ePaper

Monkeypox के उपचार के लिए एंटीवायरल दवा 'टेकोविरिमैट' प्रभावी, अध्ययन से ये बात आई सामने

Updated at : 30 Aug 2022 5:17 PM (IST)
विज्ञापन
Monkeypox के उपचार के लिए एंटीवायरल दवा 'टेकोविरिमैट' प्रभावी, अध्ययन से ये बात आई सामने

Monkeypox Treatment: टेकोविरिमैट चेचक के इलाज के लिए एक एंटीवायरल दवा है. हाल ही में, यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने चिकित्सकों को मंकीपॉक्स सहित ऑर्थोपॉक्सवायरस संक्रमण वाले वयस्कों और बच्चों के इलाज के लिए अनुकंपा के आधार पर टेकोविरिमैट को निर्धारित करने की अनुमति दी थी.

विज्ञापन

Monkeypox Treatment: एक नए अध्ययन में एंटीवायरल दवा टेकोविरिमैट के मंकीपॉक्स संक्रमण के उपचार में प्रभावी होने की बात सामने आई है. मंकीपॉक्स से संक्रमित 25 रोगियों पर किए गए इस छोटे अध्ययन को पत्रिका जेएएमए में प्रकाशित किया गया है.

चेचक के उपचार में होता है टेकोविरिमैट का प्रयोग

मंकीपॉक्स के रोगियों का उपचार एंटीवायरल के साथ किए जाने के परिणामों का यह सबसे शुरुआती आकलन है. टेकोविरिमैट (टीपीओएक्सएक्स) चेचक के उपचार में इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवा है. यह दवा वायरस की बाहरी परत को खोलने वाले प्रोटीन की क्रिया को बाधित कर शरीर में वायरस के प्रसार को सीमित करती है.

अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने हाल ही में डॉक्टरों को मंकीपॉक्स सहित अन्य ऑर्थोपॉक्स वायरस के संक्रमण वाले मरीजों के उपचार के लिए टेकोविरिमैट का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी.

प्रमुख अध्ययनकर्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंजिल देसाई ने कहा, ‘‘मंकीपॉक्स संक्रमण के लिए टेकोविरिमैट के इस्तेमाल पर हमारे पास बहुत सीमित क्लीनिकल आंकड़े हैं. रोग के प्राकृतिक रूप से पनपने के बारे में और इस पर टेकोविरिमैट तथा अन्य एंटीवायरल दवाओं के प्रभाव के बारे में जानने के लिए और अध्ययन किए जाने की जरूरत है.”

मंकीपॉक्स के लक्षण

  • बुखार आना.

  • स्किन पर चकत्ते पड़ना. ये चेहरे से शुरू होकर हाथ, पैर, हथेलियों और तलवों तक हो सकते हैं.

  • सूजे हुए लिम्फ नोड. यानी शरीर में गांठ पड़ना.

  • सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द या थकावट.

  • गले में खराश और खांसी आना.

मंकीपॉक्स बनाम कोरोनाः कैसे फैलता है संक्रमण?

मंकीपॉक्सः WHO का मानना है कि ये बीमारी जानवरों से इंसानों में आई है. 50 साल पहले इसका ह्यूमन टू ह्यूमन टू ह्यूमन ट्रांसमिशन शुरू हो गया था. संक्रमित व्यक्ति दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है. किसी संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से, उससे यौन संबंध बनाने से या उसके कपड़ों और दूसरी चीजों का इस्तेमाल करने से संक्रमण फैल सकता है.

भाषा

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola