प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी, मतली जैसे मॉर्निंग सिकनेस से परेशान हैं तो ये उपाय करें

Updated at : 30 Oct 2021 4:39 PM (IST)
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प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी, मतली जैसे मॉर्निंग सिकनेस से परेशान हैं तो ये उपाय करें

प्रेगनेंसी में मिचली आना आम है और जेनरली कुछ महीनों के बाद यह परेशानी दूर भी हो जाती है. वैसे हर प्रेगनेंट महिला को यह परेशानी हो यह भी जरूरी नहीं है. अगर आप भी मॉर्निंग सिकनेस से परेशान हैं तो ये उपाय करें.

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प्रेगनेंसी अपने साथ कुछ ऐसे सिम्टमस लेकर आती है जिसके कारण प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में महिलाओं को बहुत असुविधा होती है. मॉर्निंग सिकनेस या मतली गर्भवती महिलाओं के सबसे आम लक्षणों में से एक है. हालंकि, यह सिर्फ मॉर्निंग सिकनेस नहीं है. यह दिन में कभी भी हो सकता है. जी मिचलाना आमतौर पर शरीर में हार्मोन के अचानक बढ़ जाने के कारण होता है.

Morning Sickness Symptoms : मॉर्निंग सिकनेस अक्सर गर्भावस्था के पहले लक्षणों में से एक है. यह एक कॉमन परेशानी है, लेकिन यह परेशानी अक्सर गर्भावस्था में शुरुआती 3 महीने की होती है. ज्यादातर महिलाएं लगभग 6 सप्ताह के आसपास मतली और उल्टी की शिकायत करती हैं. आमतौर पर यह स्थिति 12वें सप्ताह के आसपास गायब हो जाती है. हालांकि, कुछ महिलाओं के लिए, यह सब गंभीर हो जाता है वहीं कुछ महिलाओं को ऐसी कोई परेशानी होती ही नहीं है.

मॉर्निंग सिकनेस को तब तक मेडिकल हेल्प की आवश्यकता नहीं होती जब तक कि यह गंभीर न हो और डिहाइड्रेशन और वजन घटाने की ओर न ले जाए. क्या आप जानते हैं कि 50 प्रतिशत से अधिक प्रेगनेंट महिलाओं में मॉर्निंग सिकनेस होती है.

Some common symptoms

– उल्टी के साथ या इसके बिना मतली आमतौर पर पहली तिमाही में

– कुछ खाद्य पदार्थों की गंध से परेशनी महसूस होना

– खाने के बाद मतली

– कुछ गंधों को सूंघने के बाद बीमार महसूस करना

एक्सपर्ट के अनुसार, गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में मतली और उल्टी के अप्रिय लक्षणों को कम करने के लिए कुछ क्विक और आसान उपाय

Get Plenty Of Rest : रात की अच्छी नींद लेना महत्वपूर्ण है, दिन में झपकी लेने से भी मदद मिल सकती है लेकिन यह तक काम करेगा जब यह सुनिश्चित हो कि आप खाना खाने के बाद ठीक से नहीं सो रहे हैं.

Eat Right : वसायुक्त और मसालेदार भोजन, कैफीन पेट के एसिड को बढ़ाता है जिससे असुविधा हो सकती है. आपको इसके बजाय नरम खाद्य पदार्थों पर स्विच करना चाहिए क्योंकि वे आपके पेट को आराम देते हैं.

ऐसे फूट्स का चयन करें जिनमें प्रोटीन अधिक हो, वसा कम हो. पचने में आसान और कम ऑयली/मसालेदार/फैटी भोजन आपके लिए सर्वोत्तम हैं.

सही खाने के साथ-साथ दिन में कम मात्रा में खाना भी जरूरी है. दिन में केवल 3 बड़े भोजन खाने के बजाय, छोटे हिस्से में लें.

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Other Lifestyle Changes : तरल पदार्थ का खूब सेवन करें. दिन भर में अच्छी मात्रा में पानी पिएं. जूस, स्मूदी जैसे 6-8 गिलास गैर-कैफीनयुक्त तरल पदार्थ लेने का लक्ष्य रखें.

जितना हो सके ताजी हवा में सांस लें. घर पर सांस लेने के व्यायाम, योग, ध्यान का अभ्यास करें.

प्रसव पूर्व विटामिन का ध्यान रखें, इसके लिए अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें.

मतली और उल्टी के लिए वैकल्पिक दवाएं कुछ राहत प्रदान कर सकती हैं.

एक्यूप्रेशर और एक्यूपंक्चर भी मतली के लिए फायदेमंद माना जाता है.

आप सुबह उठकर एक कप अदरक की चाय पी सकते हैं. आप अदरक को दिन के किसी न किसी रूप में अपने भोजन में भी शामिल कर सकते हैं.

मॉर्निंग सिकनेस को घर पर ही सही आहार उपायों और कुछ अन्य घरेलू उपचारों का पालन करके कम किया जा सकता है. अगर यह परेशानी गंभीर हो जाए तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

याद रखें कि गर्भावस्था के लक्षण हर महिला में अलग-अलग होते हैं और आपको अपनी प्रेगनेंसी जर्नी तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए. जब भी आवश्यकता हो, मदद के लिए अपने गाइनी से संपर्क करें.

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