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इस एक्‍टर की छठी फिल्‍म को मिली ऑस्‍कर में इंट्री, आमिर संग ''लगान'' में आ चुके हैं नजर...

Updated at : 25 Sep 2017 10:37 AM (IST)
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इस एक्‍टर की छठी फिल्‍म को मिली ऑस्‍कर में इंट्री, आमिर संग ''लगान'' में आ चुके हैं नजर...

मुंबई: इनदिनों हर तरफ देश में फिल्‍म ‘न्‍यूटन’ की चर्चा हो रही है. चर्चा का कारण भी खास है. दरअसल राजकुमार राव अभिनीत इस फिल्‍म को ऑस्‍कर अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है. सभी राजकुमार राव, अमित मसूरकर और आनंद एल रॉय को बधाई दे रहे हैं. वहीं इस फिल्‍म में एक और कलाकार […]

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मुंबई: इनदिनों हर तरफ देश में फिल्‍म ‘न्‍यूटन’ की चर्चा हो रही है. चर्चा का कारण भी खास है. दरअसल राजकुमार राव अभिनीत इस फिल्‍म को ऑस्‍कर अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है. सभी राजकुमार राव, अमित मसूरकर और आनंद एल रॉय को बधाई दे रहे हैं. वहीं इस फिल्‍म में एक और कलाकार है जो बेहद अहम है. जी हां, हम बात कर रहे हैं रघुवीर यादव की. ‘न्‍यूटन’ उनकी छठी फिल्‍म है जो ऑस्‍कर के लिए नॉमिनेट हुई है.

बता दें कि रघवीर यादव फिल्‍म ‘लगान’ में ‘भूरा’ और ‘बैंडिट क्‍वीन’ में माधो का किरदार निभा चुके हैं. रघुवीर तीन दशक लंबे अपने करियर में छह फिल्मों का हिस्सा रहे हैं, जिन्हें आस्कर के लिए भेजा गया है. इनमें दीपा मेहता की वॉटर, कल्पना लाजमी निर्देशित रुदाली , शेखर कपूर की बैंडिट क्वीन और उनकी नई फिल्म न्यूटन शामिल हैं. उनकी दो फिल्मों, मीरा नायर की सलाम बॉम्बे और आमिर खान अभिनीत लगान ने ऑस्कर में अंतिम नामांकन पाया था.

लेकिन अभिनेता अवार्ड्स पर ध्‍यान नहीं देते. थियेटर एवं फिल्म अभिनेता रघुवीर यादव का कहना है कि पुरस्कार उनकी प्राथमिकता नहीं है और उनका जोर हमेशा अच्छे सिनेमा में काम करने पर रहता है. रघुवीर ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, मैंने कभी इन चीजों के बारे में नहीं सोचा, ना ही हिसाब लगाया , क्योंकि मेरा पूरा ध्यान बतौर अभिनेता अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर रहा.’

उन्‍होंने आगे कहा,’ मैं ऑस्कर के लिए फिल्म के जाने पर ध्यान नहीं देता, मुझे लगता है कि यदि फिल्म अच्छी होगी तो इसे वह प्यार और मान्यता मिलेगी, जिसकी वह हकदार है.’ अभिनेता ने कहा कि वह अपने किरदार के चयन को लेकर सजग रहते हैं और उन फिल्मों को तव्वजो देते हैं जिनके बारे में उन्हें लगता है कि यह दर्शकों पर प्रभाव छोडेगी.’

अभिनेता ने कहा, ‘यदि फिल्म अच्छी है तो यह कहीं भी जाए, चाहे यह ऑस्कर हो या अन्य पुरस्कार. जब पटकथा अच्छी होती है तो किसी को भी यह आइडिया मिल जाता है कि यह व्यवसायिक स्तर पर, या पुरस्कार के लिए और अंतराष्ट्रीय स्तर पर वाहवाही बटोर लेगी. एक निर्देशक की संवेदनशीलता सबसे ज्यादा मायने रखती है.’

उन्होंने कहा, यह एक गलत धारणा है कि व्यवसायिक फिल्में अच्छी नहीं हो सकती. वे अच्छी हो सकती हैं यदि वे अच्छे इरादे से बनाई गई हो. मैंने जिन फिल्मों में अभिनय किया है और जिन्होंने ऑस्कर के लिए नामांकन पाया, उन्हें नफे नुकसान के इरादे से नहीं बनाया गया.’ निर्देशक अमित मासूरकर की फिल्म न्यूटन में राजकुमार राव प्रमुख भूमिका में हैं. यह फिल्म 22 सितंबर को रिलीज हुई है.

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