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Children's Day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: बाल दिवस पर यहां से पढ़ें शॉर्ट स्पीच, ऐसे दें शानदार भाषण

Updated at : 14 Nov 2023 7:00 AM (IST)
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Children's Day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: बाल दिवस पर यहां से पढ़ें शॉर्ट स्पीच, ऐसे दें शानदार भाषण

Children's day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: हर साल 14 नवंबर का दिन बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है. आज हम आपको बताएंगे कि बाल दिवस पर एक बेहतरीन भाषण कैसे दे सकते हैं जिससे सुनने के बाद पूरी सभा में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज जाएगी

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Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: 14 नवंबर का दिन जवाहर लाल नेहरू को समर्पित किया गया है. देश में हर साल 14 नवंबर का दिन बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है. आज हम आपको बताएंगे कि बाल दिवस पर एक बेहतरीन भाषण कैसे दे सकते हैं जिससे सुनने के बाद पूरी सभा में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज जाएगी

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 1

सबसे पहले, आज बाल दिवस को मनाने के लिए यहां उपस्थित सभी को मेरा सुप्रभात. पंडित जवाहर लाल नेहरू हमेशा बच्चों को पसंद करते थे और हमेशा बिना किसी व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय, पारिवारिक और वित्तीय जिम्मेदारी के उचित बचपन के समर्थक थे क्योंकि वे राष्ट्र के भविष्य और देश के विकास के लिए भी जिम्मेदार थे. बचपन जीवन का सबसे अच्छा चरण होता है जिसे सभी के लिए स्वस्थ्य और खुशियों से भरा होना चाहिए ताकि वे आगे अपने राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहें. यदि बच्चे मानसिक और शारीरिक रुप से अस्वस्थ्य होगें तो वे राष्ट्र के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान नहीं दे सकेंगे. इसलिए जीवन में बचपन की अवस्था सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है जिसमें सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को प्यार, देखभाल और स्नेह से पोषित करना चाहिए. देश का नागरिक होने के नाते, हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुये राष्ट्र के भविष्य को बचाना चाहिए.

धन्यवाद

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 2

सबसे पहले, आज बाल दिवस को मनाने के लिए यहां उपस्थित सभी को मेरा सुप्रभात. पंडित जवाहर लाल नेहरू इस देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बच्चों के प्रति, विशेष रुप से उनके कल्याण, अधिकारों, शिक्षा और सम्पूर्ण सुधार के लिए बहुत अधिक उत्साहित और गर्भजोशी से भरे हुये थे. वह बहुत ही प्रेरणादायक और प्रेरित प्रकृति के थे. वह हमेशा बच्चों को कठिन परिश्रम और बहादुरी के कार्य करने के लिए प्रेरित करते थे. वह भारत में बच्चों के कल्याण और स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक चिन्तित थे, इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए कठिन परिश्रम किया ताकि उन्हें बचपन से ही कुछ अधिकार प्राप्त हो सकें. बच्चों के प्रति उनके स्वार्थरहित प्रेम के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे. 1964 में, उनकी मत्यु के बाद से, उनका जन्मदिन पूरे भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा.

धन्यवाद

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 3

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्य जी, अध्यापक व अध्यापिकाएं और मेरे सहपाठियों को सुप्रभात. आप सभी को बाल दिवस की शुभ्कामनाएं. विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों द्वारा इस दिन को बड़े उत्साह के साथ के मनाने के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है. राष्ट्रीय प्रेणादायी और प्रोत्साहित करने वाले गीतों को गाया जाता है, स्टेज शो, नृत्य, छोटे नाटक आदि बच्चों द्वारा महान भारतीय नेता की याद में और बच्चों के प्रति उनके प्यार के कारण आयोजित किए जाते हैं. पं. जवाहर लाल नेहरु के बारे में, विद्यार्थियों के भाषण सुनने के लिए भारी भीड़ उपस्थित होती है. पं. नेहरु हमेशा बच्चों को पूरे जीवन भर देशभक्त और राष्ट्रप्रेमी बनने की सलाह देते थे. वह हमेशा बच्चों को अपनी मातृभूमि के लिए साहसिक कार्य करने और बलिदान देने के लिए प्रेरित करते थे.

धन्यवाद

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 4

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्य जी, अध्यापक व अध्यापिकाएं और मेरे सहपाठियों को सुप्रभात. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम यहां स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के जन्मदिन अर्थात् बाल दिवस को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं. मैं इस महान उत्सव को अपने लिए, यादगार उत्सव बनाने के लिए बाल दिवस पर भाषण देना चाहती/चाहती हूं. हर साल 14 नवम्बर को, पूरे देश के विद्यालयों और कॉलेजों में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है. 14 नवम्बर जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिवस है. उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि वह बच्चों से बहुत प्यार और स्नेह करते थे. उन्होंने अपने पूरे जीवनभर बच्चों को बहुत महत्व दिया और वह उनसे बात करना भी बहुत पसंद करते थे. वह हमेशा बच्चों के बीच में घिरे होना पसंद करते थे. बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे.

धन्यवाद

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 6

सबसे पहले, आज बाल दिवस को मनाने के लिए यहां उपस्थित सभी को मेरा सुप्रभात. बाल दिवस के इस अवसर पर मैं, पं. जवाहर लाल नेहरु के जन्मदिवस को क्यों बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है?, के बारे में अपने विचार आप सभी के सामने रखना चाहता/चाहती हूं. मेरे सभी प्यारे मित्रों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. संयुक्त राष्ट्र की सभा में 20 नवम्बर को आधिकारिक रुप से बाल दिवस मनाने की घोषणा की गयी, लेकिन भारत में यह 14 नवम्बर को पं. नेहरु का जन्म दिवस होने के कारण, हर साल इसी दिन मनाया जाता है. उनका जन्म दिन बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए बच्चों के प्रति उनके प्यार, लगाव और स्नेह को देखने के कारण चुना गया। वह लम्बें समय तक बच्चों के साथ खेलना और बात करना पसंद करते थे. वह पूरे जीवनभर बच्चों से घिरे रहना चाहते थे. उन्होंने देश के बच्चों और युवाओं की बेहतरी के लिए भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद कठिन कार्य किए थे.

धन्यवाद

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 7

आदरनीय प्रधानाध्यापक, सर, मैडम और मेरे प्यारे दोस्तों. आप सभी को नमस्कार. हम सभी बहुत खुशी के साथ यहां बाल दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं. मैं बाल दिवस के इस अवसर पर अपने विचार रखना चाहता/चाहती हूं. बच्चे परिवार में, घर में, समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का भविष्य भी होते हैं. बाल दिवस विभिन्न देशों में अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है लेकिन यह भारत में 14 नवम्बर को मनाया जाता है. वास्तव में 14 नवम्बर महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिन है. बच्चों के प्रति उनके लगाव और स्नेह की वजह से इस दिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है. वे एक राजनीति नेता थे फिर भी, उन्होंने बच्चों के साथ बहुत ही कीमती वक्त बिताया और उनकी मासूमियत से वो बहुत प्यार करते थे.

धन्यवाद

Children’s day 2023 Speech and Bhasan in Hindi: भाषण 8

प्रधानाध्यापक, सर, मैडम और मेरे प्यारे साथियों को नमस्कार. सभी को बाल दिवस की शुभकामनाएं. बच्चों को किसी भी मजबूत राष्ट्र की नींव की ईंट माना जाता है. बच्चे छोटे होते हैं किन्तु राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन करने की क्षमता रखते हैं. वे आने वाले कल के जिम्मेदार नागरिक हैं क्योंकि देश का विकास उन्हीं के हाथों में है. बाल दिवस उत्सव उन अधिकारों की भी याद दिलाता है, जो बच्चों के लिए बनाये गए हैं और उनसे बच्चे लाभान्वित हो भी रहे हैं, या नहीं. बच्चे कल के नेता हैं इसलिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों से आदर, विशेष देख-रेख और सुरक्षा की आवश्यकता है.

धन्यवाद

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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