Its Not Ok : उत्पीड़न के खिलाफ छेड़ा अभियान, सोशल मीडिया पर छायी महिलाएं

Updated at : 23 Aug 2017 1:29 PM (IST)
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Its Not Ok : उत्पीड़न के खिलाफ  छेड़ा अभियान, सोशल मीडिया पर छायी महिलाएं

लेबनान की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है. अभियान के तहत महिलाएं अपने साथ हुए दुर्व्यवहार पर खुल कर चर्चा कर रहीं हैं. लेबनान की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ एक नया अभियान छेड़ा है. इंडिपेंडेंट में छपी एक लेख के अनुसार, अभियान का उद्देश्य महिलाओं को बताना […]

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लेबनान की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है. अभियान के तहत महिलाएं अपने साथ हुए दुर्व्यवहार पर खुल कर चर्चा कर रहीं हैं.
लेबनान की महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ एक नया अभियान छेड़ा है. इंडिपेंडेंट में छपी एक लेख के अनुसार, अभियान का उद्देश्य महिलाओं को बताना है कि शोषण के मामलों में चुप्पी साध लेना अपराधियों को उकसाता है. इसे महिलाओं को पूरी तरह खारिज करना चाहिए. मेश बासीटा नाम के इस कैंपेन को सोशल मीडिया पर पिछले छह महीने से चलाया जा रहा है इसका अर्थ है इट्स नॉट ओके.
लेबनान में अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरुत से शुरू हुआ यह कैंपेन अब परवान पर है. कैंपन करनेवाली महिलाओं का कहना है कि महिलाओं को प्रतिदिन लोग गलत तरीके से छूते देखते और उनपर फब्बती कसते हैं. यह बंद होना चाहिए.
लेबनान कई मुस्लिम देशों से अलग है यहां महिलाएं ज्यादा स्वतंत्र हैं. उनके अधिकार की जब बात आती है तो देखा गया है कि देश ने इसे तुरंत माना है. वर्तमान में यहां इस प्रकार के अपराध के लिए कोई सजा नहीं है. लेकिन यौन उत्पीड़न को अवैध माना गया है.
महिला मामलों के मंत्री द्वारा प्रस्तुत यौन उत्पीड़न का एक नया विधेयक, जीन ओगासेपीयन को इस साल के शुरू में कैबिनेट के समक्ष पेश होने पर मंजूरी दी गयी थी, लेकिन संसद अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं कर पाई है.
एयूबी के केपी प्रोजेक्ट पर लिंग और कामुकता के लिए संचार समन्वयक हीदर जाबेर ने बताया कि मेश बासीटा एक अंतराल को भरने का काम कर रहा है जो चुप्पी अब तक यौन उत्पीड़न के मामलों में महिलाओं ने अब तक साध रखी थी.
यहां की जनता ने जुलाई और अगस्त में मेश बासीटा हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो शेयर करना शुरू कर दिया. बेरुत की सड़कों पर बड़े-बड़े होडिंग्स पोस्टर व बिलबोर्ड लगाये गये. ताकि महिलाएं अब जागरूक हों और यौन उत्पीड़न का विरोध करें. यहां सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो चलाया जा रहा है जिसमें एक महिला को दिन भर में विभिन्न पर के यौन शोषण से गुजरना पड़ता है. इसे अब तक हजारों बार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखा गया है.
जागरूकता के लिए चलायी कार्यशाला
लोकप्रिय फैशन ब्लॉगर घाना घांडौर ने एक काल्पनिक वीडियो बनाया है जिसमें उन्हें लिफ्ट में उत्पीड़न होते दिखाया जा रहा है. इस वीडियो के साथ एक मैसेज लिखा हुआ चलता है कि क्या अगर यह आपकी मां,बहन, पत्नी बेटी या पोती होती तो आप क्या करते. यह वीडियो वायरल हो गया है. उन्होंने लिखा है कि आज महिलाएं इन समस्या से घिर चुकी हैं, हमें इसकी चंगुल से निकले की जरूरत है.
इस वीडियो में यह भी दिखाया गया है कि यौन उत्पीड़न से संबंधित किस प्रकार की समस्याएं महिलाओं को झेलना पड़ता है. इसमें यह महत्वपूर्ण नहीं है कि महिला ने क्या पहना है वह अकेली है या किसी के साथ है.
यौन उत्पीड़न करनेवाले लोग कही भी कभी भी शुरू हो जाते हैं. मेश बासीटा अभियान के साथ ही पिछले दिनों दो दिन का प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. ताकि उत्पीड़न से संबंधित मामले जल्द से जल्द प्रकाश में आयें और निबटाये जायें. जाबेर ने कहा कि हम इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूंजी भी जुटा रहे हैं. जब तक कानून बदल नहीं जाता तब तक ऐसा करना जारी रहेगा.
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