गढ़वा के अंचल कार्यालय से 223 गांवों का भू-नक्शा गायब, प्राइवेट अमीन का चक्कर लगा रहे हैं रैयत

Updated at : 21 Jul 2021 12:20 PM (IST)
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गढ़वा के अंचल कार्यालय से 223 गांवों का भू-नक्शा गायब, प्राइवेट अमीन का चक्कर लगा रहे हैं रैयत

ऐसे में संबंधित अंचल तथा तहसील कार्यालय से नया व पुराना नक्शा गायब होने की वजह से इन 223 राजस्व ग्राम के रैयतो को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी के लिये संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

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Jharkhand News, Garhwa News गढ़वा : गढ़वा जिले के रंका, रमकंडा, भंडरिया व चिनिया अंचल के 223 राजस्व गांवों का भू-नक्शा अंचल कार्यालय से गायब है. इनमें रंका अंचल में पड़ने वाले आठ हल्का के अधीन 81 राजस्व ग्राम सहित रमकंडा अंचल के दो हल्का के अधीन 33, चिनिया अंचल के दो हल्का के अधीन 31 व भंडरिया अंचल के आठ हल्का के अंतर्गत 78 राजस्व ग्राम(बड़गड़ प्रखंड भी शामिल)के नाम शामिल है.

ऐसे में संबंधित अंचल तथा तहसील कार्यालय से नया व पुराना नक्शा गायब होने की वजह से इन 223 राजस्व ग्राम के रैयतो को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी के लिये संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

लेकिन इन रैयतों का काम नही हो रहा है. अंततः उन्हें प्राइवेट अमीन का सहारा लेना पड़ रहा है. बताया जाता है कि इन कार्यालयों में गत सर्वे का नक्शा(पुराना नक्शा)भी उपलब्ध नही है. जानकारी के अनुसार वर्ष 1993 व 1997 में हुए हाल सर्वे के समय विभाग ने इन राजस्व गांवों का भू-नक्शा संबंधित अंचल कार्यालय को उपलब्ध कराया था. लेकिन वर्तमान समय में इन कार्यालयों से भू-नक्शा गायब है.

बताया जाता है कि गत सर्वे व हाल सर्वे का नक्शा रंका अंचल कार्यालय में उपलब्ध कराया गया था. उस समय रमकंडा व चिनिया अंचल, रंका अंचल के ही अधीन थे. लेकिन रंका से अलग होने के बाद रमकंडा व चिनिया अंचल कार्यालय को भू-नक्शा उपलब्ध कराया गया या नही, इसकी जानकारी अधिकारियों को भी नही है. इसी तरह भंडरिया अंचल के अधीन बड़गड़ व भंडरिया प्रखंड के 78 गांवों का भी यही हाल है. यहां भी अंचल व तहसील कार्यालय में नया व पुराना भू नक्शा उपलब्ध नही है.

क्या हो रही है परेशानी

दरअसल गत सर्वे में हुए जमीन का सीमांकन के बाद जमीन का खाता व प्लॉट का निर्धारण किया गया. इसी के आधार पर संबंधित रैयत राजस्व कर्मचारी के यहां अपने जमीन का निर्धारित लगान जमा कर ऑफलाइन रसीद कटवाते रहे. इसके बाद हाल सर्वे में पुनः नए सिरे से जमीन का सीमांकन के साथ ही नया खाता व प्लॉट का निर्धारण किया गया. वहीं अब ऑफलाइन की जगह इसी हाल सर्वे में निर्धारित किये गये नया खाता व प्लॉट के आधार ऑनलाइन लगान रसीद निर्गत हो रहा है.

ऐसे में अधिकांश रैयतों को उन्हें अपनी रैयती, गैर मजरुआ या भुदान जमीन का नया खाता व प्लॉट की जानकारी ही नही है. इस कारण उन्हें अपने का जमीन का ऑनलाइन रसीद नही मिल पा रहा है. चूंकि हाल सर्वे के नया खाता व प्लॉट के आधार पर ही सिर्फ रैयती जमीन का ऑनलाइन रसीद निर्गत हो रहा है.

वहीं रैयती, गैरमजरूआ और भुदान जमीन का नया खाता व प्लॉट की जानकारी के लिये हाल सर्वे का भू नक्शा की जरूरत पड़ रही है. जो कार्यालय में उपलब्ध नही है. इसकी जानकारी लेने कार्यालय पहुंचने पर रैयतों को नक्शा उपलब्ध नही होने की बात कहकर वापस भेज दिया जा रहा है. अंततः परेशान होकर रैयतो को प्राइवेट अमीन का सहारा लेना पड़ रहा है.

अंचल अधिकारी से बात करते हैं: अनुमंडल पदाधिकारी

इस संबंध में पूछे जाने पर रंका अनुमंडल पदाधिकारी राजेश कुमार लिंडा ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नही है. वे इस संबंध में अंचल अधिकारी से बात करते हैं.

मुझे भी इसकी जानकारी नही है: अपर समाहर्ता सह डीडीसी

इस संबंध में पूछे जाने पर अपर समाहर्ता सह उपविकास आयुक्त सतेंद्रनारायण उपाध्याय ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नही है. अगर ऐसी बात है वे इस मामले की जांच करेंगे.

Posted By : Sameer Oraon

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