झारखंड:हजारीबाग के लोटवा डैम में बड़ा हादसा, सात छात्रों में एक की बची जान,छह के शव बरामद, बाइक से आए थे घूमने

लोटवा के गोताखोरों ने शानू की बतायी जगह पर रेस्क्यू कर सबसे पहले आधा घंटा में शिव सागर का शव बरामद किया. इसके बाद मयंक सिंह, रजनीश पांडेय, ईशान सिंह, प्रवीण गोप और अंतिम में सुमित कुमार के शव को बाहर निकाला.
इचाक (हजारीबाग): हजारीबाग जिले के इचाक-पदमा सीमाना एनएच-33 फोर लैन से आधा किमी अंदर लोटवा डैम में मंगलवार को सात दोस्त घूमने गये थे. नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबने से छह दोस्तों की मौत हो गयी. एक दोस्त जीवित बच गया. घटना स्थल लोटवा डैम सुबह 9.30 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक का हाल. छह दोस्तों के मौत के चश्मदीद शानू कुमार ने बताया कि तीन मोटरसाइकिल से सभी सात दोस्त 9.30 बजे लोटवा डैम पहुंच गए. दोस्तों ने घुमने के बाद नहाने का प्लान बनाया. दो दोस्त पहले पानी में उतरे. नहाने के क्रम में डूबने लगे. तभी चार दोस्त बचाने के लिए पानी में उतरे और वो भी डूबने लगे. मैं बचाने के लिए कुछ दूर तक गया, लेकिन डर से पानी निकलकर चिल्लाते हुए आधा किमी दूर नेशनल हाइवे पहुंचा. जहां ईख का रस बेच रहे ठेलेवाला को चिल्लाते हुए बताया कि मेरे छह दोस्त डैम में डूब गये हैं. मैं जोर जोर से चिल्ला रहा था. इसी बीच बाइक से स्थानीय निवासी महेश पासवान वहां पहुंचे. मैंने उसे अपने दोस्तों को बचाने का आग्रह किया. महेश पासवान अपने बाइक पर बैठाकर डैम वापस लाया. मुझे पूछताछ करने के बाद उसने स्थानीय जिप सदस्य बसंत नारायण मेहता और जिप अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता को घटना की जानकारी दी. कुछ ही देर बाद जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता इचाक ओपी थाना प्रभारी धनंजय सिंह और सीओ मनोज महथा के साथ घटना स्थल पर पहुंचे. लोटवा गांव के स्थानीय गोताखोर कमल कच्छप, दीपक कच्छप, आकाश मिंज, छोटेलाल राम, दीपक राम सहित एक दर्जन को बुलाया गया. सभी गोताखोर लगभग पांच घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर छह डूबे छात्रों को बाहर निकाला.
सबसे पहले शिव सागर का शव निकला
लोटवा के गोताखोरों ने शानू की बतायी जगह पर रेस्क्यू कर सबसे पहले आधा घंटा में शिव सागर का शव बरामद किया. इसके बाद मयंक सिंह, रजनीश पांडेय, ईशान सिंह, प्रवीण गोप और अंतिम में सुमित कुमार के शव को बाहर निकाला.
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घटना स्थल पर पहुंचे छात्र के परिजन बिलख रहे थे
लोटवा डैम के किनारे लगभग 11.30 बजे छात्रों के परिजन पहुंचने लगे. घटना स्थल पर सबसे पहले छात्र रजनीश पांडेय के पिता राजीव पांडेय पहुंचकर दहाड़ मारकर रोने लगे. इसके बाद सुमित के पिता विजय साव, मयंक मां, बहन भी वहां पहुंचकर अपने बच्चे का नाम ले लेकर बिलखने लगी. सभी परिजन घटना स्थल पर मौजूद अपने बच्चों के स्कूल बैग से स्कूल ड्रेस और किताब निकालकर उस पर सर रखकर रो रहे थे.
शव निकालने में लोटवा के युवकों ने निभायी अहम भूमिका
लोटवा डैम में डूबे छह छात्रों के शव को निकालने में लोटवा गांव के तैराक युवकों ने अहम भूमिका निभायी. तैराक कमल कच्छप ने बताया कि डैम में युवकों के डूबने की सूचना पत्रकारों से मिली. इसके बाद मैं डैम पर पहुंचा. वहां मौजूद पुलिस अधिकारी से मैं लड़कों को तलाश करने के लिए आदेश मांगा. फिर मैं तैरकर गहरे पानी में गया डुबकी लगाया, तो लड़के दिखे. कमल ने बताया कि इसके बाद गांव के अन्य युवकों को बुलाया फिर ट्रक का टायर में हवा भरकर उसपर सभी लोग डैम का गहरे पानी में झगर डालकर तलाशी करने लगे. इसके बाद सभी छह शवों को बाहर निकाल लिया. टीम में दीपक कच्छप, छोटेलाल राम, सरोज लकड़ा, विनोद कच्छप, रतन कच्छप, दीपू कच्छप, आकाश मिंज,उपेंद्र कुमार समेत अन्य तैराक युवक शामिल थे.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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