कोरोना पर यूएन ने किया आगाह - अभी खत्म नहीं हुई है महामारी, एशिया में बड़े पैमाने पर सामने आ रहे मामले
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Apr 2022 12:19 PM
यूएन महासचिव नेगावी कोवैक्स एडवांस मार्केट कमिटमेंट समिट-2022 में दिए एक वीडियो संदेश 'वन वर्ल्ड प्रोटेक्टेड-ब्रेक कोविड नाउ' में कहा कि यह बैठक इस बात की याद दिलाने के लिए अहम है कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है.
संयुक्त राष्ट्र/नई दिल्ली : कोरोना की चौथी लहर को लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने दुनिया के देशों को आगाह किया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कोरोना महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि एशिया से बड़े पैमाने पर कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने दुनिया भर की सरकारों और दवा निर्माता कंपनियों से हर जगह और हर व्यक्ति तक कोरोना रोधी टीका पहुंचाने की अपील की है.
यूएन महासचिव ने शुक्रवार को गावी कोवैक्स एडवांस मार्केट कमिटमेंट समिट-2022 में दिए एक वीडियो संदेश ‘वन वर्ल्ड प्रोटेक्टेड-ब्रेक कोविड नाउ’ में कहा कि यह बैठक इस बात की याद दिलाने के लिए अहम है कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है. रोजाना औसतन 15 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं. एशिया में बड़े पैमाने पर मरीज मिल रहे हैं. पूरे यूरोप में एक नयी लहर फैल रही है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस ने कहा कि कुछ देशों में महामारी की शुरुआत के बाद से मृत्यु दर सबसे अधिक दर्ज की जा रही है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉ वेरिएंट ने सबको हैरत में डाल दिया था और यह इस बात की याद दिलाता है कि उच्च टीकाकरण दर के अभाव में वायरस कितनी जल्दी उत्परिवर्तित होकर फैल सकता है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अफसोस जताया कि कुछ उच्च आय वाले देश अपने नागरिकों को दूसरी बूस्टर खुराक देने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि एक-तिहाई वैश्विक आबादी का टीकाकरण शुरू भी नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि यह हमारी असमान दुनिया का एक कटु सत्य है. यह नए वेरिएंट्स के अस्तित्व में आने, अधिक मौत होने और मानव समाज के लिए आर्थिक दुश्वारियां बढ़ने की प्रमुख वजह भी बन रहा है.
गुतारेस ने कहा कि अगले वेरिएंट की दस्तक को लेकर ‘अगर’ नहीं, बल्कि ‘कब’ का सवाल उठना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम इस साल के मध्य तक हर देश की 70 फीसदी आबादी के टीकाकरण के लक्ष्य से बहुत दूर हैं. औसतन हर चार महीने पर नए वेरिएंट्स का सामने आना इस बात की चेतावनी देता है कि समयसीमा का पालन कितना अहम है. गुतारेस ने कहा कि सरकारों और दवा कंपनियों को एक साथ काम करने की जरूरत है, ताकि हर जगह हर व्यक्ति को टीके पहुंचाए जा सकें, न कि सिर्फ अमीर देशों में.
बताते चलें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा था कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक नया म्यूटेंट पहली बार ब्रिटेन में पाया गया था, जो वायरस के पिछले वेरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक प्रतीत होता है. डब्ल्यूएचओ ने पिछले सप्ताह कहा था कि कोरोना का एक्सई वेरिएंट (बीए.1-बीए.2) का पहली बार ब्रिटेन में 19 जनवरी को पता चला था और तब से इसके 600 से अधिक रूपों की पुष्टि की गई है.
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कोरोना के नए मामलों को लेकर अगर देशों की बात करें तो सबसे अधिक नए साप्ताहिक मामले दक्षिण कोरिया से सबसे अधिक (2,058,375 नए मामले 16 प्रतिशत की गिरावट) मामले सामने आए. इसके बाद जर्मनी (1,371,270 नए मामले, 13 प्रतिशत की कमी), फ्रांस (959,084 नए मामले, 13 प्रतिशत की वृद्धि), वियतनाम (796,725 नए मामले, 29 प्रतिशत की गिरावट) और इटली (486,695 नए मामले, तीन प्रतिशत की गिरावट) में मामले दर्ज किए गए. वहीं, मौतों की बात करें तो सबसे ज्यादा जानें अमेरिका (4,435 मौतें, 10 प्रतिशत की गिरावट), रूस (2,357 मौतें, 18 प्रतिशत की गिरावट), दक्षिण कोरिया (2,336 मौतें, 5 प्रतिशत गिरावट), जर्मनी (1,592 मौतें, 5 प्रतिशत की वृद्धि) और ब्राजील में (1,436 मौतें, 19 प्रतिशत की गिरावट) मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई.
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