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Drinking Too Much Water Side Effects: ज्यादा मात्रा में पानी पीने कम कर सकता है सोडियम लेवल, हार्ट अटैक, लीवर या किडनी फेल से जा सकती है जान

By Prabhat khabar Digital
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Jyada Pani Pine Ke Nuksan
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Drinking Too Much Water, Cause, Side Effects, How Much Water Should You Drink A Day: पानी पीना सेहत के लिए जितना लाभदायक है उतना ही खतरनाक भी. वर्ष 2007 में यूएस में एक रेडियो स्टेशन में पानी पीने की प्रतियोगिता रखी गयी थी. जिसमें जेनिफर नाम की एक शादीशुदा लेडी की ज्यादा पानी पीने से जान चली गयी. बाद में उस रेडियो स्टेशन पर 1 करोड़ 65 लाख का जुर्माना लगा.

डॉक्टरों के मुताबिक बिना पेशाब किए लगभग तीन घंटे से पानी पीने से उस औरत की मौत हुई. दरअसल, जब पानी की ज्यादा मात्रा शरीर में हो जाए तो जहर के समान हो जाता है. जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है. आपको बता दें कि इससे हमारे बल्ड में सोडियम की मात्रा बेहद कम हो सकती है.

शरीर में सोडियम पानी मात्रा को कैसे करता है कंट्रोल

दरअसल, रक्त में मौजूद सोडियम की मात्रा एक इलेक्ट्रोलाइट है. जो कोशिकाओं में पानी की मात्रा को कंट्रोल करने का काम करती है.

ज्यादा पानी से किन बिमारियों का खतरा

हाइपोनेट्रेमिया का बन सकता है कारण

वहीं, ज्यादा मात्रा में यदि पानी की मात्रा शरीर में चली जाए तो यह सोडियम की मात्रा को पतली या कम करने लगती है. जिससे हमारी कोशिकाएं फूलने लगती है. परिणामस्वरूप शरीर में सूजन की स्थिति बन जाती है. जिसे समय पर कंट्रोल नहीं किया गया तो इससे व्यक्ति की मौत तक हो सकती है. ऐसी स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) भी कहा जाता है.

हृदय, किडनी और लीवर खराब

शरीर में ज्यादा पानी की मात्रा हमारे हृदय की विफलता का कारण तो बन ही सकता है. साथ ही साथ यह किडनी और लीवर को भी बुरी तरह प्रभावित करता है.

एंटी-मूत्रवर्धक हार्मोन का बढ़ना

शरीर में ज्यादा मात्रा में पानी जाने से सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं बन पाते जिससे एंटी-मूत्रवर्धक हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है. इससे पेट फूलना, दर्द आदि संभव है.

यूरिक एसिड का कारण

दरअसल, ज्यादा मात्रा में पानी का सेवन किडनी के फंक्शन को भी प्रभावित करता है. किडनी पर फिल्टर करने का लोड बढ़ने लगता है. जिससे ये सही से काम करना बंद कर देता है. परिणामस्वरूप विषाक्त पदार्थ हड्डियों में मिलकर यूरिक ऐसी जैसी कई गंभीर रोगों का कारण बन जाते हैं.

हार्मोनल बदलाव

ज्यादा मात्रा में पानी पीने से हार्मोन उत्पादन करने की क्षमता पर भी फर्क पड़ता है. जिससे कई बीमारियां हो सकती है.

किनमें होता है हाइपोनेट्रेमिया का खतरा

ज्यादातर इस बीमारी का खतरा वैसे खिलाड़ियों में होता है जिन्हें ज्यादा दौड़-धूप करना पड़ता है. जैसे मैराथन, अल्ट्रामैराथन, ट्रायथलॉन वाले खिलाड़ी. क्योंकि इनकी पानी की मात्रा बढ़ जाती है.

क्या चलानी चाहिए दवाएं

इस दौरान मूत्रवर्धक, पेट दर्द संबंधी दवाएं चलाए जाते है. क्योंकि बढ़े हुए पानी की मात्रा से हार्मोन लेवल बिगड़ सकता है और यह गुर्दे को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है.

कितना पीना चाहिए पानी

विशेषज्ञों की मानें तो पुरुषों को प्रतिदिन 3.7 लीटर, जबकि महिलाओं को 2.7 लीटर पानी पीना चाहिए.

Posted By: Sumit Kumar Verma

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Published Date

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