रुनी मारा को पसंद है स्वाभाविक नजर आना

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jul 2013 10:37 AM

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हॉलीवुड की अभिनेत्री रुनी मारा सादगी पसंद महिला हैं और उन्हें आम दिनों में बिना मेकअप के रहना पसंद हैकांटैक्ट म्यूजिक की खबरों के मुताबिक, अभिनेत्री मारा ने बताया कि वह अपनी त्वचा की देखभाल सही खान पान के जरिए करती हैं. उनका मानना है कि सौंदर्य प्रसाधन के उपयोग से उनका रुप रंग भयानक […]

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हॉलीवुड की अभिनेत्री रुनी मारा सादगी पसंद महिला हैं और उन्हें आम दिनों में बिना मेकअप के रहना पसंद हैकांटैक्ट म्यूजिक की खबरों के मुताबिक, अभिनेत्री मारा ने बताया कि वह अपनी त्वचा की देखभाल सही खान पान के जरिए करती हैं. उनका मानना है कि सौंदर्य प्रसाधन के उपयोग से उनका रुप रंग भयानक हो जाएगा.

मारा ने कहा ‘‘मेरे लिए प्राकृतिक रुप रंग ही मायने रखता है. मुङो स्वाभाविक दिखना पसंद है. मैं जैसी हूं, वैसी ही नजर आना चाहती हूं. आम दिनों में मैं अभी भी मेकअप नहीं करती और यह कोशिश मेरे लिए प्रतिकूल हो सकती है.’’28 वर्षीय अभिनेत्री कास्मेटिक्स के इस्तेमाल के बजाय अपनी त्वचा की सही देखभाल करना ही पसंद करती हैं.

अफगानिस्तान में सेवा के लिए मेजर कमलजीत सिंह कालसी को ‘ब्रांज स्टार मेडल’ से सम्मानित किया गया, वहीं कैप्टन तेजदीप सिंह रत्तन ने अफगानिस्तान में ही उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘नाटो मेडल’ हासिल किया. विशेषज्ञ सिमरन प्रीत सिंह लांबा ने ‘मिलिटरी एक्सेसन्स वाइटल टू नेशनल इंटरेस्ट’ :एमएवीएनआई: प्रोग्राम से सफलतापूर्वक स्नातक कोर्स किया.

हेगल ने कहा, ‘‘इन सैनिकों की उपलब्धि और अपनी आस्था का पालन करते हुए अभियान संबंधी जरुरतें पूरी करने की उनकी क्षमता को देखते हुए हमें लगता है कि अब समय आ गया है जब हमारी सेना सिख अमेरिकियों को दायित्व सौंपे.’’पत्र में कहा गया है कि प्रथम विश्व युद्ध से सिखों ने अमेरिकी सेना में अपनी सेवाएं दी हैं और कनाडा, भारत तथा ब्रिटेन में भी उन्हें सशस्त्र बलों में सेवाएं देने की अनुमति है.

अमेरिकी सेना में सिखों के काम करने की परंपरा पुरानी और प्रथम विश्वयुद्ध से है. इसमें बदलाव 1980 के दशक में हुआ जब सेना ने ड्रेस कोड लागू किया जिसके बाद भविष्य में सिखों को इसमें शामिल करने पर रोक लगा दी गई. दाढ़ी और काटे न जाने वाले केश की वजह से उन्हें विशेष अनुमति के बिना सेना में अपनी सेवाएं देने की अनुमति नहीं है.क्राउले के अनुसार, अगर सिख अमेरिकी शिक्षित हैं तो यह मानना चाहिए कि वह अमेरिकी सेना में अपनी सेवाएं देने योग्य हैं.

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