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रिमिक्स के ट्रेंड में बैलेंस होना जरूरी : अमाल मलिक

Updated at : 09 Feb 2019 8:26 AM (IST)
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रिमिक्स के ट्रेंड में बैलेंस होना जरूरी : अमाल मलिक

सिंगर कंपोजर अमाल मलिक सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा लिटिल चैंप्स में बतौर जज नजर आ रहे हैं. यह बतौर जज उनका पहला सिंगिंग रियलिटी शो हैं. अमाल खुश हैं कि सारेगामापा से उन्हें यह मौका मिला जिसका 25 साल का इतिहास है. अमाल मलिक की उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश. बच्चों के […]

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सिंगर कंपोजर अमाल मलिक सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा लिटिल चैंप्स में बतौर जज नजर आ रहे हैं. यह बतौर जज उनका पहला सिंगिंग रियलिटी शो हैं. अमाल खुश हैं कि सारेगामापा से उन्हें यह मौका मिला जिसका 25 साल का इतिहास है. अमाल मलिक की उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश.

बच्चों के सिंगिंग रियलिटी शो में भी ड्रामा खूब होता है .कई बार जजेस के साथ छोटे बच्चों के रोमांटिक एंगल को भी दिखा दिया जाता है ?

मैं आया हूं शो में तो फेक ड्रामा होने नहीं दूंगा. मैं अपनी बातों और विचारों में बहुत ही स्ट्रांग ओपिनियन रखता हूं. थोडी मस्ती और थोडा सस्पेंस ठीक है, लेकिन उससे ज्यादा नहीं. दूसरे रियैलिटी शो ऐसा करते हैं. सारेगामापा में मुझे नहीं लगता है कि इस तरह के ड्रामे होते हैं. यहां सिंगिंस से आगे बढते हैं.आपकी पर्सनालिटी क्या है. अगर आवाज अच्छी है .सुर और ताल में दम है और फील है तो मेरे लिए काफी है.

क्या आप कभी रियलिटी शो में बतौर प्रतियोगी जुड़े थे?

मैं कभी रियलिटी शो का हिस्सा नहीं बना. अपने भाई अरमान को मैं प्रशिक्षित कर रहा था, ताकि वो रियलिटी शो का हिस्सा बन सके. मैं उसका सपोर्ट सिस्टम था. मैं हर दिन उसको कोर्ड बोर्ड देकर उसे प्रशिक्षित करता था ताकि वो अच्छा परफॉर्मेंस दे सकें. छोटी उम्र से ही मुझे फैमिली का स्ट्रेस उठाना पड़ा था. 16 साल की उम्र में मैं बहुत सारे कंपोजर का असिस्टेंट बन गया था. मुझे समय नहीं मिला ये सब सोचने का कि मैं सिंगिंग रियलिटी शो करूं. पैसे कमाने थे. हमारा परिवार अच्छे दौर से नहीं गुजर रहा था इसलिए वो जरूरत थी. मेरी मां ज्योति मल्लिक , पिता डब्बू मल्लिक और भाई अरमान मल्लिक हम बहुत ही पीड़ा से गुजरकर यहां तक पहुंचे हैं. जिसके लिए हम हमेशा भगवान के आभारी रहेंगे.

रीमिक्स के बढ़ते ट्रेंड पर आपकी क्या राय है?

आज रिमिक्स इसलिए ज्यादा है क्योंकि आज जो सोलह साल के बच्चे हैं उन्होंने आंख मारे नहीं सुना है. उनके लिए नया सांग है. अगर आप अच्छे से रिमिक्स करो. जैसे तनिष्क ने आंख मारे या दिलबर किया है. वो ओरिजिनल गाने के एसेंस को रखते हुए उस गाने को ट्रिब्यूट है. रिमिक्स भी एक आर्ट है. मुझे परेशानी ये है कि रीमिक्स में शोर का इस्तेमाल हो रहा है. ट्रेंड बढ़ता ही जा रहा है. एक बैलेंस होना जरूरी है. मैं रिमिक्स के नाम पर कुछ भी नहीं कर सकता हूं यही वजह है कि पिछले एक साल में मुझे 16 से 17 फिल्में छोड़नी पड़ी क्योंकि सबमें रिमिक्स थे. मैं सिर्फ रिमिक्स नहीं कर सकता हूं. मुझे ओरिजिनल गाने करने हैं.

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