ePaper

Chanakya Niti: इन लोगों का कभी नहीं करना चाहिए अपमान, बन सकता है विनाश का कारण

Updated at : 13 Sep 2024 3:12 PM (IST)
विज्ञापन
Chanakya Niti

Chanakya Niti

Chanakya Niti: इस लेख में आपको यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे कौन से व्यक्ति हैं, जिनका अपमान व्यक्ति को कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन व्यक्तियों का अपमान करना व्यक्ति के विनाश का कारण बन सकता है.

विज्ञापन

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कई बार ऐसी बातों का जिक्र किया यह है, जो मनुष्यों का मार्गदर्शन करने का काम करती हैं. आचार्य के नीतिशास्त्र में मनुष्यों को कई ऐसे प्रश्नों का उत्तर मिल जाता है, जिसका उत्तर खोजने में मनुष्यों का पूरा जीवन भी कम पड़ जाता है, इसलिए लोगों के बीच आचार्य चाणक्य की नीतियों के प्रति काफी लोकप्रियता भी देखी जाती है. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में मनुष्य को अपने जीवन में क्या करना चाहिए और क्या नहीं इस बात का भी साफ-साफ जिक्र किया है. उन्होंने अपने नीतिशास्त्र में यह बताया है कि मनुष्य को अपने जीवन में किन व्यक्तियों का कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए. इस लेख में आपको यह बताने का प्रयास किया जा रहा है कि आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे कौन से व्यक्ति हैं, जिनका अपमान व्यक्ति को कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन व्यक्तियों का अपमान करना व्यक्ति के विनाश का कारण बन सकता है.

निकट संबंधी

आचार्य चाणक्य का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को अपने सबसे निकट संबंधी का कभी-भी अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि अपने निकट संबंधियों से किसी भी प्रकार की दुश्मनी व्यक्ति के विनाश का कारण बन सकती है, क्योंकि जब व्यक्ति परेशानी में रहता है, तो उसके निकट संबंधी ही उसकी मदद के लिए आगे आते हैं और निकट संबंधी से बुरे संबंध व्यक्ति के लिए नुकसानदायक ही होते हैं.

Also read: Socrates Quotes: जानिए सुकरात के अनुसार कैसी होनी चाहिए मित्रता

Also read: Hindi Diwas Quotes: हिन्दी दिवस के लिए यहां से चुनें बधाई संदेश

संत या महापुरुष

आचार्य चाणक्य का मानना है कि व्यक्ति को कभी-भी किसी संत या महापुरुष का अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि संतों का हृदय बहुत पवित्र होता है और पवित्र हृदय वाले लोगों का अपमान करने वाले लोगों को भगवान स्वयं दंडित करते हैं.

शिक्षक

शिक्षकों को हमारे समाज में बहुत उच्चा दर्जा दिया गया है, क्योंकि शिक्षक ही वैसा व्यक्ति होता है, जो हमें समाज में उठने-बैठने के योग्य बनाता है और शिक्षक के द्वारा दी गई शिक्षा से ही लोग अपना जीवन व्यतीत करते हैं, इसलिए शिक्षक के अपमान से व्यक्ति की प्रगति रुक जाती है और उसके विनाश का समय भी नजदीक आने लगता है.

Also read: Cleaning Tips: विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों को आसानी से साफ करने के लिए अपनाएं ये तरीके

Trending Video

विज्ञापन
Tanvi

लेखक के बारे में

By Tanvi

Tanvi is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola