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Mission Impossible The Final Reckoning Review:टॉम क्रूज ने अपने शानदार परफॉरमेंस से आइकॉनिक किरदार ईथन हंट को दी विदाई जानदार

Updated at : 18 May 2025 7:05 AM (IST)
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Mission Impossible The Final Reckoning Advance Bookings in india

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टॉम क्रूज की फिल्म मिशन इम्पॉसिबल की आखिरी फ्रेंचाइजी में क्या है खास और कहां नहीं बनी बात जानते हैं इस रिव्यु में

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फिल्म – मिशन इम्पॉसिबल द फाइनल रेकनिंग
निर्माता – टॉम क्रूज
निर्देशक -क्रिस्टोफर मैक्वेरी
कलाकार – टॉम क्रूज,हेले एटेवले, विंग रेम्स,साइमन पेग,एसाई और अन्य
प्लेटफार्म -सिनेमाघर
रेटिंग – तीन

Mission Impossible The Final Reckoning Review: मिशन इम्पॉसिबल एक ऐसी एक्शन फ्रेंचाइजी है,जिसमें सुपरस्टार टॉम क्रूज ने ईथन हंट के तौर पर परदे पर एक ऐसा एक्शन सुपरस्टार गढ़ा, जो मौत को मात देने वाला स्टंट करता है. बीते तीस सालों से टॉम क्रूज ना सिर्फ इस फ्रेंचाइजी को संभाले हुए हैं बल्कि कई आइकॉनिक एक्शन दृश्य भी परफॉर्म किए हैं, जो टॉम क्रूज के मेहनत और साहस की मिसाल है. मिशन इम्पॉसिबल द फाइनल रेकनिंग से सिनेमा के इस आइकॉनिक किरदार की विदाई हो रही है.यह ईथन हंट का आखिरी मिशन है. कहानी और स्क्रीनप्ले कमजोर रह गए हैं, जिससे ईथन हंट को यादगार विदाई नहीं मिल पायी है,लेकिन इस फ्रेंचाइजी में एक बार फिर टॉम क्रूज शानदार रहे हैं और उन्होंने जानदार स्टंट-वर्क का प्रदर्शन किया है, जो ईथन हंट को ख़ास बनाता है. बुर्ज खलीफा पर चढ़ाई से लेकर चट्टानों में बाइक चला चुके टॉम क्रूज अपनी इस आखिरी फ्रेंचाइजी में पानी के नीचे, आसमान में हेलीकॉप्टर पर लटककर तो बर्फ से भरे पहाड़ स्टंट कर रहे हैं. एम आई फ्रेंचाइजी और टॉम क्रूज के फैन हैं,तो यह फिल्म एक बार देखनी बनती है.लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि यह तकनीकी रूप से बनी स्ट्रांग फिल्म है है. जिस वजह से सही थिएटर का चुनाव भी अहम है.

सेकेंड हाफ में मिशन इम्पॉसिबल के असल रंग दिखाती है

द फाइनल रेकनिंग, इस सीरीज की दो साल पहले रिलीज हुई द डेड रेकनिंग का दूसरा भाग है. दूसरा भाग वही शुरू होता है, जहां पहला खत्म हुआ था.कहानी की बात करें तो एक बार फिर ईथन हंट को अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया को बचाना है.मानवता का इस बार दुश्मन AI या कहे एंटिटी है. पिछले पार्ट में इस अदृश्य दुश्मन के बारे में बात हो चुकी है, जो दुनिया भर के न्यूक्लियर पावर रखने वाले देशों के सिस्टम को हैक कर चुका है.अदृश्य दुश्मन एंटिटी से दुनिया को बचाने का जिम्मा ईथन को मिला है. फिल्म के पहले पार्ट में ईथन को एक चाबी मिली थी.एंटिटी को खत्म करने के लिए क्या वह चाबी ईथन को मदद करेगी या दुनिया का विनाश हो जायेगा. इसी कहानी को ढाई घंटे से कुछ अधिक समय वाली इस फिल्म में दिखाया गया है.

फिल्म की खूबियां और खामियां

फिल्म की कहानी की बात करें तो फिल्म में कहानी के नाम पर कुछ खास नहीं है.फर्स्ट हाफ खत्म हो जाने के बाद भी टॉम क्रूज का एक्शन से लबरेज एक आइकोनिक सीन नहीं आता है. पूरा फर्स्ट हाफ कहानी को स्थापित करने में चला गया है. फिल्म का जो बेहद कमजोर पहलू है.इंटरवल के बाद कहानी मिशन इम्पॉसिबल के असल रंग को दर्शाती है.उसके बाद यह आपको एंगेज करने के साथ -साथ एंटरटेन भी करने लगती है.कहानी के सब प्लॉट्स की बात करें तो लूथर को छोड़कर कोई भी प्रभावी नहीं बन पाया है.फिल्म में एक सशक्त विलेन की भी कमी महसूस होती है. पहले पार्ट में जिस तरह से इसाई मोराल्स के किरदार को दिखाया गया था. इस सीक्वल में उस तरह से उनको परफॉर्म करने का मौका नहीं मिला है.अदृश्य खलनायक एंटिटी बहुत ही खतरनाक और रहस्यमय है. यह सिर्फ सुन सुनकर एक समय के बाद बाद चिढ़ होने लगती है.फिल्म में सबकुछ कमजोर रह गया है .ऐसा नहीं है. टॉम क्रूज और उनका एक्शन फिल्म को बांधे रखता है. दो सीक्वेंस प्रभावित करने में कारगर रहे हैं. फिल्म का एक सीक्वेंस लगभग बीस मिनट का है. सबमरीन वाला यह सीक्वेंस इस फिल्म का हाईलाइट है. 20 मिनट तक कोई भी संवाद नहीं, लेकिन वह पूरा सीन को आपको बांधे रखता है. परदे के भीतर का टेंशन आपको बाहर तक महसूस होती है. क्लाइमेक्स में हेलीकाप्टर चेज वाला सीक्वेंस भी शानदार है. इसके बावजूद यह बात कहना गलत नहीं होगा कि आपको एक्शन की कमी खलती है. फिल्म टेक्निकली बहुत स्ट्रांग है. सिनेमेटोग्राफी और कैमरावर्क कमाल का है. बैकग्राउंड म्यूजिक भी शानदार है. फिल्म में ईथन के पुराने सभी साथियों का एक साथ दिखना भावुक कर जाता है. फिल्म में इस फ्रेंचाइजी की पुरानी किस्तों की भी झलक है. आखिर में सीक्वल की गुंजाईश छोड़ी गयी है.शायद मेकर्स किसी नए चेहरे के साथ भविष्य में इस फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाए

टॉम क्रूज फिर शानदार

टॉम क्रूज के बारे में यह बात कही जा सकती है कि उनके चेहरे पर उम्र भले दिखने लगी है लेकिन जोश और जूनून के मामले वह अब भी किसी युवा की तरह हैं. वह एक्शन दृश्यों में बेजोड़ हैं. उनकी मौजूदगी ही है, जो यह फिल्म शुरू से अंत तक बांधे रखती है.पानी के अंदर वाला दृश्य उनके अभिनय क्षमता को भी दर्शाता है. बाकी के सपोर्टिंग किरदारों ने भी कहानी के साथ न्याय करते हुए अपने किरदार को पूरी विश्वसनीयता के साथ जिया है, क्रूज की इस फिल्म से भारतीय इन्फ्लुएन्सर और अभिनेत्री अवनीत कौर का नाम जोड़ा जा रहा था, लेकिन यह अफवाह ही रह गया है.

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Urmila Kori

लेखक के बारे में

By Urmila Kori

I am an entertainment lifestyle journalist working for Prabhat Khabar for the last 14 years. Covering from live events to film press shows to taking interviews of celebrities and many more has been my forte. I am also doing a lot of feature-based stories on the industry on the basis of expert opinions from the insiders of the industry.

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