माता-पिता के लिए असहनीय है बच्चों का ऐसा कदम
Updated at : 22 Oct 2015 7:16 AM (IST)
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वीना श्रीवास्तव साहित्यकार व स्तंभकार, इ-मेल : veena.rajshiv@gmail.com मैं चार बच्चों के इ-मेल्स आपसे शेयर करूंगी. इन इ-मेल्स को शेयर करते मुझे हुए बहुत दुख हो रहा है. दुख इसलिए कि हमारे बच्चे आज कहां से कहां पहुंच गये. आज पहलेवाला समय नहीं रहा, जब बच्चे खुद ही इन बातों से दूर रहते थे और […]
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वीना श्रीवास्तव
साहित्यकार व स्तंभकार, इ-मेल : veena.rajshiv@gmail.com
मैं चार बच्चों के इ-मेल्स आपसे शेयर करूंगी. इन इ-मेल्स को शेयर करते मुझे हुए बहुत दुख हो रहा है. दुख इसलिए कि हमारे बच्चे आज कहां से कहां पहुंच गये. आज पहलेवाला समय नहीं रहा, जब बच्चे खुद ही इन बातों से दूर रहते थे और घरवालों को पता चलने के डर से बहकते-बहकते भी बच जाते थे. तब भी प्रेम प्रसंग होते थे, मगर इक्का-दुक्का और होते भी थे तो बच्चे अपनी मर्यादा को नहीं लांघते थे. आजकल हर दूसरे बच्चे का अफेयर है.
वह भी छोटी कक्षाओं में. बात यहीं तक नहीं है, जिसने प्यार से हंस कर बोला, उसी से प्यार हो जाना और फिर घूमना-फिरना और मर्यादाओं को लांघना. उसके बाद किसी भी वजह से ब्रेकअप हो जाये, तो बच्चे एक-दूसरे के लिए रोते हैं और पढ़ाई के समय इन बातों से कैरियर दावं पर लगता है. दो मेल बेटियों और दो मेल बेटों के हैं, जिनमें एक लड़की 11वीं, दूसरी ग्रेजुएशन सेकेंड इयर में और एक लड़का बीएससी फाइनल में और दूसरा 12वीं में पढ़ता है. चारों के हालात एक जैसे ही हैं. सभी को ही प्यार हुआ.
सभी किसी-न-किसी बहाने बाहर मिलते रहे, यहां तक कि एक लड़के के दोस्त ने मदद की और अपने घर पर मम्मी-पापा के ऑफिस और भाई-बहनों के स्कूल जाने के बाद मिलने का मौका दिया. चारों बच्चों ने छोटी उम्र में ही प्यार की सारी हदें पार कीं और चारों ने ही आत्महत्या का प्रयास किया. यही मेरे दुख का कारण है. सिर्फ मेरे नहीं, किसी भी माता-पिता के लिए यह असहनीय है. बच्चे आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लें, तो इससे ज्यादा कष्टकारी किसी भी माता-पिता के लिए और क्या होगा ? पहले एक बेटी का दर्द सुनिए.
वह दसवीं में थी तभी उसे अपने भाई के दोस्त से प्यार हुआ. भाई का दोस्त होने के नाते घर में उसका आना-जाना रहता था. इसी दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आ गये. वह कई बार भाई और घरवालों की अनुपस्थिति में भी घर आता, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ. लड़की के परिवारवाले लड़कियों के ज्यादा पढ़ने और नौकरी करने के खिलाफ हैं. इसीलिए उन्होंने ग्रेजुएशन में ही उसका विवाह तय कर दिया. तब लड़की ने घर पर बताया.
यह बताने के बाद घर पर हंगामा हो गया. दांत काटी रोटीवाले दोस्त एक-दूसरे की जानी दुश्मन हो गये. बात लड़के के परिवारवालों तक पहुंची. दोनों की जाति अलग होने और लड़के के कुछ न करने के कारण लड़की के घरवाले किसी कीमत पर शादी करने को तैयार नहीं थे.
वह लड़की कहीं और शादी नहीं करना चाहती थी, क्योंकि उसे आत्मग्लानि हो रही थी कि जब वह किसी और को चाहती है और चाहत में सारी दूरियां मिट गयीं, तो वह कैसे किसी और के साथ जीवन जी पायेगी? लड़की के घरवालों ने कह दिया कि अगर उसने कोई ऐसी-वैसी हरकत की, तो वह लड़के और उसके परिवारवालों के साथ क्या करेंगे, वह सोच भी नहीं सकती. लड़के और उसके घरवालों को इतना डराया कि लड़के ने भी शादी से इनकार कर दिया. उसने कहा कि “मैं अपने माता-पिता से बहुत प्यार करता हूं. मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से उन पर कोई आंच आये. तुम्हारे भाई और पापा ने धमकी दी है कि अगर मैं तुम्हारी जिंदगी से नहीं गया, तो वे मुझे और मेरे परिवारवालों को छोड़ेंगे नहीं. क्या फायदा ऐसी जिंदगी का, जब हम सुरक्षित ही न रहें.
वे तुम्हें तो एक बार के लिए छोड़ भी देंगे, क्योंकि तुम उनकी बेटी हो लेकिन मुझे नहीं छोड़ेगे. वे मुझे क्या मेरे माता-पिता, भाई-बहन के साथ क्या करेंगे कुछ नहीं पता. इसलिए अच्छा होगा कि तुम मुझे भूल जाओ और वे जहां कह रहे हैं तुम वहां शादी कर लो.” वह इस कदर टूट गयी कि उसने आत्महत्या की कोशिश की, क्योंकि वह खुद को माफ नहीं कर पा रही थी.
वह यह सोच कर दुखी है कि जिससे उसने प्यार किया, उसे ही अपना पति माना, अब किसी और से शादी करके वह कैसे उसके सामने जायेगी? अगर वह बताती है तो क्या वुड बी हसबैंड उसे माफ कर सकेगा और अगर नहीं बताती है, तो क्या उसके साथ धोखा नहीं होगा? अब वह इस दुविधा के कारण खुद को तैयार नहीं कर पा रही.
एक बेटे का मेल है, जो 11वीं में पढ़ता है. उसे भी ट्यूशन क्लास में एक लड़की से प्यार हुआ. दोनों फेसबुक फ्रेंड बने. चैटिंग होती रही फिर दो महीने ही बाद लड़के ने प्रपोज किया और फिर उसने लिखा है- “एवरीथिंग हैपेंड, देट यू मे नो वैरी वेल”. अब ये शब्द बता रहे हैं कि वे किस हद तक एक-दूसरे के करीब थे. इसके बाद लड़के ने लड़की का प्यार आजमाने के लिए बोला कि मुझे ब्रेन ट्यूमर है. कुछ समय बाद उसे महसूस हुआ कि उसने झूठ बोल कर ठीक नहीं किया और उसने सच बता दिया.
लड़की को इस झूठ से धक्का लगा फिर भी उसने लड़के को माफ कर दिया, लेकिन दस दिनों के बाद ही लड़की ने कहा कि वह अपने संबंध खत्म करना चाहती है, क्योंकि उसके घरवालों को पता चल गया है. इस वजह से वह इतना डिप्रेस हो गया कि लड़की को सुसाइड नोट देकर आत्महत्या का प्रयास किया. इसके बाद लड़के के घरवालों को भी पता चल गया और उन्होंने लड़की से दूर रहने को कहा. लड़के को करीब तीन महीने लगे ठीक होने में. वह जानता है किपढ़ाई जरूरी है. बोर्ड की परीक्षा है, लेकिन वह उसे नहीं भूल पा रहा. जब पढ़ने बैठता है तो पढ़ाई में मन नहीं लगता और वह रोता है.
(क्रमश:)
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