पुराने दर्द की कारगार दवा है भांग

Updated at : 05 Oct 2015 12:27 AM (IST)
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पुराने दर्द की कारगार दवा है भांग

शरीर के पुराने दर्द से छुटकारा दिलाने में भांग सबसे अच्छा उपाय है. लेकिन विशेषज्ञों की माने तो भांग का सेवन वहीं करें जो इसको लेने के आदि हैं क्योंकि तभी भांग असरदार भी हो सकती हैं अन्यथा भांग से नशा ही होगा. जब नशे को दवा के रूप में एक दर्द-निवारक की तरह इस्तेमाल […]

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शरीर के पुराने दर्द से छुटकारा दिलाने में भांग सबसे अच्छा उपाय है. लेकिन विशेषज्ञों की माने तो भांग का सेवन वहीं करें जो इसको लेने के आदि हैं क्योंकि तभी भांग असरदार भी हो सकती हैं अन्यथा भांग से नशा ही होगा.

जब नशे को दवा के रूप में एक दर्द-निवारक की तरह इस्तेमाल किया जाता है तब नशा सुरक्षित हो जाता है. वैज्ञानिकों ने कहा कि पुराने दर्द को ठीक करने में, भांग के प्रयोग किये जाने के बाद व्यक्ति के ब्लड टेस्ट में, मूड में या उसके जीवन में कोई भी हानिकारक बदलाव देखने को नहीं मिला है.

मैकगिल विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र के डॉ मार्क वेयर ने कहा, यह अब तक का पुराने दर्द से पीड़ित रोगियों की चिकित्सा से सम्बंधित सबसे बड़ा अध्ययन है जो भांग के प्रयोग से जुडा है.

उन्होंने कहा, हम भांग के उपयोगकर्ताओं के द्वारा इस बात का अनुभव ले रहे हैं कि किस प्रकार भांग पुराने दर्द का इलाज कर सकती है

डॉ वेयर की टीम ने ऐसे रोगियों को खोजा जो पुराने दर्द से पीड़ित थे. इन रोगियों ने साल भर भांग उपयोगकर्ताओं की निगरानी में भांग लेते हुए अपने दर्द सम्बन्धी इलाज कराया. जिसके बाद उनमें कोई भी साइड इफेक्ट देखने को नही मिला.

शोधकर्ताओं ने 215 रोगियों को भांग के चिकित्सीय परिणाम जानने के लिए चुना जो भांग का इस्तेमाल पुराने कैंसर के दर्द से छुटकारा पाने के लिए करते थे. इसके साथ ही 216 ऐसे रोगियों को लिया गया जो भंग का प्रयोग नहीं करते थे.

इस अध्ययन में दोनों तरह के रोगियों से मूड, जीवनशैली और उनके दर्द संबंधी सवालों को पूछा गया. अध्ययन में 2.5 ग्राम भांग को वेपोराइस्ड स्मोक्ड अथवा खाने योग्य पदार्थों में मिला कर दी गई.

पैन क्लिनिक की डायरेक्टर, डॉ. एलिन का कहना है, हमारे दैनिक डेटा हमें कैनबिस यानी भांग उपयोगकर्ताओं और गैर-उपयोगकर्ताओं के बीच भांग के उपयोग करने के परिणाम को बताते हैं.

इन डेटा के अनुसार, भांग का प्रयोग करने वाले रोगियों पर उनके मूड, ब्लड टेस्ट पर कोई भी हानिकारण प्रभाव नही पाया गया बल्कि हमने देखा कि इन रोगियों के दर्द, तनाव, मूड और जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा.

जबकि, शोधकर्ताओं ने इसके विपरीत भांग के गैर-उपयोगकर्ताओं में सर-दर्द, मतली, चक्कर आना, तन्द्रा, और धूम्रपान जैसे नकारात्मक प्रभावों को देखा.

विशेषज्ञों ने कहा, हम दोनों तरह के प्रभावों को देखने के बाद यह कह सकते है कि भांग का प्रयोग उपयोगकर्ताओं के अनुसार किया जाए तो भांग एक बेहतर दवा है अन्यथा ये नये उपभोगकर्ताओं के लिए हानिकारक है.

इस अध्ययन को पैन नामक जर्नल में ऑनलाइन प्रकाशित किया गया है.

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