यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा क्या भूलते हैं भारतीय? रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे!

Pic Credit- Freepik
Indian Travel Habits: भारत में 40 फीसदी से अधिक लोग सफर के दौरान जरूरी चीजें भूल जाते हैं. जैसे कपड़े, चार्जर, पासपोर्ट और यहां तक कि पालतू जानवर तक! बुकिंग डॉट कॉम और यूगॉव की रिपोर्ट बताती है कि भारतीय यात्रियों की पैकिंग और यात्रा की आदतें कैसे हैं, वे किन चीजों को सबसे ज्यादा भूलते हैं और सफर के दौरान किन खाने की चीजों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं.
Indian Travel Habits: अगर आप यात्रा पर निकलते वक्त कुछ न कुछ भूल जाते हैं, तो आप इस लिस्ट में अकेले नहीं हैं! एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 40 फीसदी से अधिक यात्री सफर के दौरान अपना कोई न कोई जरूरी सामान पीछे छोड़ देते हैं. चाहे वो कपड़े हों, चार्जर, पासपोर्ट या यहां तक कि पालतू जानवर ही क्यों न हो!
क्या कहती है रिपोर्ट?
ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म बुकिंग डॉट कॉम और रिसर्च एजेंसी यूगॉव की एक संयुक्त रिपोर्ट में भारतीय यात्रियों की कुछ हैरान करने वाली आदतें सामने आई हैं. इसके मुताबिक करीब 42 फीसदी लोग मोजे, शर्ट या टॉप जैसे कपड़े भूल जाते हैं. वहीं 37 फीसदी लोग ईयरफोन, चार्जर और पावर बैंक जैसे जरूरी गैजेट्स भूल जाते हैं. लगभग 36 फीसदी यात्रियों में टॉयलेट्रीज जैसे साबुन, टूथपेस्ट और कंघी भूलते हैं. 30 फीसदी चश्मा तो 22 प्रतिशत लोग गहने और घड़ी जैसे कीमती चीजें भी होटल या स्टेशन पर छोड़ आते हैं. हैरानी की बात तो ये है कि 17 फीसदी यात्री पासपोर्ट या पहचान पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भूल जाते हैं. 15 प्रतिशत लोग विग तक पीछे छोड़ आते हैं. और 12 फीसदी भारतीय यात्री तो अपने पालतू जानवर तक भूल जाते हैं.
पैकिंग के वक्त भी होती हैं गलतियां
सिर्फ सफर के दौरान ही नहीं, यात्रा पर निकलने से पहले भी भारतीय यात्री कई जरूरी चीजें पैक करना भूल जाते हैं. 35 प्रतिशत फोन चार्जर/एडॉप्टर, 33 प्रतिशत टूथब्रश/पेस्ट, 29 फीसदी दवाइयां, 28 फीसदी ईयरफोन, 26 फीसदी छाता, 25 फीसदी सनग्लासेस और 21 फीसदी यात्रा दस्तावेज पैकिंग करते वक्त भूल जाती हैं.
खाने-पीने में क्या पसंद करते हैं भारतीय यात्री?
- सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं नमकीन, खाखरा और बिस्कुट (54%)
फिर आते हैं सूखे मेवे (41%) और चॉकलेट-कैंडी (39%) - 37 फीसदी लोग घर का बना खाना लेकर सफर करना पसंद करते हैं
जबकि 33% यात्री कॉफी और चाय के पैकेट भी पैक कर लेते हैं
क्या कहते हैं बुकिंगडॉटकॉम के दक्षिण एशिया प्रमुख संतोष कुमार
“भारतीय यात्रियों की ये छोटी-छोटी आदतें केवल मजेदार ही नहीं, बल्कि उनके सांस्कृतिक जुड़ाव और भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाती हैं. यह दर्शाता है कि वे सफर में भी घर जैसी सहजता ढूंढते हैं.”
Also Read: Travel With Kids: छोटे बच्चों के साथ कर रहें ट्रैवल तो, जरूर ध्यान में रखे ये बातें
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




