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सुरक्षा बलों के लिए नक्सलियों ने जंगलों में बिछा रखा है IED बम, जंगलों में ग्रामीणों के प्रवेश पर रोक जारी

Updated at : 14 Jul 2021 12:51 PM (IST)
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सुरक्षा बलों के लिए नक्सलियों ने जंगलों में बिछा रखा है IED बम, जंगलों में ग्रामीणों के प्रवेश पर  रोक जारी

हालांकि हाल के दिनों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने एक दर्जन आइइडी बम बरामद कर निष्क्रिय किया है. परंतु कुछ ऐसे जंगल भी हैं. जहां पुलिस को बम खोजने में दिक्कत हो रही है. इधर, छह माह पहले नक्सलियों ने कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 40 गांवों से सटे जंगलों में आइइडी बम बिछा रखा है.

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गुमला : भाकपा माओवादी के मंसूबे ठीक नहीं है. सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए जंगलों में बम बिछा कर छोड़ दिया गया है. नक्सलियों के इस जाल में सुरक्षा बल फंस रहे हैं. यहां तक कि ग्रामीणों की जान भी खतरा में है. भाकपा माओवादियों ने किस जंगल में कहां आइइडी बम बिछा रखा है. इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं. पुलिस को भी कोई खुफिया जानकारी नहीं है. इसलिए सुरक्षा बल जंगल में घुस रहे हैं, तो आइइडी बम की चपेट में आ रहे हैं.

हालांकि हाल के दिनों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने एक दर्जन आइइडी बम बरामद कर निष्क्रिय किया है. परंतु कुछ ऐसे जंगल भी हैं. जहां पुलिस को बम खोजने में दिक्कत हो रही है. इधर, छह माह पहले नक्सलियों ने कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के करीब 40 गांवों से सटे जंगलों में आइइडी बम बिछा रखा है.

ताकि सुरक्षा बल जब नक्सलियों को खोजते हुए जंगल में घुसे तो बम की चपेट में आ सके. पुलिस के अनुसार नक्सलियों ने अपनी सुरक्षा के लिए जंगल में बम बिछा रखा है. वहीं जंगलों में बम बिछाने के बाद नक्सलियों ने गांवों में घूम कर ग्रामीणों को जंगल में घुसने व पशुओं को चराने पर रोक लगा दी है. यह रोक छह माह पहले लगायी थी, जो अभी भी जारी है. ग्रामीण अभी भी डर से जंगल में नहीं घुसते हैं.

बम की आवाज सुन दहला इलाका

केरागानी जंगल में सुबह को जैसे ही आइइडी बम ब्लास्ट किया. जंगलों में करीब पांच किमी की दूरी तक बम की आवाज सुनायी पड़ी. बम विस्फोट के बाद ग्रामीण डर से घर से नहीं निकले. कुछ ग्रामीण पशुओं को चराने खेत ले जा रहे थे. परंतु वे खेत भी नहीं गये. यहां तक कि मंगलवार को कई किसानों ने बिचड़ा उखाड़ कर रखा था. ताकि खेत में बिचड़ा रोप सके. परंतु, डर से आसपास के एक दर्जन गांवों में किसानों ने धान नहीं रोपा. न ही खेत में हल बैल चलाया गया. ग्रामीण मनरखन व गोस्नर बरवा ने कहा कि हमलोग सुबह को ही उठ कर खेत जाते हैं. परंतुं हमारे गांवों में पुलिस की गतिविधि को देख कर खेत नहीं गये. अचानक सुबह साढ़े सात बजे जोरदार आवाज हुई. बम की आवाज सुन हम घर के बाहर ही बैठे रहे. कहीं नहीं गये.

Posted By : Sameer Oraon

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