ePaper

Bhabiji Ghar Par Hain के 11 साल पूरे होने पर सानंद वर्मा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैं असल जिंदगी में भी सक्सेना हूं

Updated at : 16 Nov 2025 8:44 PM (IST)
विज्ञापन
Bhabiji Ghar Par Hain Saanand Verma

फ्रेम में भाबीजी घर पर हैं के सानंद वर्मा, फोटो- इंस्टाग्राम

Bhabiji Ghar Par Hain: सानंद वर्मा ने ‘भाबीजी घर पर हैं’ के 11 साल पूरे होने पर बताया कि कैसे डॉ. सक्सेना उनका हिस्सा बन चुके हैं. उन्होंने टाइमिंग, कॉमेडी और अपने अनुभव भी खुलकर साझा किए.

विज्ञापन

Bhabiji Ghar Par Hain: कॉमेडी शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ की कल्पना डॉ. अनोखेलाल सक्सेना के बिना अधूरी लगती है. बीते 11 वर्षों से अभिनेता सानंद वर्मा इस मजेदार और अनोखे किरदार को निभा रहे हैं, जो आज एण्डटीवी के सबसे यादगार कैरेक्टर्स में से एक बन चुका है. अब शो के 11 साल का सफर पूरा होने पर सानंद वर्मा ने अपने अनुभव साझा किए और इस बेहद खास जर्नी को हंसी, सीख और दर्शकों के अपार प्यार से भरा हुआ बताया.

11 साल पूरे होने पर क्या बोले सानंद वर्मा?

सानंद वर्मा ने कहा, “लगभग 3000 एपिसोड के बाद, सक्सेना जी अब मेरे शरीर और दिमाग का हिस्सा बन चुके हैं. अब मुझे एक्टिंग के दौरान किसी हावभाव या प्रतिक्रिया के बारे में सोचना नहीं पड़ता, सब कुछ अपने आप हो जाता है. हमारे शो की ताजगी की असली वजह हमारे बेहतरीन लेखक हैं, जो हर बार नए किस्से और पंचलाइन लेकर आते हैं. जैसे ही दर्शकों ने हमारे किरदारों से जुड़ाव महसूस किया, शो की रफ्तार और भी मजबूत हो गई.”

कॉमेडी का संगीत से जुड़ाव

कॉमेडी को संगीत के साथ जोड़ते हुए सानंद कहते हैं, “कॉमेडी बिल्कुल संगीत की तरह होती है, सही टाइमिंग और रिदम ही उसकी आत्मा है! जैसे एक संगीतकार नोट्स का अभ्यास करता है, हम पंचलाइन की टाइमिंग पर काम करते हैं. आवाज का टोन या बस एक छोटा सा ठहराव भी पूरे मजाक का रंग बदल सकता है. हर कलाकार की अपनी टाइमिंग होती है, अपना सुर होता है. बेहतरीन कॉमेडी तभी बनती है जब लेखन, टाइमिंग और सह-कलाकारों की केमिस्ट्री एक साथ मेल खाती हैं. यही तीनों मिलकर जादू पैदा करते हैं.”

“मैं असल जिंदगी में भी सक्सेना ही हूं”

एक मजेदार खुलासा करते हुए सानंद वर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरे डायरेक्टर अक्सर कहते हैं कि मैं असल जिंदगी में भी सक्सेना ही हूं! हम दोनों कॉरपोरेट के दिनों से एक-दूसरे को जानते हैं, और उन्हें हमेशा लगता था कि मैं रियल लाइफ में भी उतना ही अटपटा हूं जितना पर्दे पर दिखता हूं. शायद यही वजह है कि यह किरदार मुझे इतनी सहजता से मिल गया. यह सफर बिल्कुल अनोखा और बेहद संतोषजनक रहा है, जिसे मैं कभी भी बदलना नहीं चाहूंगा.”

यह भी पढ़ें- De De Pyaar De 2 Box Office Collection Day 3: अजय देवगन की फिल्म की तीसरे दिन जबरदस्त पकड़, तृप्ति डिमरी और राजकुमार राव की फिल्मों को पछाड़ा

विज्ञापन
Sheetal Choubey

लेखक के बारे में

By Sheetal Choubey

मैं शीतल चौबे, प्रभात खबर डिजिटल की एंटरटेनमेंट कंटेंट राइटर. पिछले एक साल से ज्यादा समय से मैं यहां बॉक्स ऑफिस अपडेट्स, भोजपुरी-बॉलीवुड खबरें, टीवी सीरियल्स की हलचल और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. एंगेजिंग, फास्ट और रीडर-फ्रेंडली कंटेंट लिखना मेरी खासियत है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola