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Surya Grahan 2020 : साल 2020 का ये आखिरी सूर्य ग्रहण है, 5 घंटे तक रहेगा प्रभाव, जानिए इससे जुड़ी अन्य बातें

Updated at : 14 Dec 2020 6:22 PM (IST)
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Surya Grahan 2020 : साल 2020 का ये आखिरी सूर्य ग्रहण है, 5 घंटे तक रहेगा प्रभाव, जानिए इससे जुड़ी अन्य बातें

Solar Eclipse 2020, Surya Grahan December 2020 Date and Time, Timings in India, Surya Grahan Kab Lagega, Padega, Samay: अब से कुछ घंटों बाद सूर्य ग्रहण लगने वाला है. साल 2020 का ये आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. जानकारों की मानें तो ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसकी वजह है सूर्य ग्रहण का वक्त. दरअसल सूर्य ग्रहण शाम 07.03 बजे से शुरू होकर रात 12.23 बजे तक रहेगा. चूंकि यहां सूर्यास्त हो चुका होगा इसलिए ग्रहण न तो दिखाई देगा और न ही सूतक काल मान्य होगा. हालांकि हिंदू मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में करीब 5 घंटे तक कुछ भी न खाया जाएगा और न ही पानी पीया जाएगा.

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Surya Grahan 2020, कब लगेगा सूर्य ग्रहण का सूतक :

ज्योतिष गणना की मानें तो साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का भारत में सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा. इसके बावजूद राशियों और ग्रहों के प्रभाव का असर हर किसी पर जरूर पड़ेगा. इस लिहाज से देखें तो सूतक काल मान्य नहीं है लेकिन ग्रहण का समय 14 दिसंबर, सोमवार को शाम 07 बजकर 3 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 23 मिनट तक है. यानी करीब 5 घंटे तक ग्रहण का संक्रमण काल रहेगा. ज्योतिष के अनुसार इस सूर्य ग्रहण पर एक बेहद अशुभ योग बनने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान इस बार गुरु चंडाल योग बनेगा. राहु और गुरु के एक ही स्थान पर बैठने से गुरु चंडाल योग बनता है.

जानें कितने देर का होगा ग्रहण

सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार शाम 7 बजकर 04 मिनट से आरंभ होगा जो कि मध्य रात्रि 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. इस ग्रहण की अवधि करीब पांच घंटे होगा.

सूर्य ग्रहण पर चंडाल योग एक खतरे का संकेत

साल 2020 के आखिरी सूर्य ग्रहण कई मामलों में अहम है. इस बार एक खतरनाक योग बन रहा है. इसको गुरु चंडाल योग कहते हैं. यह योग कुंडली में तब बनता है जब गुरु और राहु एक साथ एक ही स्थान पर विराजमान हों. इसके अलावा ज्योतिष गणना ये भी कहती है कि जब दोनों ग्रह कुंडली के अलग-अलग भाव में होते हुए भी एक-दूसरे को पूर्ण दृष्टि से देखते हैं तो गुरु चंडाल योग बनता है. वर्तमान दृष्टिकोण में देखें तो गुरु शनि के साथ मकर राशि और राहु वृष राशि में विराजमान हैं.

गर्भवती महिलाएं रखती हैं विशेष ध्यान:

पौराणिक काल से ही ये माना गया है कि सूर्य ग्रहण या कोई भी ग्रहण काल सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं के लिए ऐहतियात बरतने का वक्त होता है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यही कहा गया है कि ग्रहण के समय सूर्य या चांद से निकलने वाली किरणें गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक होता है. यही कारण है कि ग्रहण या सूतक काल में गर्भवती महिलाएं न तो सोती हैं, न चाकू का प्रयोग करती हैं और पेट के हिस्से पर विशेष लेप लगाकर रहती हैं.

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