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शिक्षक दिवस 2020 : लोगों के दिमाग से सरकारी स्कूलों की परिभाषा बदलने में कामयाब हुए बेलकप्पी के उत्कृष्ट शिक्षक छत्रु प्रसाद

Updated at : 04 Sep 2020 10:51 PM (IST)
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शिक्षक दिवस 2020 : लोगों के दिमाग से सरकारी स्कूलों की परिभाषा बदलने में कामयाब हुए बेलकप्पी के उत्कृष्ट शिक्षक छत्रु प्रसाद

शिक्षक दिवस 2020 : हजारीबाग जिला के बरकट्ठा प्रखंड अंतर्गत राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, बेलकप्पी के प्रधानाध्यापक छत्रु प्रसाद क्षेत्र के लोगों के दिमाग से सरकारी स्कूल की परिभाषा बदलने में कामयाब हुए हैं. लोग कहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी है, तो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाओ, सरकारी विद्यालय तो बस नाम के होते हैं. लेकिन, शिक्षक छत्रु प्रसाद के हौसले और जज्बात ने कम संसाधनों में बेलकप्पी राजकीय उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर कर दिखाया. इन्होंने सरकारी विद्यालय की परिभाषा ही बदल डाले. विद्यालय में करीब 700 विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिसमें 600 बच्चों के नाम इन्हें जबानी याद है. अब विद्यालय में नामांकन की होड रहती है. शिक्षक छत्रु प्रसाद को उत्कृष्ट कार्य के लिए राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जायेगा है. शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर अन्य उत्कृष्ट शिक्षकों के साथ इन्हें भी सम्मानित किया जाना था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के कारण समारोह स्थगित किया गया है. संभावना व्यक्त की जा रही है कि 12 सितंबर, 2020 को छत्रु प्रसाद को सम्मानित किया जायेगा.

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शिक्षक दिवस 2020 : चलकुशा (इजहार हुसैन ) : हजारीबाग जिला के बरकट्ठा प्रखंड अंतर्गत राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, बेलकप्पी के प्रधानाध्यापक छत्रु प्रसाद क्षेत्र के लोगों के दिमाग से सरकारी स्कूल की परिभाषा बदलने में कामयाब हुए हैं. लोग कहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी है, तो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाओ, सरकारी विद्यालय तो बस नाम के होते हैं. लेकिन, शिक्षक छत्रु प्रसाद के हौसले और जज्बात ने कम संसाधनों में बेलकप्पी राजकीय उत्क्रमित कन्या उच्च विद्यालय को प्राइवेट स्कूलों से बेहतर कर दिखाया. इन्होंने सरकारी विद्यालय की परिभाषा ही बदल डाले. विद्यालय में करीब 700 विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिसमें 600 बच्चों के नाम इन्हें जबानी याद है. अब विद्यालय में नामांकन की होड रहती है. शिक्षक छत्रु प्रसाद को उत्कृष्ट कार्य के लिए राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जायेगा है. शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर अन्य उत्कृष्ट शिक्षकों के साथ इन्हें भी सम्मानित किया जाना था, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के कारण समारोह स्थगित किया गया है. संभावना व्यक्त की जा रही है कि 12 सितंबर, 2020 को छत्रु प्रसाद को सम्मानित किया जायेगा.

कैसे बदली तसवीर

जब शिक्षक छत्रु प्रसाद को 4 कमरों वाला राजकीय कन्या उच्च विद्यालय का प्रभार मिला, तो स्थिति बद से बदतर थी. स्कूल आवारा पशुओं का बसेरा था. स्कूल की जमीन अतिक्रमित थी. प्रभार लेने के बाद छत्रु प्रसाद ने सबसे पहले अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर पहल कर करीब 6 फीट ऊंचा चाहरदिवारी का निर्माण विधायक मद से करवाया. वर्तमान में स्कूल में 16 कमरे हैं. 150- 200 बच्चों का नामांकन था, जिसकी उपस्थिति बहुत कम हुआ करती थी. इससे बढ़ाने के लिए उसने डोर टू डोर संपर्क अभियान चलाया. बच्चों को मिलने वाला सरकारी पोशाक को बजार से न खरीद कर गांव के ही टेलर से सभी बच्चों का दो जोड़ी पोशाक सिलवाये. सप्ताह के 2 दिन बच्चे सफेद शर्ट- पैंट और जूता पहनते हैं.

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बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों का भी ड्रैस कोड किया लागू

छत्रु प्रसाद ने शिक्षको का भी ड्रैस कोड लागू किये तथा अपने वेतन से ड्रैस सिलवाकर दिये. शिक्षा का स्तर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया. यही कारण है कि स्कूल के आस-पास चलने वाले 3 प्राइवेट स्कूल जल्द ही बंद हो गये. उच्च विद्यालय के शिक्षक स्कूल में नहीं होने के बावजूद भी मैट्रिक में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चे सफल होते रहे. समय- समय पर बच्चों के बीच खेलकूद, मनोरंजन एवं अन्य प्रतियोगिता कराते रहे, तकि बच्चों का हौसला बढ़ता रहे. शिक्षक छत्रु प्रसाद बच्चों एवं ग्रामीणों के बीच अपने अनुशासन, पढ़ाने की शैली तथा शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं.

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लाॅकडाउन में बच्चों की शिक्षा प्रभावित ना हो, इसके लिए ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था करायी. लेकिन, गरीब बच्चों के पास स्मार्ट मोबाइल फोन नहीं रहने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी. छत्रु प्रसाद ने 22 सीक्रेट सुपर स्टार बनाया. प्रत्येक सीक्रेट सुपर स्टार एक- एक गली- मोहल्ला में जाकर जूम एप से बच्चों को अपने मोबाइल से 2 घंटे तक पढ़ाई की व्यवस्था कराये. यह माॅडल शिक्षा विभाग को काफी पंसद आया. तत्कालीन राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

जेपीएसपी परीक्षा में 42वें स्थान पर रहे छत्रु प्रसाद

शिक्षक छत्रु प्रसाद अपनी सफलता के लिए क्षेत्र के ग्रामीण, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार पाल, सहयोगी शिक्षकों, पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी सरिता दारेल के योगदान को महत्वपूर्ण मानते हैं. बरकट्ठा के कोकिल साव के पुत्र छत्रु प्रसाद वर्ष 2003- 09 तक पारा शिक्षक के रूप में इसी विद्यालय में सेवा दिये. वर्ष 2009 के जेपीएससी की परीक्षा में 42वां स्थान प्राप्त कर बरकट्ठा प्रखंड के केंदुआ गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में प्रभारी के रूप में पदभार संभाल लिया. वर्ष 2014 में रूटीन स्थानांतरण के तहत राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, बेलकप्पी भेजा गया, जहां आज तक कार्यरत हैं.

Posted By : Samir Ranjan.

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