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खास बातचीत : बोले एक्टर आलोक पांडेय - ''रंगमंच का अनुशासन ही काम आता है''

Updated at : 18 Aug 2019 11:22 AM (IST)
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खास बातचीत : बोले एक्टर आलोक पांडेय - ''रंगमंच का अनुशासन ही काम आता है''

पिछले सात वर्षों में बॉलीवुड के टॉप डायरेक्टर्स के साथ ‘पीके’, ‘धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘लखनऊ सेंट्रल’ और ‘प्रेम रतन धन पायो’ जैसी दस फिल्में करनेवाले आलोक पांडेय आजकल जॉन अब्राहम के साथ हालिया रिलीज फिल्म ‘बाटला हाउस’ को लेकर चर्चा में हैं. ‘बाटला हाउस’ में वे जॉन के अपोजिट लीड निगेटिव किरदार में […]

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पिछले सात वर्षों में बॉलीवुड के टॉप डायरेक्टर्स के साथ ‘पीके’, ‘धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘लखनऊ सेंट्रल’ और ‘प्रेम रतन धन पायो’ जैसी दस फिल्में करनेवाले आलोक पांडेय आजकल जॉन अब्राहम के साथ हालिया रिलीज फिल्म ‘बाटला हाउस’ को लेकर चर्चा में हैं. ‘बाटला हाउस’ में वे जॉन के अपोजिट लीड निगेटिव किरदार में हैं. पिछले दिनों अपनी शार्ट फिल्म ‘कककक…किरण’ के किरदार को लेकर वाहवाही बटोर रहे आलोक पांडेय ने प्रभात खबर से खास बातचीत में अपनी जर्नी से जुड़ी कई खास बातें शेयर कीं.

-शॉर्ट फिल्म ‘कक्क्क…किरण’ का अनुभव कैसा रहा?
‘कक्क्क…किरण’ की सबसे खास बात यह थी कि इसके निर्देशक गौरव स्क्रिप्ट से स्क्रीनप्ले तक को लेकर बहुत क्लियर थे. जब हम दोनों ने पहले बार कहानी डिस्कस की, तब से शूट कंप्लीट होने तक हमारी पूरी टीम के मन में कोई दुविधा नहीं थी. मुझे पूरा फ्रीडम दिया गौरव ने इस किरदार के साथ खेलने का. जब निर्देशक इस तरह की आजादी देता है, तो किरदार खुल कर सामने आता है. हां, जून में दिल्ली की गर्मी में शूट करना थोड़ा परेशान करने वाला रहा, पर अब फिल्म रिलीज के बाद दर्शकों से मिल रही प्रतिक्रिया से मन अभिभूत है. दर्शकों और अपने फैंस का शुक्रगुजार हूं.
-‘बाटला हाउस’ जैसी बड़ी फिल्म का अहम किरदार कैसे मिला?
निखिल सर (आडवाणी ) के साथ मैंने ‘लखनऊ सेंट्रल’ की थी. जिस रात फिल्म का प्रीमियर शो था, उसी रात निखिल सर ने मुझसे कहा तू मेरी अगली पिक्चर ‘बाटला हाउस’ कर रहा है. पहले तो मुझे लगा सर ने ऐसे ही बोल दिया, पर बाद में निखिल सर ने सचमुच वादा पूरा किया.
-क्या लगता है, सात साल का इंतजार अब फलने लगा है?
मैं बहुत आगे की नहीं सोचता. बस वर्तमान में मेहनत करता रहता हूं. कोशिशों में कोई कमी नहीं रखता. हां, अब लग रहा है कि लोग नोटिस करने लगे हैं. वैसे 2019 मेरे लिए खास रहा है. इस साल मैंने पांच फिल्में कीं. उनमें से दो रिलीज हो चुकी हैं. तीन आनेवाली हैं. इस साल मैं लगातार शूट कर रहा हूं.
-संघर्ष में खुद को कैसे संभाला?
संघर्ष के वक्त जब भी थोड़ा कमजोर पड़ता हूं, पलट कर परिवारवालों को देख लेता हूं. मेरे परिवारवालों ने मेरे लिए बहुत संघर्ष किया है. उनके आगे तो मेरा संघर्ष कुछ भी नहीं. फिर रंगमंच का अनुशासन और ईमानदारी का पाठ भी काम आता है. अपनी तैयारी पूरी रखता हूं. क्या पता कब लोअर ऑर्डर से सीधा ओपनिंग करने का मौका मिल जाये. जिंदगी आपको एक मौका तो जरूर देती है, उस दिन आपकी तैयारी ही काम आती है. ये सारी बातें ही हमेशा मुझे आगे बढ़ने की ताकत देती हैं.
-‘कक्क्क…किरण’ से थी खास अपेक्षाएं
पिछले दिनों रिलीज शार्ट फिल्म ‘कक्क्क…किरण’ की प्रतिक्रियाओं से अभिभूत आलोक बताते हैं इस फिल्म से उन्हें काफी उम्मीदें थीं. फिल्मेनिया एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म में आलोक ने एक साइको युवक का किरदार निभाया है, जो एक लड़की के एकतरफा प्यार में पड़ जाता है. गौरव द्वारा निर्देशित इस फिल्म को हाल के दिनों में सोशल मीडिया सहित राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय मंचों पर भी काफी सराहा गया है.
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