ePaper

क्यों जरूरी है रिश्ते में पार्टनर को गले लगाना या हाथ पकड़ना ? जानिए क्या कहता है मनोविज्ञान

Updated at : 28 May 2025 10:16 PM (IST)
विज्ञापन
Relationship Tips

Pic Credit- Freepik

Relationship Tips: क्या शारीरिक स्पर्श सिर्फ रोमांस है? नहीं! जानिए कैसे हाथ पकड़ना, गले लगाना और माथा चूमना रिश्ते में सुरक्षा, अपनापन और मानसिक शांति बढ़ाता है. पढ़ें मनोवैज्ञानिक नजरिया।

विज्ञापन

Relationship Tips: रिश्ते में जितना आपसी समझ और संवाद जरूरी है, उतना ही आवश्यक शारीरिक स्पर्श (Physical Touch) को बताया गया है. अक्सर लोग इसे केवल एक रोमांटिक या शारीरिक जरूरत मानते हैं, लेकिन मनोविज्ञान की दृष्टि से यह भावनात्मक जुड़ाव और मानसिक संतुलन का एक अहम स्तंभ है. विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य स्पर्श- जैसे कि हाथ पकड़ना, गले लगाना या माथे को चूमना, यह एक ऐसी चीज है जिससे इंसान का सिर्फ प्यार ही नहीं झलकता बल्कि रिश्ते में सुरक्षा, अपनापन और विश्वास भी पैदा करता है.

क्या कहता है मनोविज्ञान?

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि स्पर्श, इंसान की मूलभूत जरूरतों में से एक है. प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक अब्राहम मैस्लो ने अपनी “Hierarchy of Needs” में स्पर्श को “Love and Belonging” की श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि प्यार और अपनापन महसूस करने के लिए स्पर्श एक आवश्यक माध्यम है. दरअसल स्पर्श के दौरान शरीर में ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन निकलता है, जिसे ‘लव हार्मोन’ कहा जाता है. यह हार्मोन तनाव को कम करने के साथ साथ और पार्टनर के बीच भावनात्मक लगाव को गहरा करता है.

Also Read: पहनना है कुछ अलग तो ट्राय करें सिगरेट पैंट, सलवार और प्लाजो को भूल जाएंगे

शारीरिक स्पर्श के क्या लाभ हैं

भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है
नियमित स्पर्श से पार्टनर के बीच भावनात्मक रिश्ता मजबूत होता है. यह संकेत देता है कि आप एक-दूसरे की परवाह करते हैं.
तनाव और चिंता में कमी
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जब किसी को तनाव में गले लगाया जाता है, तो कॉर्टिसोल (Stress Hormone) का स्तर घटता है. जिससे इंसान शांत महसूस करता है.
विश्वास और सुरक्षा की भावना
पार्टनर को गले लगाना या उसका हाथ थामना उन्हें इस बात का भरोसा दिलाता है कि आप साथ हैं, चाहे परिस्थिति जैसी भी हो.
शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार
स्पर्श से हृदय गति नियंत्रित होती है. इससे ब्लड प्रेशर घटता है

स्पर्श की कमी और रिश्तों पर असर

रिश्तों में जब स्पर्श की कमी होती है, तो धीरे-धीरे भावनात्मक दूरी बढ़ने लगती है. पार्टनर खुद को अकेला, उपेक्षित या असुरक्षित महसूस कर सकता है. इससे संवाद में कटुता, झगड़े या रिश्ते की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है.

किन रूपों में हो सकता है हेल्दी स्पर्श?

  • एक प्यार भरा गले लगाना
  • चलते-फिरते हाथ थामना
  • बिना कहे पीठ पर हाथ रखना या सहलाना
  • बात करते समय कंधे पर हाथ रखना
  • माथे को चूमना

Also Read: Baby Names: दो अक्षर के स्टाइलिश बेबी नेम्स, अपने बच्चे के लिए जरूर चुनें

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola