुल सही बैठती है. न सिर्फ व्यवहारिक रूप से बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी गलतियों को माफ कर देने से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. माफ़ करने की भावना से न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है.

माफ़ी दें और लें भी…

माफ़ी मांगने के साथ किसी व्यक्ति को माफ़ करना भी आना जरुरी है. माफ़ी देने से माफ करने वाले इंसान की सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है. सबसे पहले तो उसका दिल हल्का हो जाता है और मन को ख़ुशी का एहसास होता है. यही नहीं क्षमादान यानी माफ़ी देने से गलतियों को स्वीकारने, उनके लिए पश्चाताप करने और किसी को जाने-अंजाने पहुंचाई क्षति की भरपाई या लोककल्याण के लिए काम करने की शुरुआत हो जाती है.

माफ़ करें और दिलदार बने…

डॉक्टर्स भी कहते हैं कि माफ़ करने से हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है. गुस्से पर काबू कर ना और किसी की गलती पर उसे माफ़ कर देने वालों का ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. लोग भी कहतें हैं जो लोग माफ़ करते हैं वो बड़े दिलदार होते हैं. आपकी साख भी आपकी माफ़ी में है इसलिए माफ़ करना सीखिए.

टेंशन को जाए भूल…

किसी गलती को माफ़ कर देने से आप टेंशन से दूर रह सकते हैं. रिश्तों में तनाव न सिर्फ एक परिवार को बल्कि आपस में जुड़े कई परिवारों को तनाव देता है. कई बार हम लोगों को बिना वजह ही आहत कर बैठते हैं और ये बात दिमाग में चलती रहती है. इससे कई रिश्ते बिगड़ते हैं. इन सब से बचने के लिए माफ़ करना सबसे बेहतर होता है.

आत्मग्लानि से मुक्ति पाए…

अपनी गलतियों को याद कर खुद को उनके लिए माफ करने की कोशिश करें. इसके लिए रोज रात को सोने से पहले आप कह सकते हैं, ‘मैं खुद को अपनी द्वारा की गई गलतियों के लिए माफ करता/करती हूं, और ये प्रण करता/करती हूं कि भविष्य में इन्हें नहीं दोहराउंगा/दोहराउंगी.माफ़ी दे कर और माफ़ी पा कर दोनों पक्ष आत्मग्लानि से उबर सकतें हैं.

क्रोध, उत्तेजना, उदासी करें दूर

ये तो हम सभी जानते है कि किसी के प्रति दिल में गुस्से की आग जलाए रखने से सिवाए उदासी, उत्तेजना और परेशानी के कुछ नहीं मिलता लेकिन फिर भी हम इसे वव्यवहार में नहीं लाते. माफ न करने से क्रोध, उत्तेजना, उदासी व नियंत्रण में न रह पाने की भावना बनी रहती है. जबकि माफ कर देने से इन सभी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है.

माफी रिश्तों की अहमियत बढ़ा देती है

हमारे बड़े हमेशा कहते हैं, माफ करने से प्रेम पैदा होता है, प्रेम जीवन में आनंद को लाता है, यदि जीवन में प्रेम हो तो शत्रु नहीं होंगे और जब शत्रु नहीं होगे तो जीवन सरसता के साथ व्यतीत होगा. माफ कर देने से पुराने टूटे रिश्तों में भी नई जान आ जाती है और नए रिश्तों में गहरी मजबूती और विश्वास का बीज फूटता है.

तो माफ़ करें और खुश रहें.

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