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इम्यूनिटी बढ़ाने के लिये कहीं ज्यादा तो नहीं पी रहे काढ़ा, नाक से खून, यूरिन में जलन सहित कई गंभीर बीमारी का हो सकता है खतरा

Updated at : 19 Jul 2020 9:39 AM (IST)
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इम्यूनिटी बढ़ाने के लिये कहीं ज्यादा तो नहीं पी रहे काढ़ा, नाक से खून, यूरिन में जलन सहित कई गंभीर बीमारी का हो सकता है खतरा

Kadha, Side effects, immunity booster : कोविड-19 (Covid 19) के मौजूदा दौर में संक्रमण से बचने के लिए लोग इम्यूनिटी को बढ़ाने (Immunity Booster) का हर मुमकिन प्रयास कर रहे हैं. इस बीच कई लोगों ने प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए काढ़ा (immunity booster kadha) पीना शुरू कर दिया है. कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो जानकारी की कमी के चलते काढ़े (kadha for immunity) का जरूरत से ज्यादा सेवन कर रहे हैं. कहीं आप भी यह गलती करनेवालों में से एक तो नहीं हैं? यदि ऐसा है, तो आज ही काढ़े का सेवन (kadha drink) करने से जुड़ी कुछ बातों को जान लें, क्योंकि इसका जरूरत से ज्यादा सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.

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Kadha, Side effects, immunity booster : कोविड-19 (Covid 19) के मौजूदा दौर में संक्रमण से बचने के लिए लोग इम्यूनिटी को बढ़ाने (Immunity Booster) का हर मुमकिन प्रयास कर रहे हैं. इस बीच कई लोगों ने प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए काढ़ा (immunity booster kadha) पीना शुरू कर दिया है. कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो जानकारी की कमी के चलते काढ़े (kadha for immunity) का जरूरत से ज्यादा सेवन कर रहे हैं. कहीं आप भी यह गलती करनेवालों में से एक तो नहीं हैं? यदि ऐसा है, तो आज ही काढ़े का सेवन (kadha drink) करने से जुड़ी कुछ बातों को जान लें, क्योंकि इसका जरूरत से ज्यादा सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.

जानें काढ़ा पीने के साइड इफेक्ट (kadha side effects) : अगर आप काढ़ा सही मात्रा में या फिर तासीर के हिसाब से नहीं पी रहे हैं, तो आपको नाक से खून आने (blood from nose), मुंह में छाले होने, पेट में गर्मी बढ़ने से जलन महसूस होने एवं पेशाब में जलन (urine infection) होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. आमतौर पर काढ़े में काली मिर्च, सोंठ, पीपली, दालचीनी, हल्दी, गिलोय, अश्वगंधा जैसी औषधियों का प्रयोग किया जाता है. इन चीजों की तासीर बहुत गर्म होती है. यदि कोई व्यक्ति जरूरत से अधिक इन चीजों का सेवन करेगा, तो उसके शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे उसे बदहजमी (indigestion) व जलन की शिकायत हो सकती है. कुछ लोगों में काढ़े का अधिक सेवन मुहांसों (acne) की समस्या को भी बढ़ावा दे सकता है.

कम कर सकते हैं गर्म तासीर वाली औषधियों की मात्रा : ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) की डायरेक्टर डॉक्टर तनुजा नेसारी के अनुसार लोगों को आयुष मंत्रालय (aayush mantralay kadha) द्वारा बताये गये काढ़े का सेवन ही करना चाहिए, क्योंकि उसको तैयार करते समय औषधियों का मात्रा का विशेष ख्याल रखा हाता है. अगर आप घर पर काढ़ा बना रहे हैं, तो उसकी गर्म तासीर को कम करने के लिए सोंठ, काली मिर्च की मात्रा कम करके इलाइची (Cardamom), गिलोय (Giloy), मुलेठी (Muleti) आदि डाल सकते हैं.

ज्यादा गाढ़ा न हो काढ़ा (kadha) : विशेषज्ञों की मानें तो जिन लोगों को कफ की समस्या रहती है वे थोड़ा ज्यादा काढ़ा भी पी लेंगे तो कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि काढ़े में प्रयोग की जानेवाली त्रिकुट औषधि कफ को कम करती है, लेकिन वात और पित्त वालों को इसके सीमित सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए. त्रिकुट काढ़ा एक व्यक्ति को पांच ग्राम से ज्यादा नहीं लेना चाहिए. काढ़ा बनाते समय बर्तन में जितना पानी लें, उसका एक चौथाई पानी जब उबालने के बाद बच जाये तब काढ़ा पी सकते हैं. अगर फिर भी समस्या आ रही है, तो काढ़े को और कम मात्रा में लें और छोड़ा पतला काढ़ा पिएं.

समस्या होने पर करें ये उपाय : काढ़े का सेवन करने पर यदि किसी व्यक्ति के मुंह में छाले हो जायें, तो इनसे राहत पाने के लिए वह पान का पत्ता चबा सकता है. बड़ी इलाइची का सेवन कर सकता है. वहीं पेट में गर्मी महसूस होने पर छाछ का सेवन भी किया जा सकता है. हां, मगर शाम या रात के वक्त छाछ का सेवन न करें.

Posted By : Sumit Kumar Verma

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By दिल्ली ब्यूरो

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