अंधविश्वास के कारण गुमला के गांवों में बेकसूर वृद्धों की जा रही है जान, 7 साल में डायन बिसाही मामले में 50 लोगों की हो चुकी है हत्या

Updated at : 28 Feb 2021 7:44 PM (IST)
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अंधविश्वास के कारण गुमला के गांवों में बेकसूर वृद्धों की जा रही है जान, 7 साल में डायन बिसाही मामले में 50 लोगों की हो चुकी है हत्या

Jharkhand Crime News, Gumla News : आदिवासी बहुल गुमला जिला के गांवों में सबसे ज्यादा अंधविश्वास है. जिले में जादू टोना, भूत-पिशाच और डायन बिसाही में हुई नरसंहार की घटनाएं है. अभी ताजा उदाहरण 24 फरवरी की है. कामडारा के पहाड़गांव आमटोली में अंधविश्वासी लोगों ने एक ही परिवार के 5 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. यहां तक कि मासूम बच्चे को भी नहीं छोड़ा था. गुमला की घटना ने सरकार तक को अंधविश्वास के खिलाफ सोचने पर मजबूर किया. DC, SP के अलावा पूरा सिस्टम परेशान है. लेकिन, अंधविश्वास की जो मोटी परत गुमला में जमी हुई है. वह कम होता दिखायी नहीं पड़ रहा है.

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Jharkhand Crime News, Gumla News, गुमला (दुर्जय पासवान) : आदिवासी बहुल गुमला जिला के गांवों में सबसे ज्यादा अंधविश्वास है. जिले में जादू टोना, भूत-पिशाच और डायन बिसाही में हुई नरसंहार की घटनाएं है. अभी ताजा उदाहरण 24 फरवरी की है. कामडारा के पहाड़गांव आमटोली में अंधविश्वासी लोगों ने एक ही परिवार के 5 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी. यहां तक कि मासूम बच्चे को भी नहीं छोड़ा था. गुमला की घटना ने सरकार तक को अंधविश्वास के खिलाफ सोचने पर मजबूर किया. DC, SP के अलावा पूरा सिस्टम परेशान है. लेकिन, अंधविश्वास की जो मोटी परत गुमला में जमी हुई है. वह कम होता दिखायी नहीं पड़ रहा है.

अंधविश्वास में हत्याओं के अलावा महिलाओं को घुमाने, सिर मुड़वाने, गांव से बाहर निकालने, जुर्माना वसूलने सहित कई घटनाएं घट चुकी है. सबसे दुखद बात यह रही. समाज के सामने अंधविश्वास का नंगा नाच होता है. इसमें कई पढ़े लिखे लोग मूक-दर्शक बना रहते हैं.

गांवों में सबसे ज्यादा अंधविश्वास

जिस तेजी से गुमला जिला विकास के पथ पर बढ़ रहा है. आबादी बढ़ी है. पढ़े- लिखे लोगों की संख्या बढ़ी है. उसी तेजी से अंधविश्वास भी गुमला में बढ़ता दिख रहा है. यही वजह है. गुमला में डायन बिसाही में एक साथ 4 से 5 लोगों की हत्या होते रही है. फिलहाल में जो घटनाएं घटी है. इससे गुमला जिला अंधविश्वास में जकड़ा हुआ नजर आ रहा है. सबसे ज्यादा अंधविश्वास गांवों में है. अगर जल्द अंधविश्वास के इस खेल को खत्म नहीं किया गया, तो गुमला में आये दिन हत्या होगी. वृद्ध महिला- पुरुषों का जीना दूभर होगा क्योंकि गुमला में सबसे ज्यादा बेकसूर लोग ही अंधविश्वास की बलि चढ़ रहे हैं. अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने के लिए जागरूकता के बीज बोने होंगे.

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अशिक्षा के कारण फैलाया गया भ्रम : गुमला एसपी

गुमला एसपी एचपी जनार्दनन ने कहा कि डायन बिसाही अशिक्षा के कारण फैलाया गया भ्रम है. जिन गांवों में शिक्षा का स्तर कम है. उन गांवों में अंधविश्वास ज्यादा है. जिस गांव में शिक्षित लोग रहते हैं. वहीं अंधविश्वास कम है. प्रशासन लोगों को जागरूक कर रही है.

अंधविश्वास से बचे ग्रामीण : विधायक

गुमला विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि लोगों से अपील है कि कोई भी कहे कि वह डायन है. जादू- टोना जानता है, तो ऐसे लोगों पर विश्वास न करे क्योंकि यह एक-दो लोगों द्वारा फैलाया जाने वाला भ्रम है. अगर कोई डायन होता, तो आज देश का सबसे बड़ा आदमी होता. इसलिए अंधविश्वास से बचे.

महिला समूहों को निभानी होगी अहम भूमिका : संजय भगत

CWC सदस्य संजय भगत ने कहा कि अंधविश्वास को खत्म करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आना होगा. गांव में काम में कर रही महिला समूहों को भी इसमें अहम भूमिका निभानी होगी. तभी गांव से जादू टोना को खत्म किया जा सकता है.

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जनप्रतिनिधि भी दिखायें रूचि : मिशिर कुजूर

युवा समाजसेवी मिशिर कुजूर ने कहा कि अंधविश्वास को खत्म करने के लिए जनप्रतिनिधि इसमें रूचि दिखाते हुए लोगों को जागरूक करें. तभी गांवों से अंधविश्वास खत्म होगा क्योंकि किसी एक के बूते अंधविश्वास को खत्म नहीं किया जा सकता है.

जादू टोना व डायन बिसाही में हुई बड़ी घटनाएं

– 28 जुलाई, 2018 को पालकोट के कोंडेकेरा गांव में 4 लोगों की हत्या हुई थी. आरोपी को हर समय भूत दिखता था. इसलिए वह गांव की महिला व उसके दो बच्चों को मार डाला. इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को मार डाला था.

– 21 जुलाई, 2019 को सिसई के नगर सिसकारी गांव में चापा भगत (65 वर्ष), उसकी पत्नी पीरी देवी (62 वर्ष), सुना उरांव (65 वर्ष) और फगनी देवी (60 वर्ष) की अंधविश्वासी ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला था.

– 27 अगस्त, 2016 को पालकोट के बिलिंगबीरा में डायन बिसाही में पति, पत्नी और मासूम बेटे की हत्या कर दी गयी थी. इतना ही नहीं शव को जमीन में गाड़ दिया था. पुलिस ने दो महीने बाद शव बरामद की थी. पड़ोसी के बेटे बीमार हो रहे थे. इसलिए पूरे परिवार की हत्या की गयी थी.

– 24 फरवरी, 2021 को कामडारा के पहाड़गांव आमटोली गांव में पति, पत्नी, बेटी, बहू और पोता की हत्या कर दी गयी थी. गांव में बीमारी से कुछ लोग मर गये थे. कुछ लोग बीमार हुए थे. इसके बाद अंधविश्वास में आकर पूरे परिवार को ग्रामीणों ने मार डाला था.

– 18 अक्तूबर, 2020 को घाघरा थाना क्षेत्र के हालमाटी गांव में ग्रामीणों ने वृद्ध दंपती की डायन बिसाही के शक में हत्या कर शव को मसरिया डैम में डाल दिया था. पहले पति फिर बाद में पत्नी का शव मिला था.

– गुमला शहर से सटे सोसो महलीटोली गांव में डायन बिसाही में वृद्ध दंपती की उसके ही 3 बच्चों के सामने हत्या कर दी गयी थी. इस हत्याकांड का उद्भेदन हो चुका है, लेकिन अभी भी इस गांव में अंधविश्वास है.

7 साल में डायन बिसाही में हुई हत्याएं

वर्ष : डायन हत्या
2014 : 11
2015 : 10
2016 : 07
2017 : 11
2018 : 05
2019 : 03
2020 : 03

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Posted By : Samir Ranjan.

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