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कैसे मोबाइल बन चुका है इंसान के दिमाग का दुश्मन, मेडिकल रिपोर्ट्स में बड़ा खुलासा

Updated at : 22 Jul 2025 9:09 PM (IST)
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Smartphone Mental Health Effect

Pic Credit- Meta AI

Smartphone Mental Health Effect: देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत सिर्फ आपकी नींद ही नहीं, बल्कि दिमाग की सेहत को भी नुकसान पहुंचा रही है. कई मेडिकल रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ है कि रात में स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करता है, जिससे नींद, याददाश्त, मानसिक शांति और शारीरिक सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ता है.

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Smartphone Mental Health Effect: कई लोगों को देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत होती है. जब भी उन्हें नींद नहीं आती है वो लेट नाइट तक फोन में ही व्यस्त रहते हैं. इससे न सिर्फ शारीरिक सेहत खराब होती है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी खराब होता है. ये बातें हम नहीं कह रहे हैं बल्कि हाल के वर्षों में किए गए कई मेडिकल और न्यूरोसाइकोलॉजिकल रिसर्च यह पुष्टि हुई है. रात में स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग आपके मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है. आइये जानते हैं विभिन्न रिपोर्ट्स और अध्ययनों में क्या कहा गया है.

नींद की गुणवत्ता और पैटर्न में भारी गिरावट

ऑक्सफॉर्ड एकेडमिक की एक रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को रोकती है, जिससे नींद आने में देर होती है. जिससे साइक्लिंग स्लीप बाधित होती है. इससे नींद की गहराई और समय अवधि दोनों प्रभावित होती है.

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मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में गिरावट

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार रात के समय में फोन लगातार चलाने से तनाव और डिप्रेशन बढ़ता है. रिपोर्ट्स की मानें तो यह स्थिति खासतौर पर युवा वर्ग में अधिक देखी गई है. इससे न सिर्फ तनाव और डिप्रेशन बढ़ता है बल्कि याददाश्त शक्ति भी कमजोर हो जाती है.

मस्तिष्क की ग्रे मैटर वॉल्यूम कम होती है

स्टैनफोर्ड सेंटर ऑन लॉन्जीविटी के मुताबिक देर रात स्क्रीन के पास टाइम बिताने वाले व्यक्ति के मस्तिष्क पर ग्रे मैटर वॉल्यूम कम होती है. जिससे याददाश्त और सीखने की क्षमता को कम हो जाती है.

दिनचर्या और सेहत पर दीर्घकालिक प्रभाव

क्लीवलैंड क्लिनिक की एक मेडिकल रिपोर्ट की मानें तो इससे न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. क्योंकि रिपोर्ट में कहा गया है कि नींद कम होने से वजन बढ़ सकता है और ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं हो पाता है. इसके अलावा उम्र के बढ़ने के साथ हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है.

सोने से पहले क्या करें

  • सोने से कम से कम 1 घंटे पहले अपना मोबाइल जरूर बंद कर दें.
  • मोबाइल फोन के स्क्रीन को डिम करें या नाइट मोड का प्रयोग करें
  • सोने से पहले गुनगुना पानी पियें और बिस्तर पर लेटे लेटे किताब पढ़ें, इससे नींद जल्दी आएगी और मन शांत होगा.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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