Kartavya Movie Review :जरूरी फिल्म बनते बनते रह गयी सैफ के दमदार अभिनय से सजी कर्तव्य

कर्तव्य फिल्म, फोटो- इंस्टाग्राम
नेटफ्लिक्स पर आज रिलीज हुई सैफ अली खान की क्राइम थ्रिलर फिल्म कर्त्तव्य को देखने की प्लानिंग है तो इससे पहले पढ़ ले यह रिव्यु
फिल्म -कर्त्तव्य
निर्माता – रेड चिलीज
निर्देशक -पुलकित
कलाकार -सैफ अली खान, संजय मिश्रा, दुर्गेश सिंह,मनीष चौधरी, रसिका दुग्गल,युद्धवीर अहलावत और अन्य
प्लेटफार्म -नेटफ्लिक्स
रेटिंग – ढाई
kartavya movie review :समाज और सिस्टम की संड़ाध , भ्र्ष्टाचार और सामाजिक असमानता को उजागर करने वाला कंटेंट ओटीटी प्लेटफार्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इस शुक्रवार ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म “कर्तव्य” ढोंगी बाबाओं,अंधभक्ति,बाल यौन शोषण और ऑनर किलिंग जैसे अहम और गंभीर मुद्दों को उठाती है.जिस वजह से यह क्राइम थ्रिलर फिल्म एंटरटेनिंग बनने से पहले जरुरी फिल्म बनना इसकी सबसे अहम जरूरत थी.फिल्म का कांसेप्ट और कलाकारों का परफॉरमेंस दोनों दमदार है लेकिन इसके बावजूद यह क्राइम ड्रामा जरूरी फिल्म में शामिल नहीं हो पायी है क्योंकि फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कमजोर रह गया है.
ये है कहानी
कहानी की बात करें तो हरियाणा के काल्पनिक कस्बे झामली थाने के एसएचओ पवन (सैफ अली खान ) की कहानी है .कहानी उसके जन्मदिन के सेलिब्रेशन से शुरू होती है. मालूम पड़ता है कि दिल्ली से पत्रकार रीमा दत्ता झामली के विवादित गॉडमैन आनंद (सौरभ द्विवेदी ) को एक्सपोज करने के सिलसिले में झामली आई हैं .पत्रकार के सुरक्षा की जिम्मेदारी पवन को मिली है .रीमा दत्ता इससे पहले आनंद श्री पर सवाल उठा पाती थी. रास्ते में ही एक मुठभेड़ में उनकी हत्या हो जाती है।सिस्टम की गाज पवन पर गिरती है। उसे सस्पेंशन का आर्डर आने वाला होता है लेकिन वह केस को सात दिनों में सॉल्व करने की जिम्मेदारी लेता है. जिसके बाद जांच में पत्रकार के ह्त्या की सुई एक नाबालिग लड़के तक पहुंचती और गॉडमैन आनंद श्री का नाम आता है.आनंद श्री से क्या उस नाबालिग लड़के को पवन बचा पाएगा। आनंद श्री झामली का स्वयंभू धर्मगुरु है। क्या वह पवन को उसके कर्त्तव्य को निभाने देगा।पवन की प्रोफेशनल ही नहीं बल्कि निजी जिंदगी में भी उथल पुथल मची हुई है. उसके भाई ने दूसरी जाति की लड़की से भागकर शादी कर ली है .जिस वजह से पंचायत ही नहीं बल्कि उसके पिता भी अपनी झूठी इज्जत के लिए उसके भाई को मारना चाहते हैं. क्या उस बच्चे और अपने भाई को पवन बचा पाएगा या नहीं यहीआगे की कहानी है।
फिल्म की खूबियां और खामियां
असल घटना पर आधारित फिल्म ‘भक्षक’ के बाद निर्देशक पुलकित और निर्माता शाहरुख़ खान की कम्पनी रेड चिलीज इस बार रीयलिस्टिक ट्रीटमेंट वाली कहानी के साथ स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स से जुड़े हैं.फिल्म फर्जी बाबाओं, उनसे जुड़ी अंध श्रद्धा, शोषण,ऑनर किलिंग जैसे कई मुद्दों को खुद में समेटे हैं. अब तक कई फिल्मों और वेब सीरीज में इन पर बात हो चुकी है. इससे इंकार नहीं है, लेकिन यह मुद्दा अभी भी ज्वलंत है. इसमें भी कोई दो राय नहीं है इसलिए इस पर बात होती रहनी चाहिए हालाँकि फिल्म की स्क्रिप्ट इस पर बात ही करती है. गहरे में नहीं उतरती है.जिससे फिल्म खत्म होने के बाद भी अधूरी सी लगती है. यही इस फिल्म की सबसे बड़ी दिक्कत है. हालाँकि मामला बोझिल नहीं हुआ है. फिल्म में लगातार कुछ ना कुछ चलता रहता है. जिससे यह आपको बांधे रखती है.शुरुआत असरदार ढंग से होती है लेकिन सेकंड हाफ में चीजें आनन फानन में समेटती हुए दिखती है. फिल्म का क्लाइमेक्स कमजोर रह गया है. उससे जुड़ा सस्पेंस प्रेडिक्टेबल है.आनंद श्री का किरदार बेहद सतही रह गया है.जिसने फिल्म के प्रभाव को भी कमजोर कर दिया है.फिल्म के संवाद अच्छे बन पड़े हैं.बैकग्राउंड स्कोर भी कहानी के साथ न्याय करता है.
सैफ और युद्धवीर की अभिनय कमाल
यह फिल्म सैफ अली खान की है.उन्होंने अपने किरदार के हरियाणवी एक्सेंट ही नहीं बल्कि गुस्सा, बेबसी,बेचैनी,कमजोरी, हताशा को भी अपने में आत्मसात किया है. सैफ के बाद बाल कलाकार युद्धवीर अहलावत ने अपनी छाप छोड़ी है.जाकिर हुसैन,संजय मिश्रा और मनीष चौधरी की भी तारीफ बनती है. रसिका दुग्गल और दुर्गेश कुमार अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय करते हैं.अभिनेता के तौर पर सौरभ द्विवेदी कमजोर साबित हुए हैं. बाकी के किरदारों ने अपनी अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Urmila Kori
Loading Review Hub...
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










