Coronavirus Updates: भारत में पिछले 24 घंटों में 24,354 नए मामले,अमेरिका में कोरोना से मौत का आंकड़ा 7 लाख पार

Coronavirus Updates/US corona deaths: अमेरिका में डेल्टा स्वरूप के कारण मृतकों की संख्या 6,00,000 से 7,00,000 पहुंचने में महज साढ़े तीन महीने का वक्त लगा. डेल्टा स्वरूप का संक्रमण उन लोगों में ज्यादा फैला जिन्होंने कोरोना रोधी वैक्सीन की खुराक नहीं ले रखी थी.
Coronavirus Updates : भारत में पिछले 24 घंटों में 24,354 नए मामले सामने आए हैं. इसी दौरान 234 मरीजों की मौत भी हुई है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी है. इस बीच अमेरिका में कोरोना वायरस लोगों की लगातार जान ले रहा है. अमेरिका में इस संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या शुक्रवार को 7,00,000 के आंकड़े पर पहुंच गयी. वहीं, अत्यधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप के मामलों में कमी आनी शुरू हो गयी और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कुछ कम हुई है.
जानकारी के अनुसार अमेरिका में डेल्टा स्वरूप के कारण मृतकों की संख्या 6,00,000 से 7,00,000 पहुंचने में महज साढ़े तीन महीने का वक्त लगा. डेल्टा स्वरूप का संक्रमण उन लोगों में ज्यादा फैला जिन्होंने कोरोना रोधी वैक्सीन की खुराक नहीं ले रखी थी. मृतकों की संख्या बोस्टन की आबादी से कहीं ज्यादा है. मृतकों का यह आंकड़ा स्वास्थ्य नेताओं और चिकित्सकों के लिए परेशान करने वाला है क्योंकि वैक्सीन सभी अमेरिकियों को लगभग छह महीने से उपलब्ध हैं और वैक्सीन की खुराक उन्हें अस्पताल में भर्ती होने तथा मरने से बचा सकती है.
ऐसा अनुमान है कि सात करोड़ योग्य अमेरिकियों ने अभी वैक्सीन की खुराक नहीं ली है. बहरहाल, मृतकों की बढ़ती संख्या के बावजूद सुधार के कुछ संकेत हैं. देशभर में कोरोना से संक्रमित मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संख्या करीब 75,000 है जबकि सितंबर की शुरुआत में यह संख्या 93,000 थी. संक्रमण के नए मामलों में कमी आ रही है. मृतकों की संख्या भी कम होती दिखायी दे रही है. संक्रमण और मृतकों की संख्या कम होने की वजह अधिक लोगों के मास्क पहनने और वैक्सीन लगवाना है. वहीं, दवा कंपनी मर्क ने शुक्रवार को कहा कि उसकी कोरोना से संक्रमित लोगों के लिए प्रायोगिक गोली ने अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों और मृतकों की संख्या आधी कर दी. अगर इसे दवा नियामकों से मंजूरी मिल जाती है जो यह कोरोना वायरस का इलाज करने में कारगर पहली दवा होगी.
सरकार के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउची ने शुक्रवार को आगाह किया कि कुछ लोग वैक्सीन न लगवाने की वजह के तौर पर कुछ उत्साहजनक प्रवृत्तियों को देख सकते हैं. यह अच्छी खबर है कि संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं. यह वैक्सीन की खुराक लेने की आवश्यकता के मुद्दे से बचने का बहाना नहीं है.
Posted By : Amitabh Kumar
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