ePaper

करोड़ रुपये का ऑफर मिलने के बावजूद लता दीदी ने शादी में गाने से कर दिया था इनकार...जानें वजह

Updated at : 28 Sep 2022 2:38 PM (IST)
विज्ञापन
करोड़ रुपये का ऑफर मिलने के बावजूद लता दीदी ने शादी में गाने से कर दिया था इनकार...जानें वजह

स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आज 93वीं जयंती है. इस मौके पर एक बार फिर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. ऐसे में क्या आपको पता है कि लता जी ने एक बार करोड़ों रुपये का ऑफर ठुकरा दिया था.

विज्ञापन

स्वर कोकिला लता मंगेशकर आज भी अपने गानों के जरिए सभी के यादों में बनी हुई हैं. आज लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी है. स्वर कोकिला लता दीदी हर सिंगर की आइडल रही हैं. हर घर में आज भी उनके गाने गाये जाते हैं. एक कार्यक्रम में सिंगर आशा भोंसले ने लता दीदी के बारे में कई दिलचस्प बात की थी. एक नजर उस खास बातचीत पर…

गरिमा को हमेशा बरकरार रखा

ना भूतों ना भविष्य ऐसी ना मिलेगी ना होगी. गले में सरस्वती. बुद्धि में चाणक्य…बहुत बुद्धिमान लड़कीं थी. दूर दूर तक का विचार करती थी. कहां जबान खोलनी है. वो बराबर जानती थी. मुझे बोलती थी, तू हमेशा बड़ बड़ करती रहती है. वो हमें डांटती और मारती थी और हम भी उसको मारते थे. वो भागने में बहुत तेज थी, उसको पकड़ने का एक ही तरीका होता था छोटी. छोटी पकड़ में आ गयी तो वो टूट जाती थी. खेलने की बहुत शौकीन. गिल्ली डंडा बहुत पसंद था. चांदनी रात में भी हम खेलते थे. उसको काला रंग भी पसंद था पिंक भी लेकिन उसने सफेद को अपना लिया उसको किसी ने पंजाबी शूट, पैंट शर्ट और जीन्स में नहीं देखा. उसने अपने नाम की गरिमा को हमेशा बरकरार रखा.

आई बाबा के पैर धोकर थी पीती

वो आई बाबा को बहुत प्यार करती थी. मैं आपको एक बात बता दूं शायद वो आपलोगों को सच ना लगे. मेरे पिताजी और मां सोए थे. सोलापुर शहर था. मैं छह साल की थी. दीदी मुझसे चार साल बड़ी. वो कहती कि जो माता पिता के पैर का पानी पीता है. वो बड़ा बनता है. मैन बोला क्या करना है. उसने बोला एक बर्तन में पानी लेकर आ. पानी लेकर आयी, उन्होंने वो पानी मां पिताजी के पैरों में डाला और हाथों में पानी लेकर बोली पी लें. मैंने बोला तू पीएगी तो मैं भी पिऊंगी. हमने वो पी ली. आज के जमाने में कोई ऐसा करेगा. हाथ का पानी भी नहीं पियेंगे बोलेंगे धोकर आओ. दीदी आई बाबा को बहुत प्यार करती थी.

103 बुखार में भी की थी शूटिंग

पिताजी के गुजर जाने के बाद वो 13 साल की उम्र में ही काम पर लग गयी. एक बार उसे 103 डिग्री बुखार था. मां ने कहा कि आज शूटिंग पर मत जा, लेकिन उसने कहा कि जाना पड़ेगा. प्रोड्यूसर ने कहा कि आना होगा. उसमें वह परी बनी थी लटकते हुए गाना गाना था. उसने बुखार में वो किया. एक आर्टिस्ट को कितना कष्ट सहना पड़ता है. सोचती हूं तो बहुत दुख होता है.

रिकॉर्ड पर प्लेबैक सिंगर्स का नाम जोड़ा

सन 1940 की ये बात है. जब रिकॉर्ड के ऊपर सिंगर का नाम नहीं आता था. एक्टर का नाम आता था. मैं उसकी चमची थी. साथ में जाती थी. मैंने कहा दीदी गाना तुम्हारा गाया है, लेकिन नाम तुम्हारा नहीं है. उसने कहा शांत.. समय पर हर बात कहनी चाहिए. ये मेरे में नहीं था, इसलिए सभी बहनें मुझे हब्ब, पहलवान, पठान इसी नाम से बुलाते थे. मेरे पिताजी और दीदी मुझे हब्ब कहकर बुलाते थे, मतलब दिमाग कम. समय आया जब उसका पहला गाना हिट हुआ आएगा आएगा आनेवाला. इस गाने के साथ उसका वक्त भी आ गया. उसने प्रोड्यूसर से कहा कि मेरा नाम मेरे रिकॉर्ड पर आना चाहिए लता मंगेशकर. और प्रोड्यूसर को मानना पड़ा.ये बात हर प्लेबैक सिंगर को मानना पड़ेगा कि आज जो वो खुद को प्लेबैक सिंगर कहकर बुलाते हैं. वो कभी भी किसी को पता नहीं होते थे. मैं भी नहीं होती अगर दीदी नहीं होती क्योंकि रिकॉर्ड पर नाम ही नहीं होता था. उस जमाने में फोटोज भी नहीं होते थे तो एक्ट्रेस का नाम चला जाता था.

फिर स्क्रीन पर लाया सिंगर्स का नाम

थोड़े दिन बाद उसने क्या किया कि स्क्रीन पर म्यूजिक डायरेक्टर्स से पहले प्लेबैक सिंगर्स का नाम जाए. इसके लिए निर्माताओं से बात करनी शुरू कर दी. ये उसने सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि सभी सिंगर्स के लिए किया. इस बार भी कई प्रोड्यूसरों ने दंगा किया. वो अपने शब्दों में कहती देखिए आप नहीं सुनेंगे तो मैं गाना नहीं गाऊंगी. फिर नाम आने लगे. आजकल नाम नहीं आते हैं प्लेबैक सिंगर्स के शायद फिर जमाना बदल गया है.

सिंगर्स को रॉयलिटी भी दिलायी

कुछ वक्त बिता ही था कि उसने कहा कि मुझे रॉयलिटी चाहिए. सभी प्रोड्यूसर एक हो गए उस जमाने के सभी रथी महारथी लोग. दीदी ने पूछा आशा तू मेरे साथ है. मैंने बोला हां दीदी. वो बोली ये लोग नहीं मानेंगे अगर हम गाना गाते रहें. मैंने बोला दीदी छोड़ देंगे. दीदी की दलील थी कि प्रोड्यूसर और म्यूजिक लेबल हजारों करोड़ो रूपये हमारे गाने से कमाते हैं और हमें 500 और एक हजार रुपये देते हैं. उनलोगों ने कहा कि आप हैं कौन? आप बस एक इंस्ट्रूमेंट्स हो. गाना कोई और लिखता है. धुन कोई और बनाता है उन्होंने कहा कि मोहे पनघट पर फिर नौशाद साहब से ही गवा लीजिएगा. थोड़े समय बाद आखिर सभी मान गए.

शादी में गाने से किया था इनकार

एक शादी में हमको बुलाया गया था.विदेश में थी. आयोजक ने दीदी को एक करोड़ का आफर देते हुए कहा था कि आशा और आप साथ गाएंगी तो एक करोड़ रुपये आपको मिलेंगे. दीदी ने मुझसे बात की और फिर आयोजक को कहा कि आप एक नहीं दस करोड़ भी देंगे तो हम नहीं गाएंगी. क्योंकि हम शादी में नहीं गाती हैं. वो संगीत को पूजा समझती थी.

विदेश में गाने का चलन दीदी ने किया शुरू

आज भारतीयों को पूरी दुनिया में सम्मान दिया जाता है. हमारे वक्त में जो भी भारत से लंदन सिंगिंग का प्रोग्राम करने जाता था. वो वहां के घरों में करता था. हम नहीं जाते थे. दीदी ने कहा कि मैं लंदन प्रोग्राम करने तभी आऊंगी अगर वो रॉबर्ट अल्बर्ट हॉल में होगा. कभी किसी इंडियंस ने उसमें प्रोग्राम नहीं किया था, क्योंकि वहां उनके प्रोग्राम पर प्रतिबंध था, लेकिन दीदी ने किया और पूरा लंदन आ पहुंचा था. उसके बाद मैंने भी वहां शो किया. उसने तब कहा था कि सिंगर बराबरा स्ट्रिसन्द न्यूयॉर्क के जिस हॉल में गाती है. मैं भी वही गाऊंगी. वो भी हॉल किसी इंडियन को नहीं मिलता था. उसमें भी दीदी ने गाया. आज जो इंडियन सिंगर्स विदेश में शो करने जाते हैं. दीदी ने ही सबके लिए दरवाजे खोलें हैं.

विज्ञापन
कोरी

लेखक के बारे में

By कोरी

कोरी is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola