Girmityas: भोजपुरी गिरमिटिया कथा सुन भीग गई आंखें, 200 साल पहले सूरीनाम में जा बसे भारतीय मजदूर की कहानी

Updated at : 09 Apr 2024 10:17 PM (IST)
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Girmitya

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Girmityas: 200 साल पहले भारत से सूरीनाम गये गिरमिटिया समाज को अपनी माटी से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन 9 अप्रैल को यूपीडीएफ ने किया.

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Girmityas: कार्यक्रम की प्रस्तुति नीदरलैंड निवासी राज मोहन और मानव डी व उनके साथी वरुण, सूंदर हीरा और किशन हीरा. नीदरलैंड के प्रसिद्द भोजपुरी अवधी गायक ने किया. जिसमें सुंदर हीरा और किशन हीरा सूरीनाम और नीदरलैंड में भोजपुरी संस्कृति के प्रसिद्द नृत्य लौंडा नृत्य की लाइव प्रस्तुति की.

भोजपुरी भाषा और संस्कृति में दम: अवनीश अवस्थी

कार्यक्रम में मौजूद अवनीश अवस्थी ने कहा, प्रदेश गिरमिटिया समाज का अपना घर है, माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने पहले दौरे में मॉरीशस ही गए थे. उन्होंने आगे कहा, भोजपुरी भाषा और संस्कृति में दम है इसके बढ़ोतरी के लिए सरकार काम कर रही और आगे बढ़ाने के लिए और काम करेगी. नीदरलैंड से आए कलाकार और उनके दल ने इस भाषा का दम दिखाया.

भारत आपका घर : स्वाति सिंह

वहीं स्वाति सिंह ने उन्हें कहा, भारत आपका घर है. भोजपुरी दिल की आवाज है, यहां से गए गिरमिटिया लोग आज उन देशों में सबसे उंचे पद पर बैठे हैं. उन्होंने कहा, महात्मा गांधी पहले गिरमिटिया थे.

200 साल पहले यूपी-बिहार से एक बड़ी संख्या मजदूर सूरीनाम और अन्य देशों में बस गए

आज से करीब 200 साल पहले भारत से, खासकर यूपी बिहार से एक बड़ी संख्या मजदूर सूरीनाम, मॉरिशस, गुयाना, त्रिनिदाद, अफ्रीका आदि देशों में ले जाए गए. जिन्हें आज गिरमिटिया समाज के नाम से जाना जाता है. अंग्रेजों ने इन मजदूरों को गन्ने के खेतों और कारखानों में काम करने के लिए ले गए थे. उसमें एक बड़ी आबादी बाद में सूरीनाम से आकर नीदरलैंड में बस गई. जहां आज भी भोजपुरी संस्कृति और संगीत उनके आधुनिक समाज का हिस्सा है. ये कलाकार यूरोपियन एवं कैरिबियन देशों में भोजपुरी में बैठक गाना, गीत गवई, गजल और रैप के सार्वजानिक कार्यक्रम करते रहते हैं. इस माध्यम से वे भारत की माटी और संस्कृति को यूरोप एवं अफ्रीका में बसे गिरमिटिया समाज से जोड़ते रहते हैं.

कार्यक्रम में कई लोग थे शामिल

कार्यक्रम में प्रदेश के गणमान्य व्यक्तियों के साथ बड़ी संख्या में कलाप्रेमी भी मौजूद थे. यूपीडीएफ के चेयरमैन पंकज जायसवाल ने बताया की फोरम प्रवासियों को जोड़ने के साथ ही भोजपुरी की परंपरागत संस्कृतियों को लोगों के बीच लाना चाहती है. ताकि इसकी समृद्ध संगीत कला व परंपरा से लोगों को परिचित कराया जा सके. इस तरह के कार्यक्रम देश और विदेश में किए जाने का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम में प्रदेश के विधान परिषद के सदस्य धर्मेन्द्र सिंह , मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और प्रदेश के पूर्व मंत्री सुश्री श्वाती सिंह मौजूद थीं. कार्यक्रम में अशोक चौबे, सुभाष कुशवाह, जय सिंह, अखंड शाही दीपक त्रिपाठी, अनन्या सिंह आदि उपस्थित थे.

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