जानें क्या है Brain Fog? जो इस तरह बन सकता है आपका दुश्मन

Edited by Saurabh Poddar
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Brain Fog: आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर ब्रेन फॉग होता क्या है और आप इससे किस तरह से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं. तो चलिए ब्रेन फॉग से जुड़ी सभी बातों को विस्तार से जान लेते हैं. Brain Fog: क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का अनुभव किया है, जहां काम […]

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Brain Fog: आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर ब्रेन फॉग होता क्या है और आप इससे किस तरह से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं. तो चलिए ब्रेन फॉग से जुड़ी सभी बातों को विस्तार से जान लेते हैं.

Brain Fog: क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का अनुभव किया है, जहां काम के लंबे दिन के बाद, आप मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करते हैं और आपका दिमाग सोचने और समझने में असमर्थ हो जाता है? इस स्थिति को ब्रेन फाॅग कहा जाता है, इस स्थिति में इंसान का दिमाग ठीक से काम नहीं करता है और उसे भ्रम, भूलने की बीमारी और अन्य मानसिक परेशानी होती है.

ब्रेन फॉग का कारण

ब्रेन फॉग का संबंध हमारे जीवनशैली से है. हमारे खान-पान और रहन-सहन की आदतें हमारे असंतुलित हार्मोन का कारण बनता है जिससे हमारे दिमाग पर असर होता है. ब्रेन फॉग की समस्या इन वजह से बढ़ सकती है.

तनाव : अधिक तनाव के कारण हम अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं से घिर सकते है, जिससे मानसिक थकान हो सकता है और हमारे सोचने- समझने की शक्ति पर असर पड़ सकता है.

नींद की कमी : काम करने के लिए हमारे शरीर और दिमाग को पर्याप्त नींद की जरूरत होती है. नींद की कमी से हमारा दिमाग सही तरीके से सारी चीजों को समझ नहीं पाता और कोई आसान सा काम करने में भी परेशानी होती है.

हार्मोन में बदलाव : गर्भावस्था और मासिक चक्र के दौरान महिलाओं में एसट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता जिससे ब्रेन फॉग की समस्या आती है.

दवाओं का प्रभाव : ब्रेन फॉग कुछ दवाओं के अधिक सेवन या साइड इफेक्ट से भी हो सकता है.

ब्रेन फॉग से कैसे बचें

स्क्रीन टाइम कम करें: मोबाइल और कंप्यूटर पर अधिक समय गुजारने पर हमारे दिमाग को आराम का समय नहीं मिल पाता और दिमाग पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है. ब्रेन फॉग से बचने के लिए स्क्रीन टाइम कम करना जरूरी है.

पौष्टिक आहार का सेवन करें: हमारे शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है. एंटी इंफ्लामेटरी और एंटीआक्सीडेंट वाली चीजों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है.

7-8 घंटे का पर्याप्त नींद लें: पर्याप्त नींद हमारे शरीर और दिमाग को काम करने में मदद करती है. 7-8 घंटे की नींद से हम अपने दिमाग को आराम दे सकते हैं, जिससे हमारी सोचने समझने की शक्ति में सुधार आ सकता है.

नशे से बचें: नशे की आदत से हमारे दिमाग पर असर पड़ता है, यह हमारे दिमाग को सुचारू रूप से काम करने से रोकता है. ब्रेन फॉग से बचने के लिए नशीली पदार्थ से दूर रहना हमारे लिए बेहद जरूरी है.

ब्रेन फॉग से कैसे बचें

स्क्रीन टाइम कम करें: मोबाइल और कंप्यूटर पर अधिक समय गुजारने पर हमारे दिमाग को आराम का समय नहीं मिल पाता और दिमाग पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है. ब्रेन फॉग से बचने के लिए स्क्रीन टाइम कम करना जरूरी है.

पौष्टिक आहार का सेवन करें: हमारे शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है. एंटी इंफ्लामेटरी और एंटीआक्सीडेंट वाली चीजों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है.

7-8 घंटे का पर्याप्त नींद लें: पर्याप्त नींद हमारे शरीर और दिमाग को काम करने में मदद करती है. 7-8 घंटे की नींद से हम अपने दिमाग को आराम दे सकते हैं, जिससे हमारी सोचने समझने की शक्ति में सुधार आ सकता है.

नशे से बचें: नशे की आदत से हमारे दिमाग पर असर पड़ता है, यह हमारे दिमाग को सुचारू रूप से काम करने से रोकता है. ब्रेन फॉग से बचने के लिए नशीली पदार्थ से दूर रहना हमारे लिए बेहद जरूरी है.

व्यायाम की आदत बनाएं: व्यायाम, योग और ध्यान-अभ्यास से हमें स्ट्रेस मैंनेजमेंट में मदद मिलती है, जिससे ब्रेन फॉग के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है.

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Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.

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