1. home Hindi News
  2. life and style
  3. viral love story 2021 a 82 year old chowkidar of kuldhara jaisalmer rajasthan waiting for his first love marina from australia stories from the thar read emotional love story abk

एक अनोखी LOVE STORY: मुझे यकीन था हम मिलेंगे, आज, कल या परसों, कैसे पता नहीं, इश्क नहीं तो क्या है?

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मुझे यकीन था हम मिलेंगे, आज, कल या परसों, कैसे पता नहीं, इश्क नहीं तो क्या है?
मुझे यकीन था हम मिलेंगे, आज, कल या परसों, कैसे पता नहीं, इश्क नहीं तो क्या है?
Humans Of Bombay Facebook Page.

Viral Love Story 2021: ‘मुझे यकीन था कि हम वापस मिलेंगे. हर पल मरीना की कमी महसूस हुई. इतना पता है जब हम कुछ नहीं कर पाते तो प्यार अपना काम करता है और प्यार सब कुछ ठीक कर देता है. यह कहना है राजस्थान के थार मरुस्थल के कुलधारा के 82 साल के बुजुर्ग चौकीदार का. कुछ दिनों से उनकी लव स्टोरी सोशल मीडिया पर वायरल है. उनकी कहानी को ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे फेसबुक पेज पर भी पोस्ट किया गया है. जिसे फेसबुक यूजर्स पसंद भी कर रहे हैं. स्टोरी का हैशटैग है #StoriesFromTheThar और हर लाइन में आपको सिर्फ प्रेम में पड़े होने का अहसास होगा.

सोशल मीडिया पर बुजुर्ग की लव स्टोरी वायरल

82 साल के बुजुर्ग की लव स्टोरी पढ़कर आपके कानों में जगजीत सिंह की आवाज़ में गजल की लाइन गूंजने लगेगी- ना उम्र की सीमा हो, ना जन्मों का हो बंधन, जब प्यार करे कोई, तो देखे केवल मन. आपने भी जिंदगी में कभी ना कभी प्यार को महसूस किया होगा, शायद कर रहे हैं. तो चलिए आपको 82 साल के बुजुर्ग की कहानी सुनाते हैं, जिन्हें 50 साल बाद खत मिला है और मुलाकात का भरोसा भी. राजस्थान के थार मरुस्थल से निकली मोहब्बत की कहानी पर दुनिया रश्क कर रही है. 50 साल पहले ऑस्ट्रेलिया की मरीना जैसलेमर आई थी. यहीं एक युवक की नजर मरीना पर पड़ी और पहली नजर में प्यार हो गया.

सोशल मीडिया पर बुजुर्ग की लव स्टोरी वायरल
सोशल मीडिया पर बुजुर्ग की लव स्टोरी वायरल
Humans Of Bombay Facebook Page.

पहली नजर में दोनों का प्यार और मरीना का लौटना

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की टीम से बातचीत में 82 साल के चौकीदार ने बताया कि उन्होंने मरीना को पहली बार देखा था. उनके समूचे बदन में सिहरन उठ गई थी. दोनों पांच दिनों तक हर पल साथ रहे थे और आंखों ही आंखों में प्यार हो गया. मरीना को ऑस्ट्रेलिया जाना था. उसके पीछे प्यार छूट रहा था. किसी का प्यार से दूर जाना दुनिया का सबसे तकलीफ देने वाला अहसास है. मरीना ने जाने से पहले उन्हें आई लव यू कहा. मानो उन्हें दुनियाभर की खुशियां मिल गई. मरीना ऑस्ट्रेलिया चली गई और उसके पीछे मैं इंतजार करता रह गया. मेरा प्यार मुझसे दूर था और मेरा भरोसा मेरे सीने में दिल बनकर धड़क रहा था.

मेलबर्न में दोनों के तीन महीने और कई यादें...

मरीना के ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद कुलधारा के चौकीदार की उनसे मुलाकात की इच्छा हुई. उन्होंने 30 हजार रुपए कर्ज लिया और मेलबर्न पहुंच गए. दोनों कुछ दिनों तक साथ रहे. मरीना ने उन्हें टूटी-फूटी अंग्रेजी सिखाई और उन्होंने मरीना को घूमर. इसी बीच तीन महीने गुजर गए. मरीना उन्हें रोकना चाहती थी. उनको घरवालों के लिए लौटना था. दोनों हैप्पी नोट पर अलग हो गए. मरीना खूब रोई थी. वापस लौटकर उन्होंने शादी कर ली. बच्चे हुए. परिवार चलाने के लिए उन्होंने कुलधारा शहर में चौकीदार की नौकरी कर ली.

जब 50 साल बाद बुजुर्ग को मिली मरीना की चिट्ठी

ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को बुजुर्ग ने बताया कि जिंदगी में एक वक्त ऐसा आया जब सभी अपनी दुनिया में बिजी हो गए. परिवार के बीच भी दिल में मरीना की याद टीस बनकर उभरती रही. बच्चे बड़े हुए. उनकी शादी हो गई. दो साल पहले बुजुर्ग की पत्नी गुजर गई. मरीना की याद जिंदा रही. हमेशा सोचते रहे कि मरीना कैसी होगी? क्या उन्हें याद करती होगी? क्या उनसे मिलने आएगी? कई सवाल और जवाब एक भी नहीं. कुछ दिनों पहले उन्हें मरीना की चिट्ठी मिली. चिट्ठी में ढेर सारा प्यार है और जल्द मिलने का वायदा भी. उनका कहना है कि चिट्ठी पढ़कर आंखें नम हो गई. मरीना आ रही है. हम दोनों एक दूसरे को नहीं खोज सके. लेकिन, प्यार ने हम दोनों को फिर से खोज लिया है.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें