गुमला पुलिस की अनोखी पहल : जवानों के दान के पैसों से गरीबों की मिट रही भूख
Author : AmleshNandan Sinha Published by : Prabhat Khabar Updated At : 27 Apr 2020 6:33 PM
गुमला में लोग अक्सर पुलिस के नाम से भागते थे. उनके खिलाफ बोलते थे. आज उसी पुलिस को गुमला के लोग प्यार दे रहे हैं. उन्हें सलाम कर रहे हैं. राह चलती पुलिस को देख हर कोई ताली बजाकर उनके कार्यो की प्रशंसा कर रहा है. पुलिस की बातों को लोग सुन रहे हैं और लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं. दरअसल गुमला पुलिस ने अनोखी पहल की है. पुलिस लॉक डाउन में डयूटी करने के अलावा गरीब, असहाय व भूखों को भोजन करा रही है. नक्सल प्रभावित गांवों में रहने वाले गरीबों को 10 दिन का राशन उपलब्ध कराया गया है.
गुमला में लोग अक्सर पुलिस के नाम से भागते थे. उनके खिलाफ बोलते थे. आज उसी पुलिस को गुमला के लोग प्यार दे रहे हैं. उन्हें सलाम कर रहे हैं. राह चलती पुलिस को देख हर कोई ताली बजाकर उनके कार्यो की प्रशंसा कर रहा है. पुलिस की बातों को लोग सुन रहे हैं और लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं. दरअसल गुमला पुलिस ने अनोखी पहल की है. पुलिस लॉक डाउन में डयूटी करने के अलावा गरीब, असहाय व भूखों को भोजन करा रही है. नक्सल प्रभावित गांवों में रहने वाले गरीबों को 10 दिन का राशन उपलब्ध कराया गया है.
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गरीबों की मदद करने में पुलिस किसी सरकारी फंड या फिर किसी से चंदा नहीं ने रही है. बल्कि खुद सभी अधिकारी व जवानों ने वेतन से कुछ राशि दान की है. उसी दान की राशि से गरीबों व भूखों के लिए भोजन पक रहा है. पुलिस द्वारा कई जगह कैंप लगाकर गरीबों को भोजन कराया जा रहा है. हमारे संवाददाता दुर्ज पासवान से बातचीत में सार्जेंट मेजर प्रणव कुमार ने कहा कि हर दिन 100 भूखों को भोजन कराया जा रहा है. यहां तक की दर्जनों गांव के गरीबों तक राशन भी पहुंचाया गया है.
उन्होंने कहा कि गांवों में भी कैंप लगाकर भोजन खिलाया जा रहा है. खुशी इस बात की है कि हमारे पुलिस केंद्र गुमला के सभी अधिकारी व जवानों ने लॉकडाउन से प्रभावित गरीब व असहायों के लिए भोजन की व्यवस्था करने में मदद की है. वहीं गुमला जिले के सभी पुलिस अधिकारी व जवानों ने एक-एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में भी दान किया है.
गुमला के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले के 18 थानों में पुलिस सामुदायिक किचन भी चलाया जा रहा है. जहां हर रोज सैकड़ों लोगों को भोजन कराया जा रहा है. सभी थाना के बाहर कैंप है. गुमला शहर स्थित थाना गेट के समीप कैंप में तो हर रोज सैकड़ों लोगों को भोजन करते देखा जा रहा है. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है.
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गुमला जिले में सीआरपीएफ के अधिकारी व जवानों द्वारा भी गरीबों की मदद की जा रही है. कोरोना संकट के समय गांव-गांव में कैंप लगाकर सीआरपीएफ द्वारा गरीबों को राहत व जरूरत की सामग्री दी जा रही है. सीआरपीएफ उन जगहों में ज्यादा मदद पहुंचा रही है. जहां अभी तक मदद नहीं पहुंची है. खाने-पीने की सामग्री के अलावा बच्चों को भी कई मनोरंजन व खाने की सामग्री दी गयी है.
गुमला के एसपी एचपी जनार्दनन ने कहा कि गुमला पुलिस अपने कर्तव्य में लगी हुई है. लॉक डाउन का पालन कराया जा रहा है. वहीं लॉक डाउन से प्रभावित लोगों की भी पुलिस मदद कर रही है. अगर कोई भूखा है तो उसे पुलिस भोजन करा रही है. इस संकट में अगर किसी को जरूरत हो तो वे पुलिस से संपर्क करें. मदद मिलेगी.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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