उचित आहार से सही देखभाल

महिलाओं की कई ऐसी शारीरिक समस्याएं हैं, जिनमें उचित खान-पान बरतने से उन तकलीफों से बाहर आने में मदद मिलती है. जो महिलाएं यूट्रस की समस्या से ग्रसित रहती हैं, उन्हें सही उपचार के साथ सही खान-पान का भी ध्यान रखना चाहिए. महिलाएं जो एंडोमेट्रियोसिस से ग्रसित होती हैं, उनके यूट्रस में सूजन और क्रैंप्स […]
सॉल्यूबल फाइबर एस्ट्रोजन को बांध कर रखता है तथा इसके पुनः अवशोषण को रोकता है. फाइबर युक्त आहार शरीर के अंदर मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है. इसलिए अपने आहार में 25 से 30 ग्राम फाइबर प्रतिदिन जरूर शामिल करें. इस अवस्था में व्यायाम भी जरूरी है. जब हम व्यायाम करते हैं, तब हमारा ब्रेन एक फीलगुड केमिकल रिलीज करता है, जिसे एंडोर्फिन कहा जाता है. यह हार्मोन दर्द से राहत प्रदान करता है. व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें.कम-से-कम 30 मिनट मॉर्निंग वाक जरूर करें. व्यायाम करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है. यदि आप जिम न जाना चाहें, तो कुछ दिन विशेषज्ञ की सलाह से घर पर ही व्यायाम करें और उसके बाद खुद से उसे दोहराते रहें. व्यायाम से हमारे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ भी बाहर निकल जाता है, जो किडनी और यूट्रस के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है.
वहीं, ट्रांस फैट, प्रोसेस्ड फूड और सैचुरेटेड फैट्स से परहेज करें, क्याेंकि ये शरीर में एक्स्ट्रा फैट को जमा करते हैं. रेड मीट से भी दूर रहना बेहतर होगा. वहीं, धूम्रपान फेफड़ों के साथ यूट्रस के स्वास्थ्य के लिए भी काफी नुकसानदायक है. कई शोधों में इस बात की पुष्टि हुई है कि सिगरेट के अधिक सेवन से एस्ट्रोजन लेवल काफी कम हो जाता है. साथ ही इससे बच्चा पैदा करने की क्षमता घट जाती है. धूम्रपान शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है.
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