Omicron Virus: कोरोना के नए वैरिएंट के ये हैं लक्षण, जानें नई गाइडलाइन
Omicron Virus : दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए ओमीक्रॉन (B.1.1.529) वैरिएंट मिलने से लोगों के बीच खलबली मच गई है. इसके लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है. हम आपको इस नए वैरिएंट के लक्षण और नई गाइडलाइन से अपडेट करा रहे हैं.
इन देशों में फैल चुका है नया वैरिएंट ओमिक्रॉन
कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन अभी तक बेल्जियम, इस्राइल, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन समेत दुनिया के 10 देशों में फैल चुका है. इसके बाद कई देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं. इस्राइल ने तो इस नए वैरिएंट के कारण अपनी सीमाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया है.
कौन हो सकते हैं नए वैरिएंट का सोर्स?
दक्षिण अफ्रीका में चिंताजनक स्वरूप क्यों आया है? हम निश्चित रूप से इस बारे में नहीं जानते हैं. यह निश्चित रूप से संक्रामक वायरस की निगरानी के लिए ठोस प्रयासों के परिणाम से कहीं अधिक प्रतीत होता है. एक सिद्धांत यह है कि अत्यधिक संवेदनशील इम्यून सिस्टम वाले लोग, और जो लंबे समय तक संक्रमण का अनुभव करते हैं, वे नए वैरिएंट का सोर्स हो सकते हैं.
24 नवंबर को WHO के पास पहुंची थी रिपोर्ट
WHO के पास 24 नवंबर 2021 को दक्षिण अफ्रीका में B.1.1.529 वैरिएंट से संक्रमण का पहला मामला सामने आया. हालांकि इस वैरिएंट से संक्रमण का पता 9 नंवबर 2021 को टेस्ट के लिए आए एक सैंपल में मिला था।WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधनम घेब्रेसस ((Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बताया कि नया कोविड-19 वैरिएंट ओमिक्रॉन के बड़ी संख्या में म्यूटेशन हैं जिसमें से कुछ तो काफी चिंताजनक है। इसलिए हमें वैक्सीन को लेकर सजग होना होगा.
कौन हो सकते हैं नए वैरिएंट का सोर्स?
दक्षिण अफ्रीका में चिंताजनक स्वरूप क्यों आया है? हम निश्चित रूप से इस बारे में नहीं जानते हैं. यह निश्चित रूप से संक्रामक वायरस की निगरानी के लिए ठोस प्रयासों के परिणाम से कहीं अधिक प्रतीत होता है. एक सिद्धांत यह है कि अत्यधिक संवेदनशील इम्यून सिस्टम वाले लोग, और जो लंबे समय तक संक्रमण का अनुभव करते हैं, वे नए वैरिएंट का सोर्स हो सकते हैं.
ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर क्या खतरे हैं?
वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन में ओमीक्रॉन वेरिएंट में सबसे अधिक संख्या में म्यूटेशन होता है. इससे ये प्रभावित कर सकता है कि ये वेरिएंट कितनी आसानी से लोगों में फैलता है. WHO ने ओमिक्रॉन वेरिएंट के डेटा का आकलन करने के लिए शुक्रवार को विशेषज्ञों के एक समूह की बैठक बुलाई.
क्या कोरोना टेस्ट के जरिए ओमीक्रॉन का पता लगाया जा सकता है?
WHO के अनुसार, वर्तमान SARS-CoV-2 PCR डायग्नोस्टिक्स इस वैरिएंट का पता लगा सकता है. इसने कहा, कई लैब्स ने इस बात की ओर इशारा किया है कि एक व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले पीसीआर टेस्ट में तीन टार्गेट जीन का पता नहीं चला है. ऐसे में टेस्ट करने पर अगर ऐसा होता है तो हम इसे ओमिक्रॉन वेरिएंट को पहचानने के लिए एक मार्कर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं.
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