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The Raja Saab Review: श्राप, भय और भावनाओं के ताने-बाने में बंधी कहानी 'द राजा साब', प्रभास और संजय दत्त ने छोड़ी गहरी छाप

Updated at : 09 Jan 2026 2:06 PM (IST)
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The Raja Saab Review

द राजा साब रिव्यू, फोटो- इंस्टाग्राम

The Raja Saab Review: ‘द राजा साब’ का कहानी बहुत दिलचस्प है. फिल्म का भव्य सेट और जबरदस्त वीएफएक्स दर्शकों को एक जादुई अनुभव देंगे. मूवी में प्रभास के अलावा संजय दत्त, बोमन ईरानी, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार ने काम किया हैं.

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  • फिल्म समीक्षा: द राजा साब
  • कलाकार: प्रभास, संजय दत्त, बोमन ईरानी, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार, ज़रीना वहाब, समुथिरकानी
  • निर्देशक: मारुति दासारी
  • निर्माता: टी. जी. विश्वा प्रसाद
  • प्रोडक्शन हाउस: पीपल मीडिया फ़ैक्ट्री
  • अवधि: 3 घंटे 06 मिनट
  • रेटिंग : 3.5

The Raja Saab Review: प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म की कहानी राजू (प्रभास) से शुरू होती है. राजू की पूरी दुनिया उसकी दादी गंगा देवी (जरीना वहाब) के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है. गंगा देवी बीमारी, याददाश्त की कमजोरी और अकेलेपन से जूझ रही हैं. उनकी हालत उस दिन के बाद लगातार बिगड़ती चली गई, जब एक पवित्र देवी का हार चोरी हो गया और उसे ढूंढने के लिए उनके पति कनकराजू (संजय दत्त) घर से निकले, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटे. डॉक्टरों का मानना है कि अगर गंगा देवी एक बार अपने पति को फिर से देख लें, तो उनकी स्मृति और स्वास्थ्य में चमत्कारी सुधार आ सकता है. इसी आखिरी उम्मीद को थामे राजू अपने लापता दादा की तलाश में हैदराबाद की ओर निकल पड़ता है.

राजू के सामने आता है उसका अतीत

इस सफर में राजू को उसके परिवार के दबे हुए अतीत, छिपे गुनाहों और अधूरे सच से आमने-सामने ला खड़ा करता है. इस यात्रा में अनीता (रिद्धि कुमार) और भैरवी (मालविका मोहनन) उसकी लाइफ में कई नयी सारी चीजें लेकर आती है, जो उसे फैसलों को नयी दिशा देती हैं. कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, संजय दत्त का फ्लैशबैक ट्रैक फिल्म को एक अलग ही गंभीरता प्रदान करता है, जहां संघर्ष सिर्फ बाहरी टकराव तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी तीखा रूप ले लेता है.

प्रभास और जरीना वहाब के सीन करेंगे इमोशनल

प्रभास, राजू के किरदार में अपने अभिनय से पर्दे पर गहरी छाप छोड़ते हैं. जरीना वहाब के साथ अस्पताल में फिल्माए गए उनके सीन फिल्म के सबसे भावुक और यादगार पलों में शामिल हैं, जहां खामोशी ही सबसे प्रभावी संवाद बनकर उभरती है. वहीं संजय दत्त का किरदार केवल एक पारंपरिक खलनायक नहीं, बल्कि बीते हुए जख्मों को दिखाता है. बोमन ईरानी भी एक निर्णायक मोड़ पर कहानी को मजबूती देते हुए अपने किरदार से फिल्म को संतुलन देते हैं. मारुति दासारी ने फिल्म में हॉरर, फैंटेसी और इमोशन को बहुत दमदार तरीके से दिखाते हैं.

यह भी पढ़ेंThe Raja Saab X Review: प्रभास की फिल्म का रिव्यू आया सामने, नेटिजन्स ने मूवी को लेकर X पर क्या कहा, जानें हिट हुई या फुस्स?

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Divya Keshri

लेखक के बारे में

By Divya Keshri

मेरा नाम दिव्या केशरी है. मैं प्रभातखबर.कॉम में एंटरटेनमेंट लीड के तौर पर काम कर रही हूं. पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से मैं ग्लैमर और सिनेमा की दुनिया को कवर कर रही हूं. मेरा पूरा फोकस फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT के ट्रेंडिंग अपडेट्स पर रहता है. मैं आपके लिए फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस का पूरा हिसाब-किताब लेकर आती हूं. लिखते वक्त मेरी एक ही कोशिश रहती है- बात चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे बिल्कुल आसान और मजेदार तरीके से कहूं. ताकि आप खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे कनेक्ट भी कर पाएं.

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