ePaper

Premanand Ji Maharaj: बेटी के घर पानी पीना ठीक है या नहीं? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया

Updated at : 17 Jan 2025 5:36 PM (IST)
विज्ञापन
Premanand Ji Maharaj

Premanand Ji Maharaj

Premanand Ji Maharaj: एक श्रद्धालु ने महाराज जी से पूछा कि अगर माता-पिता की बेटी के घर पानी पी लें, तो क्या सच में पाप लगता है?

विज्ञापन

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज राधा रानी ने अनन्य भक्त हैं. उनके दर्शन के लिए न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं. इन श्रद्धालुओं में सिर्फ नामचीन लोग ही शामिल नहीं होते हैं बल्कि मेरी आपकी तरह आम इंसान भी लोग शामिल रहते हैं. प्रेमानंद जी सत्संग और प्रवचनों के माध्यम से भक्त और श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते हैं. श्रद्धालु दर्शन की ख्वाहिश के साथ-साथ ढेर सारे सवालों को लेकर भी उनके पास आते हैं. इनमें आध्यात्मिकता के बजाय सांसारिक जिंदगी से जुड़े ज्यादा सवाल होते हैं. ऐसे में ही एक श्रद्धालु ने महाराज जी से पूछा कि अगर माता-पिता की बेटी के घर पानी पी लें, तो क्या सच में पाप लगता है?

यह भी पढ़ें- Premanand Ji Maharaj: अपराध से कम नहीं इन चीजों को वृंदावन से बाहर ले जाना, जानें कारण

यह भी पढ़ें- Premanand Ji Maharaj: महाकुंभ पर प्रेमानंद जी महाराज का क्या है प्लान? खुद बताई यह बात

महिला ने पूछा प्रेमानंद जी से सांसारिक सवाल

अक्सर कई जगह देखने को मिल जाता है कि माता-पिता अपनी बेटी के घर का पानी नहीं पीते हैं. वो बेटी के घर जाते हैं, लेकिन बिना कुछ खाए वापस लौट आते हैं. इसी तरह से जुड़ा एक सवाल प्रेमानंद जी महाराज से एक महिला ने पूछा कि क्या बेटी के घर का पानी पीने से इंसान पाप का भागी बन जाता है. इस सवाल को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उसकी माता की तबीयत खराब रहती है, वह चाहती है कि अपनी मां की सेवा करूं लेकिन मां बाप की डर से घर नहीं आना चाहती हैं. ऐसे में अब क्या करना चाहिए.

प्रेमानंद जी महाराज ने दिया ये बेहतरीन सुझाव

प्रेमानंद जी महाराज ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि शास्त्रों में बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं किया गया है. लेकिन सनातन धर्म की पूज्य भावना और स्त्रियों का पूज्य रूप होने के कारण लोग बेटी के घर में पानी पीना पाप मानते हैं. हालांकि, लोगों को ऐसे विचार रखना सही नहीं होता है, क्योंकि माता-पिता पर जितना अधिकार बेटे का होता है, उतना ही अधिकार एक बेटी का भी होता है. अगर माता-पिता की तबीयत खराब होता है, तो यह बेटी का दायित्व होता है कि वह उनकी सेवा करें. मां-बाप बेटी की घर पूरा जीवन बिता भी लें, तो कोई परेशानी नहीं होती है.

यह भी पढ़ें- Premanand Ji Maharaj: पूजा करते समय मिले ये संकेत, तो समझिए भगवान ने सुन ली है आपकी पुकार

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन
Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola