Health Tips: पैरों में नसों का ब्लॉकेज बढ़ा सकता है हार्ट अटैक का खतरा, जानिए कैसे बचें

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Health Tips: जब ब्लॉक के जमाव के कारण पैरों की नसों में कोमल गांठ हो जाती है तो, इसे पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) कहते है. हृदय में धमनियों के बंद होने की तरह ही, PAD शरीर के निचल हिस्से में रक्त के प्रवाह को रोकता है. आज के समय ज्यादातर लोगों को इसके बारे में नहीं मालूम हैं. आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि किस तरह से हम इसके लक्षण को पहचान सकते हैं और इसका बचाव कर सकते हैं.
Health Tips: हमारे शरीर में नसों के मार्ग से ऑक्सीजन और बाकी पोषक तत्व दूसरे महत्वपूर्ण अंगों तक पहुँचती है. जब ये नसें बंद हो जाती है तो कई बार दिल का दौरा या स्ट्रोक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है. कई लोग ऐसे है जिनकी पैर की नसें ब्लॉक हो जाती है, जिसके कारण वे काफी असहज महसूस करते हैं. जब ब्लॉक के जमाव के कारण पैरों की नसों में कोमल गांठ हो जाती है तो, इसे पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) कहते है. हृदय में धमनियों के बंद होने की तरह ही, PAD शरीर के निचल हिस्से में रक्त के प्रवाह को रोकता है. आज के समय ज्यादातर लोगों को इसके बारे में नहीं मालूम हैं. आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि किस तरह से हम इसके लक्षण को पहचान सकते हैं और इसका बचाव कर सकते हैं.
नसें ब्लॉक होने के क्या हैं कारण
जब भी कोलेस्ट्रॉल नसों की आंतरिक दीवारों पर जमा हो जाता है, तो धमनी बंद हो जाती है, जिसे परिधीय धमनी रोग के रूप में माना जाता है. ये अक्सर धूम्रपान, हाइ बीपी, मधुमेह और खराब लाइफस्टाइल कैसी समस्याओं के कारण होता है. बढ़ते समय के साथ ये सभी कारण रक्त वाहिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, पैरों में रक्त के बहाव को काम कर देते है, और दर्द, संक्रमण और यहां तक कि कुछ अंगों के नुकासन का भी जोखिम बढ़ाते हैं.
क्या हैं इसके लक्षण
इसके लक्षण काफी सामान्य होते हैं, जो कि आसानी से लोगों को समझ में नहीं आता है. जब नसें ब्लॉक होने की समस्या शुरू होती है, तो चलने में दर्द या ऐंठन, पैरों में सुन्नता या कमजोरी, निचले पैर या पूरे पैर में ठंढक, रंगहीन त्वचा या फिर धीमी गति से बढ़ने वाले नाखून जैसे लक्षण दिखाई देते है. ये लक्षण जैसे ही किसी व्यक्ति को दिखाई देना शुरू हो तो उसे तुरंत ही इसका निदान करना चाहिए.
जानिए बचाव के तरीके
- इस समस्या से बचाव के लिए सबसे पहले मरीज की स्थिति देखनी जरूरी है. कई बार लाइफस्टाइल में बदलाव करने से या फिर हाई बीपी की दवाएं लेने से भी ये समस्या ठीक हो जाती हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि उचित रक्त प्रवाह के लिए और जटिलताओं के जोखिम को काम करने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है.
- पैरों की नसों को ब्लॉककेज से बचाने के लिए हमें आने जीवनशैली में पूरे तरीके से बदलाव करने की जरूरत होती है. रेगुलर एक्सर्साइज, धूम्रपान का सेवन नहीं करना, इसके साथ ही साथ उरणी सभी बीमारी का नियमित तौर पर जांच काफी जरूरी होती है. क्योंकि जितनी जल्दी बीमारी का पता चलेगा उतनी ही जल्दी मरीज के ठीक होने की उम्मीद बढ़ती है.
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By Prerna
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