शाहरुख ने खरीदे 6.84 लाख रुपये में ''मुगल-ए-आजम'' के दो मूल पोस्टर

Updated at : 19 Dec 2014 3:15 PM (IST)
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शाहरुख ने खरीदे 6.84 लाख रुपये में ''मुगल-ए-आजम'' के दो मूल पोस्टर

नयीदिल्ली : बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता शाहरुख खान ने मुंबई में ओशियन की दुर्लभ और पुरानी फिल्मों से जुडी यादगार चीजों की नीलामी में ‘मुगल-ए-आजम’ के दो मूल पोस्टर 6.84 लाख रपये में खरीदे. वहीं राजकपूर और नर्गिस की फिल्म ‘श्री 420’ के छाते वाले दृश्य को दिखाने वाली अर्पणा कौर की पेंटिंग ‘प्यार हुआ, […]

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नयीदिल्ली : बॉलीवुड के जानेमाने अभिनेता शाहरुख खान ने मुंबई में ओशियन की दुर्लभ और पुरानी फिल्मों से जुडी यादगार चीजों की नीलामी में ‘मुगल-ए-आजम’ के दो मूल पोस्टर 6.84 लाख रपये में खरीदे. वहीं राजकपूर और नर्गिस की फिल्म ‘श्री 420’ के छाते वाले दृश्य को दिखाने वाली अर्पणा कौर की पेंटिंग ‘प्यार हुआ, इकरार हुआ’ 7.5 लाख रुपये में बिकी.

टीपू सुल्तान की एक सोने की अंगूठी मई में लंदन में हुई नीलामी में अनुमानित कीमत से 10 गुना ज्यादा कीमत पर 145,000 पौंड में बिकी. नीलामी गृह क्रिस्टी ने 41.2 ग्राम की यह अंगूठी खरीदने वाले का नाम उजागर नहीं किया. वहीं बताया जाता है कि श्रीरंगपट्टिनम में 1799 में ब्रिटिश इंडिया कंपनी के सैनिकों से लडाई में टीपू सुल्तान के मारे जाने के बाद उनके शव से यह अंगूठी निकाली गयी थी. इस अंगूठी पर देवनागरी लिपि में भगवान राम का नाम लिखा है.

जून में ब्रिटिश गुयाना का दो सदी पुराना विश्व का सबसे प्रसिद्ध डाक टिकट न्यूयार्क में एक नीलामी में करीब 95 लाख डॉलर में बिका. नीलामीकर्ताओं के अनुसार, यह अब तक का सबसे महंगा बिका डाक टिकट है. इससे पहले भी यह टिकट तीन बार बिक चुका है और हर बार रिकार्ड कीमत पर बिका.

दक्षिण अमेरिका में स्थित पूर्व ब्रितानी उपनिवेश ब्रिटिश गुयाना का यह टिकट वर्ष 1856 में जारी हुआ था. कई महत्वपूर्ण डाक टिकट संग्रहों का हिस्सा रहा यह डाक टिकट दुनिया का सबसे दुर्लभ डाक टिकट है. दिसंबर में लॉसएंजिलिस में अभिनेत्री मार्लिन मुनरो से जुडी यादगार चीजों की एक नीलामी में, मुनरो द्वारा लिखी एक पटकथा और पति आर्थर मिलर को लिखा एक पत्र 44,000 डॉलर में बिका.

मुनरो का सिल्क का कोट 1,75,000 डॉलर में बिका जबकि उनका चर्चित काले मोतियों वाला हार 37,500 डॉलर भारतीय परमाणु उर्जा कार्यक्रम के जनक होमी जे भाभा का बंगला ‘मेहरानगीर’ हो, या बॉलीवुड की फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ के मूल पोस्टर हों या फिर मैसूर के शेर टीपू सुल्तान की ‘राम’ के नाम वाली अंगूठी हो, पसंदीदा वस्तुओं के संग्रहकर्ताओं ने कीमत की परवाह नहीं की और अपने दिल की आवाज सुन कर नीलामी में रिकॉर्ड बनाए.

रोचक बात यह रही कि खरीदारों में से ज्यादातर ने अपनी पहचान गुप्त रखी. भारतीय परमाणु उर्जा कार्यक्रम के जनक होमी जे भाभा का प्रतिष्ठित बंगला ‘मेहरानगीर’ 372 करोड रुपए में नीलाम हुआ. बंगले का आरक्षित मूल्य 257 करोड रुपए तय किया गया था, लेकिन यह इससे 115 करोड रुपए ज्यादा में बिका. दक्षिण मुंबई के आलीशान मालाबार हिल इलाके में 1,593 वर्ग मीटर के भूखंड पर बने इस बंगले के संरक्षक नेशनल सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट्स ने जून में यह बंगला नीलाम किया. बंगला खरीदने वाले के आग्रह पर उसकी पहचान उजागर नहीं की गई.

पिछले कुछ अर्से से ‘मेहरानगीर’ को भारतीय परमाणु ऊर्जाकार्यक्रम के जनक के सम्मान में संग्रहालय में तब्दील करने की मांग की जा रही थी. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. फरवरी में मुंबई में कई नामचीन हस्तियों की कुल 16 महत्वपूर्ण सामानों की परमार्थ कार्यों के लिए नीलामी की गयी तथा कुल 1.74 करोड रपए जुटाए गए. इस नीलामी में अमजद अली खान के हस्ताक्षर वाला सरोद 16 लाख रपए में नीलाम हुआ जिसे खान ने 1990 से 2013 के बीच इस्तेमाल किया था.

सितंबर में मुंबई में आधुनिक चित्रकार एस एच रजा की कृति ‘भूमि’ को 5.3 करोड रुपये में ऑनलाईन नीलाम किया गया. आस्टागुर द्वारा की गयी इस नीलामी में एम एफ हुसैन द्वारा 1980 के दशक के उत्तरार्ध में कराकश में भारतीय व्यापार मेले के प्रवेश द्वार के लिए तैयार की गई एक पेन्टिंग को दूसरी सर्वाधिक 1.83 करोड रपये की बोली प्राप्त हुई.

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