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आचार्य चाणक्य कहते है गंदगी में पड़ा सोना क्यों उठा लेना चाहिए? जानें क्यूं

Updated at : 09 Mar 2026 5:19 PM (IST)
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Chanakya Niti Life Lessons

चाणक्य नीति से जीवन की सीख

चाणक्य नीति के इस श्लोक में आचार्य चाणक्य बताते हैं कि अच्छी चीज और ज्ञान को उसके स्रोत से नहीं बल्कि उसके गुण से पहचानना चाहिए. चाहे गंदगी में पड़ा सोना हो या किसी साधारण व्यक्ति से मिला श्रेष्ठ ज्ञान-उसे अपनाने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए. जानिए इस श्लोक का गहरा अर्थ और जीवन में अपनाने योग्य महत्वपूर्ण सीख.

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Chanakya Niti Life Lessons: आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में जीवन को सफल बनाने के कई सिद्धांत बताए हैं. इनमें से एक महत्वपूर्ण शिक्षा यह है कि अच्छी चीजों और गुणों को उनके स्रोत के आधार पर नहीं, बल्कि उनके मूल्य के आधार पर स्वीकार करना चाहिए.

चाणक्य कहते हैं कि यदि कोई मूल्यवान वस्तु या ज्ञान किसी साधारण या निम्न स्थान से भी मिले, तो उसे अपनाने में संकोच नहीं करना चाहिए. यही सोच व्यक्ति को ज्ञानवान और सफल बनाती है.

चाणक्य नीति श्लोक

विषादप्यमृतं ग्राह्यम् अमेध्यादपि काञ्चनम्।
नीचादप्युत्तमां विद्या स्त्रीरत्नं दुष्कुलादपि॥

अर्थ

इस श्लोक में चाणक्य कहते हैं कि यदि विष में भी अमृत मिल जाए तो उसे ग्रहण कर लेना चाहिए. गंदगी में पड़ा हुआ सोना भी उठा लेना चाहिए. इसी प्रकार यदि किसी निम्न व्यक्ति से भी श्रेष्ठ ज्ञान मिले तो उसे अवश्य ग्रहण करना चाहिए. और यदि किसी साधारण कुल में भी गुणी और श्रेष्ठ कन्या हो, तो उसे स्वीकार करना चाहिए. अर्थात् गुण और मूल्य को देखना चाहिए, न कि उसके स्रोत को.

क्यों नीच व्यक्ति से भी ज्ञान लेने की सलाह देते हैं चाणक्य? जानिए कारण (Chanakya Niti Life Lessons)

Chanakya Niti Life Lessons
लालची औरत

1. चाणक्य के अनुसार अच्छा ज्ञान किसी भी व्यक्ति से मिल सकता है. इसलिए व्यक्ति को अहंकार छोड़कर हर जगह से सीखने की आदत रखनी चाहिए.

2. जैसे सोना गंदगी में भी सोना ही रहता है, उसी तरह अच्छी चीजों की पहचान करना और उन्हें अपनाना समझदारी है.

3. किसी के पद, परिवार या स्थिति के आधार पर नहीं बल्कि उसके गुणों के आधार पर उसका सम्मान करना चाहिए.

4. जो व्यक्ति केवल अपने स्तर के लोगों से ही सीखना चाहता है, वह जीवन में बहुत कुछ सीखने से वंचित रह जाता है.

5. अच्छे विचार, अच्छा ज्ञान और अच्छे गुण जीवन की दिशा बदल सकते हैं, चाहे वे कहीं से भी प्राप्त हुए हों.

6. चाणक्य का संदेश है कि जीवन में निर्णय लेते समय बाहरी दिखावे के बजाय वास्तविक मूल्य और गुणों को पहचानना जरूरी है.

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Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

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